Thursday, December 5, 2019

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा 70 महानुभावों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया


दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या के अवसर पर गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के तत्वावधान में 24-25 नवम्बर 2019 को ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी व अंतर्राष्ट्रीय अचीवमेंट अवार्ड -2019 का शानदार आयोजन किया गया । जिसमे राष्ट्रीय विकास और सामाजिक सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश-विदेश के 70 महानुभावों को सम्मानित किया गया l

ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में 24-25 नवम्बर 2019 को गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी व अंतर्राष्ट्रीय अचीवमेंट अवार्ड-2019 का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि अशोक गोयल (DIG, चम्बल रेंज) सहित विशिष्ट अतिथियों द्वारा भगवान बुद्ध व संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया l उसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में फोर्ट इंटरनेशनल स्कूल के बच्चो ने बुद्ध वंदना, भीम वंदना व स्वागत गीत सुमधुर वाणी में प्रस्तुति दी l मंच संचालन करते हुए जया श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के कार्यकलापों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर कामराज (कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय),श्रीप्रकाश सिंह निमराजे (कार्यक्रम समन्वयक एवं अध्यक्ष, गोपाल किरन समाज सेवी संस्था),कपिल कुमार (बेल्जियम), रमा शर्मा (जापान),सरण घई (कनाडा), एहसानउल्ला पासा(USA), डॉ० अंजनी जलज, इंजी० आर.एस. वर्मा(IES), आर.बी.वर्मा(डायरेक्टर मौसम विभाग), स्वेता दत चौधरी (फिजी), डॉ० प्रोफेसर प्रवीण गौतम (GRMC) व जया श्रीवास्तव(सिंगर) आदि मंच पर मौजूद रहे l
अंतर्राष्ट्रीय अचीवमेंट अवार्ड -2019 कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, ग्रामीण परिवर्तन, शहरी नवीकरण, समाज कल्याण, यातायात जागरूकता, नशा मुक्ति जागरूकता, आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और कला, संस्कृति और विरासत के क्षेत्र और मातृ भूमि की सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश-विदेश के 70 महानुभावों को मंचासीन विशिष्ट अतिथियों के कर-कमलो द्वारा सम्मानित किया गया ।
सम्मानित हुए देश-विदेश के 70 महानुभाव अशोक गोयल(IPS), शशि कर्णावत, स्वेता दत्त चौधरी,शरण घई,कपिल कुमार, रमा शर्मा,अहसानउल्ला पासा,पूजा,जया श्रीवास्तव, हरजीत कौर, आर.एम. वर्मा,आर.बी. वर्मा,कामराज सिंह, कुलदीप यादव, रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया,राधा वाल्मीकि,सुनीता खोखर,कुलदीप चन्द,राही रियाज़ अहमद,तेजस जाधव,राम भरोशे मीणा, जयप्रकाश सूर्यवंशी, नरोतम सागर, नगीना,विनमय कुमार गुप्ता,संजय पोटे,गुरुदीप सिंह, अरमान,जहाँआरा, ममता, डॉ० सुलेखा, प्रतिभा,हरप्रीत कौर, गायत्री सोनकर,जय भीम डोनर्स क्लब,विपिन कुमार भारतीय,उमेश परमार,सत्येन्द्र लोहिया, प्रदीप कुमार सेन, मुख़्तार हुसैन,डॉ०प्रिया सिंह,श्याम सिंह राठौर,आर.ए. मित्तल,संगीता शाक्य,सुरेश तोमर,       प्रो.संदीप कुलश्रेष्ट, प्रवीण गौतम,डॉ०अंजनी जलज, रमाशंकर,डॉ०जुल्फिकार,प्रीति सुराना,कीर्ति वर्मा,ब्रजेश शर्मा विफल,गणेशदास स्वामी,चंद्र भान,डॉ.नरेश कुमार "सागर",डॉ०जसवंत सिंह जनमेजय,एम एल गंगौरे,अनीता रमेश मेश्राम,मेहुलसिंह ठाकोर, खुशहाल चन्द बड़ोलिया,शिवानी वर्मा,ज्योति चौहान,राकेश छोकर,मेजर जाधव,डॉ० कंचन वीर आदि l
मंच पर आसीन सभी विशिष्ट अतिथि वक्ताओ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी मौजूद अवार्डीज को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह से समाज में सामाजिक कार्य करने वाले लोगों को भी एक उत्साह प्राप्त होता है साथ ही अन्य लोगों को भी समाज के लिए कुछ करने के लिए प्रेरणा प्राप्त होती है। महिलायें घर के आँगन से लेकर अन्तरिक्ष तक विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करके समाज के लिए अपना एक योगदान दे रही है एवं समाज में महिलाओं की भूमिका को अग्रसर कर रही है। समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं। समाज सेवा अगर नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए।
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक श्रीप्रकाश सिंह निमराजे (कार्यक्रम समन्वयक एवं अध्यक्ष, गोपाल किरन समाज सेवी संस्था) ने कहा कि संस्था का इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य यह है कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालो का सम्मान बना रहे जिससे उन्हे आगे भी इसी तरह के कार्य करने की प्रेरणा मिलती रही। देश भर के युवाओं में राष्ट्र और समुदाय के लिए ज़िम्मेदारी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने और अच्छे नागरिकों के रूप में अपनी व्यक्तिगत क्षमता में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मैं आशा करता हूँ कि आज का कार्यक्रम भी इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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गोपाल किरन संस्था की दो दिवसीय ग्लोबल कॉन्क्लेव संपन्न

http://sandhyadesh.com/full_news.php?newsid=1542



ग्लोबल कॉन्क्लेव एवं अवार्ड सेरेमनी 2019 का हुआ आयोजन
December 5, 2019

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या के अवसर पर गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर के तत्वावधान में 24-25 नवम्बर 2019 को ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में दो दिवसीय ग्लोबल कॉन्क्लेव का शानदार आयोजन किया गया..... 
http://www.newindiatimes.net/?p=52961




Wednesday, December 4, 2019

भारतीय संविधान पूरी दुनिया में शायद इकलौता ऐसा संविधान है जिसका सीधा टकराव अपने ही सामाजिक मूल्यों से रहा है।

भारतीय संविधान पूरी दुनिया में शायद इकलौता ऐसा संविधान है जिसका सीधा टकराव अपने ही सामाजिक मूल्यों से रहा है। जैसे हमारा संविधान सभी को बराबर मानता है लेकिन समाज एक दूसरे को छोटा-बड़ा मानता है, संविधान छुआ छूत को अपराध मानता है लेकिन समाज उसे अपनी प्यूरिटी को बचाये रखने के लिए ज़रूरी मानता है।

             संविधान वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात करता है लेकिन समाज कर्मकांड को अपना प्राण मानता है। इस तरह हम कह सकते हैं कि सभी तरह के जातीय, साम्प्रदायिक और लैंगिक संघर्ष में शामिल लोग संविधान के दोनों छोर पर पाए जाने वाले लोग हैं। और ये संघर्ष दरअसल संविधान को न मानने और मानने वालों के बीच का ही संघर्ष है।

           मसलन दलित हिंसा के शिकार दलित चाहते हैं कि उनको संविधान प्रदत अधिकार मिले और हमलावर चाहते हैं कि उन्हें दलितों को पीटने का संविधानपूर्व का पारंपरिक अधिकार अभी भी मिलना जारी रहे। इसीतरह साम्प्रदायिक हिंसा के शिकार मुसलमान चाहते हैं कि देश संविधान में वर्णित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से चले लेकिन उनके हमलावर चाहते हैं कि देश संविधान विरोधी संघ के इशारे पर चले।

              इस तरह, हम एक राष्ट्र के बतौर पिछले 70 साल से संविधान को उखाड़ने और लागू करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। दुनिया के किसी भी दूसरे देश में संविधान को लेकर इतना तीखा और लम्बा संघर्ष फिलहाल कहीं नहीं चल रहा है। जो बहुत हद तक स्वाभाविक भी है क्योंकि आप सिर्फ एक दसतावेज़ लिखकर हज़ारों सालों के सामाजिक रिश्तों को तो नहीं बदल सकते ना, वर्चश्वशाली तबका जिसे उस पारंपरिक व्यवस्था से लाभ था ऐसे ही तो हथियार डाल नहीं देगा।

              हो सकता है वो मुह पर कुछ ना बोले लेकिन मन से वो तैयार थोड़े ही होगा इसके लिए। मसलन समतामूलक संविधान देने वाले अम्बेडकर का सम्मान तो उनके सहयोगी करते थे लेकिन उनके घर जाने पर मंत्रिमंडल के ही कई लोग पानी पीने से इनकार करने के लिए कई तरह के बहाने बना देते थे। कोई कहता था कि उसका व्रत है तो कोई प्यास नहीं लगी है कह कर अपने मन मस्तिष्क को संविधानपूर्व की स्थिति में ही रखने की कोशिश करता था। लेकिन सभी तो अम्बेडकर हो नहीं सकते ना, जिन्हें सिर्फ मौखिक तरीके से ही टरकाया जा सके।

                दशरथ मांझी जैसे आम लोगों को तो जिन्हें लगता था कि क़ानून बन जाने से देश अचानक अपने को उसके अनुरूप ढाल लेता है, चट्टी चैराहों पर पिटना पड़ता था। तब उन्हें समझ में आता था कि जमींदारी उन्मूलन कानून बन जाने से ज़मींदार और हरवाहा बराबर नहीं हो जाते। यानी उन्हें इस पिटाई से संदेश दिया जाता था कि संविधान बन जाने से वे ज़्यादा उड़े नहीं, नहीं तो ठीक कर दिए जाएंगे। लेकिन अम्बेडकर और दशरथ मांझी दोनों ने पलटवार किया। एक ने गुस्से में धर्म बदल लिया और एक ने पहाड़ ही काट दिया।

             हां, जब कभी संविधान समर्थक लोगों का पलड़ा भारी रहा है, देश आगे बढ़ा है और हम आधुनिक दुनिया का हिस्सा लगने लगे हैं। लेकिन जब संविधान विरोधी खेमा मजबूत हुआ है तो देश प्राचीन युग की उल्टी यात्रा पर निकल गया है। फिलहाल हम इसी उल्टी यात्रा पर हैं जिसमें कई साल पीछे छूट चुके कई स्टेशन हम लोग पिछमुकिया क्रॉस करेंगे। जैसे अभी कुछ दिन पहले ही हम कभी अविकसित से विकासशील घोषित होने वाले स्टेशन से गुज़रे हैं। सबसे मजेदार कि इस उलट यात्रा में खूब लंबे लंबे अंधेरे सुरंग हैं जिनसे गुज़रते हुए सभी यात्री खूब उत्साह से चिल्ला भी रहे हैं। वैसे भी हम अंधेरे में रोमांचित होने वाले समाज तो हैं ही। लेकिन इंतज़ार करिये जल्दी ही दूसरी तरफ जाने वाली इसी नाम की अप ट्रेन भी आने वाली है। जो रोशनी की तरफ जायेगी। ये रस्सा कस्सी चलती रहेगी।

Tuesday, December 3, 2019

ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी सम्पन्न



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l  भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या के अवसर पर गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के तत्वावधान में 24-25 नवम्बर 2019 को ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में दो दिवसीय संगोष्ठी का शानदार आयोजन किया गया । जिसमे कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के बुद्धिजीवियों,  साहित्यकारोंकलाकारों, गीतकारों, कवियों, लेखकों, पत्रकारों, पर्यावरण,शिक्षा,स्वास्थ्य, स्वच्छता के क्षेत्र से समाज सेवियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेशो से जापान, फिजी, अमेरिका सहित अनेक देशो के समाजसेवी व साहित्यकारो ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की l

ग्वालियर स्थित होटल डाउन टाउन में 24 नवम्बर 2019 को गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत उद्घाटन अशोक गोयल (DIG, चम्बल रेंज) सहित अतिथियों द्वारा तथागत भगवान बुद्ध व संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया l  उसके बाद फोर्ट इंटरनेशनल स्कूल के बच्चो ने बुद्ध वंदना, भीम वंदना व स्वागत गीत सुमधुर वाणी में प्रस्तुति दी l
कार्यक्रम में अशोक गोयल (DIG, चम्बल रेंज),प्रोफेसर कामराज सिन्धु(कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय), कपिल कुमार (बेल्जियम), रमा शर्मा (टोकियो,जापान),शरण घई (कनाडा), श्रीविजय सिंह निमराजे (कार्यक्रम समन्वयक एवं अध्यक्ष, गोपाल किरन समाज सेवी संस्था), स्वेता दत चौधरी (फिजी) व एहसानउल्ल्हा पासा (USA) आदि ने संबोधित किया l  बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. बीआर अम्बेडकर के आदर्शों का गुणगान किया और शिक्षा के कई पहलुओं पर प्रतिभागियों का ध्यान आकृष्ट किया l

दो दिवसीय संगोष्ठी के पांच तकनीकी सत्र रखे गये, जिसमें पहले दिन 24 नवम्बर 2019 को तीन सत्र निर्धारित किये गए थे l प्रथम सत्र में वंचित वर्ग के खिलाफ सामाजिक भेदभाव और उसके समाधान विषय पर मुख्यवक्ता प्रोफसर प्रवीण गौतम, इंजी. आर. एस. वर्मा(CPWD पूना), एम.एल. गंगुरे, विपिन कुमार भारती व अन्य वक्ताओ ने विषय के विभिन्न पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया l

लंच के बाद दुसरे तकनीकी सत्र में 21 वीं सदी में महिलाओं और पुरुषों के बीच विभिन्न मुद्दों की मुख्य बाधाएं विषय पर मुख्यवक्ता डॉ० अंजलि जलाल, हरप्रीत कौर, डॉ० शराली रुन्वल, डॉ० अनुभा सिंह, स्वेता दत चौधरी, राही रियाजी (कश्मीर) व अन्य वक्ताओ ने कहा कि जागरूकता ही इसका एकमात्र उपाय है । वक्त के साथ बदलाव आ रहे हैं, लेकिन सोच में बड़ा बदलाव लाना अभी भी बहुत जरूरी है। जहां लोग जागरूक हुए हैं, वहां सामाजिक-आर्थिक विकास में महिलाओं के प्रति पुरुषों के रुख में बड़ा बदलाव भी आया है । तभी हम महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज बना पाएंगे ।

चाय के बाद तीसरे तकनीकी सत्र में मीडिया समुदाय के प्रति पारदर्शी भूमिका क्यों नहीं निभाता विषय पर मुख्यवक्ता प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, हरप्रीत कौर, स्वेता दत चौधरी सहित कई वक्ताओ ने चर्चा के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए मीडिया के मालिक व्यवसायिक घराने के होने पर चिंता जाहिर की और कहा कि जिसके नकारात्मक परिणाम हररोज हमारे सामने आ रहे है । आम आदमी या फिर समाज के निचले तबक़े की खबर उजागर ही नहीं होती l लोकतंत्र में मीडिया को स्वतंत्र रूप से अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आना होगा । इसके अलावा स्वास्थ्य पर डॉ.नरेश "सागर" की पांच सदस्यी टीम ने हेल्थ पर डेमो दिया l

संगोष्ठी के दुसरे दिन 25 नवम्बर को ब्रेक फ़ास्ट के बाद चौथे तकनीकी सत्र में पहले दिन के तीन सत्र पर रिपोर्ट व समीक्षा हुई l उसके बाद दलित जाति के साहित्य को महत्व क्यों नहीं दिया जाता है? विषय पर मुख्यवक्ता चंद्रभान एडवोकेट, आर.एन. मित्तल, राधा वाल्मीकि, राही रियाज सहित कई वक्ताओ ने प्रतिभागियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि कोई भी साहित्य समाज में हो रहे परिवर्तन का साक्षी होता है, लेकिन वर्णवाद के चलते प्राचीनकाल से लेकर आज तक दलित जाति के साहित्य को कोई महत्व नहीं दिया l क्योंकि दलित साहित्य सामंतवादी ढांचे को तोड़ता है l सामाजिक और राजनीतिक सत्ता के विविधवर्णी उत्पीड़न दमन के रूपों की मुखर और स्पष्ट आलोचना प्रस्तुत करता है l दलित साहित्य में वर्ण व्यवस्था के परिवर्तन का हर विचार दलित मुक्ति में सहायक है l
चाय के बाद पांचवे तकनीकी सत्र में दलित समुदाय पर निजीकरण का क्या प्रभाव है और वर्तमान परिदृश्य क्या है भविष्य के रोजगार के बारे में विषय पर मुख्यवक्ता आर.एन. मित्तल, आर.बी. वर्मा (मौसम विभाग), विपिन कुमार भारतीय द्वारा  निजीकरण के प्रभावों पर गहन-मंथन हुआ l वक्ताओ ने दलितों के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों से संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग किया l
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक मुद्दों पर समझ बनाना है । बेहतर कला को प्रोत्साहन/सम्मान देने के साथ ही राष्ट्र विकास में अनुशासन व सबको साथ लेकर चलना और मैत्री/भाईचारा प्रमुख है । कार्यक्रम में मंच संचालन प्रसिद्द गायिका जया श्रीवास्तव ने किया l
दो दिवसीय संगोष्ठी में दिल्ली से हरजीत कौर,रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया (संपादक), खुशहाल चन्द बडोलिया (समाजसेवी व पत्रकार), जसवंत सिंह जन्मेजय, यवतमाल महाराष्ट्र से मेजर वी. आर. जाधव, राजस्थान के भीलवाडा से सुनिता खोखर, अलवर से राम भरोसे मीणा, चुरू से गणेश दास स्वामी,पंजाब से कुलदीप चन्द सहित अनेक समाजसेवी व साहित्यकारो ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की l

Monday, December 2, 2019

रैगर छात्रा के आत्महत्या प्रकरण में बगरू विधायक गंगा देवी ने पीड़ित परिवारजनों से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l  चौमू के ग्राम हस्तेड़ा में अनुसूचित जाति की 11वीं कक्षा की एक 16 वर्षीय छात्रा के द्वारा घर पर कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या करने के मामले में शनिवार को बगरू विधायक गंगा देवी हस्तेड़ा निवासी रामेश्वरलाल रैगर (सबलानिया) के घर पहुँच कर छात्रा के पीड़ित परिवारजनों से मिलकर ढाढ़स बंधवाया और मौके पर ही जयपुर रेंज के आईजी से बात कर आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए l

इस दौरान बगरू विधायक गंगा देवी के साथ ग्राम हस्तेड़ा पहुँचने वालो में अखिल भारतीय रैगर महासंघ के पूर्व महासचिव नवरत्न गुसाईवाल,एस.सी.एस, टी. महासंघ के तहसील अध्यक्ष एडवोकेट संजय बिन्वाल , ग्राम हस्तेड़ा सरपंच नुज्जत खातून, गोविन्दगढ़ सरपंच गोपाल धेनवाल,युवा कांग्रेस के चौमु विधानसभा अध्यक्ष साजिद पठान, महंत राम फुलदास महाराज, नाथूलाल बेनीवाल,बाबूलाल रैगर व महेंद्र रैगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे l

बगरू विधायक गंगा देवी को मृतक छात्रा के पीड़ित परिवारजनों ने बताया कि पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार न करने व इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने के चलते हम न्याय से वंचित है l परिवारजनों की सारी बात सुनने के बाद विधायक गंगा देवी ने पीड़ित परिवारजनों को ढांढस बंधवाते हुए कहा कि मैं इस दुख घड़ी में आपके साथ हूँ और आपकी हर संभव मदद करने के लिए प्रयासरत हूँ । मौके पर ही जयपुर रेंज आईजी से बात कर आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला ग्राम हस्तेड़ा का है जहाँ शनिवार 23 नवम्बर को 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा द्वारा घर पर कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है । मामले की सूचना पुलिस को मिलने पर हस्तेड़ा चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और छात्रा के शव को परिजनों के साथ लेकर गोविंदगढ़ सीएचसी ले गए l वहां से पोस्टमार्टम के लिए चौमू सीएचसी में भिजवाया गया । घटना को लेकर छात्रा के परिजनों ने पुलिस थाने में पिंटू यादव के साथ ही रामस्वरूप यादव, कमलेश यादव व महेंद्र यादव इन चार युवकों के खिलाफ छात्रा को परेशान करके आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है ।

थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि हस्तेड़ा निवासी रामेश्वरलाल रैगर ने मामला दर्ज करवाया कि उसकी पोती अंकिता सबल एक निजी स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ती थी। कक्षा 11 में ही पढ़ने वाला छात्र पिंटू यादव उसे रोज परेशान करता था। इस दौरान वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन करके उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित करता रहता था। 19 नवंबर को अंकिता, रायथल में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। वहां पर कुछ लड़के उसका पीछा करते हुए पहुंच गए और परेशान किया। इससे परेशान होकर अंकिता ने शनिवार दोपहर 11:30 बजे घर पर ही कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ।
मृतक छात्रा के परिजनों का कहना है कि हमने 2 दिन पहले 21 नवम्बर 2019 को दबंग मनचले लड़कों की हरकतों के बारें में हस्तेड़ा के थानाधिकारी को अवगत करा कर पुलिस वालों की सहायता मांगी थी l हस्तेडा पुलिस द्वारा सही समय पर दबंग मनचले लड़कों की हरकतों के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जाती तो आज अंकिता हमारे साथ रहती, मगर बहुत ही दुख की बात है अंकिता ने दबंग लड़कों से परेशान होकर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली l

मरुधर भक्ति सागर संगम के तत्वाधान में आगामी 25 दिसम्बर को बाबा रामदेव जी महाराज की दूसरी भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l  मरुधर भक्ति सागर संगम के तत्वाधान में बुद्धवार 25 दिसम्बर 2019 की दोपहर 2 बजे से 10 बजे तक एम० सी० डी० स्कूल सेक्टर-21, रोहिणी, नियर तिरंगा चौक, नई दिल्ली-110086 पर संतश्री गुरु मोतिदास जी महाराज के सानिध्य में कलियुग में लोक देवता, महामानव, शक्तिवान, सिद्धसंत, युगपुरूष, जन-जन के आराध्यदेव और सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा रामदेव जी महाराज की संगीतमय विशाल दूसरी भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा l

मरुधर भक्ति सागर संगम के चेयरमैन विनय दास ने बताया कि रोहिणी के सेक्टर-21 में संतश्री गुरु मोतिदास जी महाराज के सानिध्य में लोक देवता पीरो के पीर बाबा रामदेव जी महाराज का संगीतमय विशाल भजन संध्या का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया जायेगा l जिसमे मुख्य अतिथि उतर पश्चिमी लोकसभा क्षेत्र के सांसद हंसराज ‘हंस’ विशिष्ट अतिथि महिपाल सिंह (समाज सेवक), सुनील यादव (गंगानगर), सुनील कुमार बोकोलिया (DSO), पवन पुनिया (भजन लेखक), रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया (संपादक) व अभिलाष गुप्ता आदि होंगे l
प्रधान लक्ष्मण सिंह सामोता (मरुधर भक्ति सागर संगम) ने बताया कि 25 दिसम्बर को दोपहर 02 बजे से प्रभु इच्छा तक बाबा रामदेव महाराज की भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में सुविख्यात बाबा रामदेव महाराज के जम्मा गायक अपनी भजन मंडली के साथ मधुर भजनों से बाबा रामदेव महाराज की महिमा का गुणगान करेंगे ।


श्री राधा कृष्ण मंदिर बसई दारापुर में अष्टम श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत शुभारम्भ हुआ



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l त्रिदेव सेवा संस्थान समिति के तत्वाधान में 01दिसम्बर से 08 दिसम्बर 2019 तक अष्टम श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन श्री राधा कृष्ण मंदिर बघेल मौहल्ला बसई दारापुर में रविबार को विधिवत  आरंभ हुआ l इस अवसर पर प्रो.राजकुमार फलवारिया, दिल्ली विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा, अनुसूचित जाति मोर्चा की अगुवाही में श्रीमद् भागवत पुराण की भव्य नगर शोभायात्रा निकाली गई l

रविवार 01दिसम्बर 2019, को बसई दारापुर में सामाजिक समरसता का अनुपम कार्यक्रम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में आठ दिन तक चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत पूजन के कार्यक्रम में श्रीमती सुनीता कांगड़ा महापौर व श्रीमती सुषमा चोपड़ा  की गरिमामय उपस्थिति रही l पूजन के उपरांत ड़ा सुनील कौशिक जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा की ज्ञान वर्षा का आयोजन आरंभ हुआ l

श्रीमद् भागवत कथा की ज्ञान वर्षा के आरंभ से पूर्व श्रीमद् भागवत पुराण को नगर भ्रमण हेतु प्रो. राजकुमार फलवारिया ने श्रृद्धाभाव से सिर पर रखकर भक्तिमय वातावरण में भव्य शोभायात्रा निकाली गई l जिसमे रंग-बिरंगी भेषभूषा में मातृशकित भी भव्य शोभायात्रा के नगर भ्रमण में कलश यात्रा लेकर शामिल रही l बसई दारापुर क्षेत्र में जिस जिस मार्ग से भव्य शोभायात्रा निकल रही थी पूरा वातावरण उत्साह और श्रृद्धा से सराभोर था l
भव्य शोभायात्रा के अवसर पर नवीन मल्रहोत्रा,  आनंद त्यागी, लक्ष्मी नारायण, नरेश हंस, लक्की, रिषभ त्यागी, रवि गुजेला, राहुल सहित अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और सभी उपस्थित लोगो ने श्रृद्धाभाव से श्रीमद् भागवत पुराण कथा का श्रवण कर पुण्य प्राप्त किया l


Sunday, December 1, 2019

मरुधर भक्ति सागर संगम द्वारा संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को सम्मानित किया गया



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (खुशहाल चन्द बडोलिया) l वरिष्ठ पत्रकार एवं हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल समाजहित एक्सप्रेसके मुख्य संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को शनिवार 30 नवम्बर को मरुधर भक्ति सागर संगम द्वारा सम्मानित किया गया है l दिल्ली निवासी रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को इससे पहले भी अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं l वे पिछले चार दसको से समाजसेवा व पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं l

शनिवार को प्रात: दिल्ली स्थित हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल समाजहित एक्सप्रेस के ऑफिस पर मरुधर भक्ति सागर संगम के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह व विनय एस.के. तंवर पहुंचकर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्य संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को राजस्थानी पगड़ी बाँधकर व श्री बाबा रामदेव जी महाराज का पटका गले में पहनाकर सम्मानित किया गया और उनके समाजहित में किये गए महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की गई l
इस अवसर पर संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया ने मरुधर भक्ति सागर संगम का आभार ब्यक्त किया और कहा कि आपका भविष्य में भी इसी प्रकार से समाजहित एक्सप्रेस पर प्यार, सहयोग और बाबा का आशीवाद बना रहे, ताकि हमे लगातार मरुधर भक्ति सागर संगम से उर्जा मिलती रहें और हमारी कलम की धार कभी भी कुंद न हो l