Friday, February 14, 2020

रैगर समाज के चिंतक नवरत्न गुसाईवाल ने दिल्ली में रैगर समाज का विधायक निर्वाचित नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त की l



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । युवा समाजसेवी एवं रैगर समाज के चिंतक नवरत्न गुसाईवाल ने हाल ही में दिल्ली विधानसभा के चुनाव में एक भी रैगर समाज का विधायक निर्वाचित नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाजहित एक्सप्रेस को बताया कि दिल्ली में राजस्थान के बाद सबसे बड़ी आबादी करोलबाग व मादीपुर में रैगर समाज की है । बावजूद इसके आज वो रैगर समाज राजनीती के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है । क्या कारण है कि रैगर समाज को राजनीति में वो मुकाम नहीं मिल पा रहा जिसका वो हकदार है ।
योगेन्द्र चांदोलिया और विशेष रवि को मिले मतों का अंतर 31760 रहा जो बहुत बड़ा था, लेकिन उसमें एक पेंच यह था कि रैगर समाज के मतदाताओ ने समाज की निष्ठां पर मत नहीं दिया l बड़ी संख्या में रैगर मतदाताओं ने आप की झाडू का बटन दबाया l जिसके कारण आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार विशेष रवि को टोटल 108461 मतों में से 67 हजार 494 मत मिले, जबकि योगेन्द्र चांदोलिया को 35 हजार 734 मत मिले, जिसके कारण नतीजा आप पार्टी के पक्ष में गया l
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार करोलबाग और मादीपुर जैसी रैगर बाहुल्य की सीटें, जिसे रैगरों का गढ़ माना जाता है, वहां पर चुनाव हारना रैगर समाज की प्रतिष्ठा के लिए नुकसानदेह रहा है l रैगरों का मूल वोट बैंक इस चुनाव में काफी छिटका है l एकता की कमी के कारण ही हमारा समाज आज राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर उपेक्षित है। जबकि शिक्षा व जनसंख्या के लिहाज से हमारा समाज दिल्ली में अग्रणी स्थान रखता है ।
दिल्ली और राजस्थान जब भी चुनाव का समय आता है तो अन्य जातियों व मजहब के लोग हमारे वोट बैंकों का इस्तेमाल करते है और जीत जाने के बाद हमें भूल जाते है । हमें अपने हक मांगने के लिए उन लोगों के दरवाजों का चक्कर काटना पड़ता है । बावजूद इसके वो हक हमको नहीं मिल पाता जिसके हम हकदार है । ऐसे में समाज को ये चिंता जरुर करनी चाहिए कि वो अपने हक को कैसे हासिल करे?
दिल्ली में लाखो की आबादी में रैगर मतदाता मौजूद है । बावजूद इसके विगत 30 वर्षो में आज तक वो एक ऐसा नेता पैदा नहीं कर सके जो राजनीतिक समीकरणों को तोड़कर उच्च पदों पर पहुंचकर अपने समाज के लिए कुछ कर पाता । आज अफसोस इस बात का है कि दिल्ली में कुछ वार्ड ऐसे है कि जहां रैगर समाज के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है बावजूद इसके हमारे समाज के लोगों ने आपस में ही लड़कर अन्य समाज के लोगों को तोहफे तौर में निगम और विधानसभा की सीट सौंप दी । यह सिर्फ लोगों की ईष्या व द्वेष की ही देन है जो आपसी मनमुटाव के चलते हम पूरे समाज का नुकसान कर रहे है ।
रैगर समाज के मतदाताओं की संख्या के आंकड़ों के अनुसार 12 विधानसभाओ से आज हम कम से कम 10 वार्ड में निगम पार्षद को चुनकर दिल्ली नगर निगम में पहुंचा सकने की क्षमता रखते है, ऐसे में हम सबको सोचने की जरुरत है । अब वक्त आ गया है कि हमें अपने वोट को पहचानना पड़ेगा और सारे मनमुटाव को भूलकर एकजुट होकर सभी राजनैतिक दलों व जनप्रतिनिधियों से अपना हक मांगना होगा तभी हमारा समाज आगे बढ़ेगा और तरक्की करेगा । अभी भी वक़्त है हम सब आप से अपील करते है की एक होकर अपनी ताक़त का एहसास राजनेताओं को कराये नहीं तो यूँ ही दूसरों के आसरो पर हमें रहना पड़ेगा ।
सुझाव :
समाज के कर्णदार समाज में जन-जागरण का अलख जगा कर समाज को जागरूक कर, उन्नत रास्ते पर ले जाने का संकल्प ले l
दिल्ली के कोने-कोने में विभिन्न संगठनों के रूप में फैले समाज को एक मंच पर लाने का काम हो l
रैगर समाज का एक सर्वमान्य नेता का चुनाव हो l
धर्म से भी बड़ा मुद्दा हमारे लिए अपने रैगर समाज की एकता और पहचान का हो ।
राजनैतिक चुनावो में हम लोग अपने समाज की पहचान और भाईचारा को लेकर एकजुटता से वोट करें l
सामाजिक व राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना होगा जिससे हम अन्य समाजों की तरह मजबूत बन सके ।


संविधान निर्माता व भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का अनावरण 16 फरवरी को डाबिच में किया जायेगा l



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । अम्बेडकर युवा मंडल के तत्वाधान में आगामी रविवार 16 फरवरी को जयपुर जिले की फागी तहसील के अंतर्गत डाबिच ग्राम पंचायत की ढाणी रैगरान के अम्बेडकर पार्क में संविधान निर्माता व भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का अनावरण किया जायेगा l जिसमे मुख्य अतिथि वेदप्रकाश सोलंकी (विधायक चाकसू) होंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमति गंगादेवी (विधायिका बगरू) द्वारा की जाएगी l अम्बेडकर जी की मूर्ति समाजसेवी नवरत्न गुसाईवाल द्वारा दी गई है l

डाबिच ग्राम के रैगर युवाओ ने अम्बेडकर युवा मंडल का गठन कर पंचायत प्रशासन के समक्ष अम्बेडकर पार्क की मांग की जिस पर अमल करते हुए सरपंच रामगोपाल सैनी द्वारा अम्बेडकर पार्क की जमीन स्वीकृत कर दी और रविवार 16 फरवरी 2020 को सामाजिक समता और सामाजिक न्याय के अग्रणी संविधान निर्माता व भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की मूर्ति का अनावरण मुख्य अतिथि के कर-कमलो द्वारा किया जायेगा l
अम्बेडकर युवा मंडल के पदाधिकारियों व् सदस्य रैगर युवाओ द्वारा डाबिच ग्राम स्थित आंबेडकर पार्क में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की मूर्ति के अनावरण को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है । इसमें सभी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई, है सभी कार्यकर्ताओं की ओर से अपनी जिम्मेदारी से कार्य किया जा रहा है । कार्यक्रम को लेकर पूरा गांव तैयारी में लगा हुआ है । पार्क स्थल को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है । मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम रविवार 16 फरवरी को 11 बजे से शुरू होगा l
अम्बेडकर युवा मंडल के अध्यक्ष रामजीलाल ने बताया कि बाबा साहब की प्रतिमा समाज की भावी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहेगी । बाबा साहब ने हमे ‘शिक्षित बनो,संगठित रहो,संघर्ष करो’ का एक ऐसा मूलतंत्र दिया हैं जिससे हम समाज और परिवार को तरक्की की राह पर ले जा सकते हैं । बाबा साहब के बताएं रास्तों पर चलने का हम सभी संकल्प लें और समाज में व्याप्त कुरीतियों को छोड आगे बढें । हमारे महापुरूषो ने आने वाली पीढियों के लिए मागदर्शन जरुर दिया हैं, लेकिन मानवता को रास्ता दिखाने वाले डाँ अम्बेडकर जी ही हैं । बाबा साहब ने दुनिया का सबसे बडा प्रजातंत्र का संविधान भारत को दिया हैं । इस संविधान में सभी को समानता का अवसर दिया हैं । इसके लिए हम बाबा साहब के ऋणी है ।




Wednesday, February 12, 2020

दिल्ली विधानसभा के चुनावों में आम आदमी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की हैट्रिक



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली विधानसभा के चुनावों में दिल्ली वालों ने सभी राजनैतिक पार्टियों के कर्णदारों को सीधा सन्देश दे दिया है कि बहुत हो गया वादों पर वोट का सिलसिला, अब हम वोट उसी को देंगे, जो धरातल पर दिल्ली का विकास करेगा l आज चुनाव परिणामो में आम आदमी पार्टी (आप) की प्रचण्ड जीत हासिल करने पर अरविन्द केजरीवाल ने जनता और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों ने आज देश में एक नई राजनीति को जन्म दिया है, जिसका नाम काम की राजनीति है।'
दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने पिछले पांच किये गए काम के आधार पर चुनाव लड़ा और और विवादास्‍पद बयानों से परहेज किया । वहीँ दूसरी ओर भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के द्वारा किये गए कार्यों की आलोचना की और यह बात आम आदमी पार्टी के पक्ष में रही। जिसका नतीजा यह हुआ कि केजरीवाल सरकार के कार्यों को मान्यता देते हुए दिल्ली की जनता ने दिल खोलकर वोट देकर 70 में से 62 सीटो पर बंपर सफलता प्रदान की l दिल्ली में आम आदमी पार्टी की यह हैट्रिक है और उसने दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है l
दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 का परिणाम आने के बाद जहां एक ओर आम आदमी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी का परचम लहरा कर ख़ुशी मना रही है, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की यह हैट्रिक है l वहीं 8 सीट पर जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी अपनी पराजय की वजह खोजने में जुटी है l कांग्रेस को दिल्ली की जनता ने नकार दिया जिसके कारण वह एक भी सीट नहीं जीत सकी l

Sunday, February 9, 2020

दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 का मतदान समाप्त हुआ, तकरीबन 60 फीसदी मतदाताओ ने 672 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला EVM में किया कैद



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l शनिवार को लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में 70 सीटों पर दिल्ली के 1 करोड़ 47 लाख 86 हजार मतदाताओ में से सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक 672 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करने के लिए तकरीबन 60 फीसदी मतदाताओ ने मतदान किया l सुबह हल्की ठंड होने के कारण मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या कम देखी गई, लेकिन दोपहर होते-होते मतदान करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई । दिल्ली चुनाव में करीब 1.25 लाख सुरक्षाकर्मी वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षा मोर्चा संभाले हुए थे l मतगणना के द्वारा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मंगलवार को होगा । इस बार सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), मुख्य विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

'आप' पार्टी को 2015 के चुनावों में 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि भाजपा को 32 प्रतिशत और कांग्रेस को महज 9.6 प्रतिशत वोट मिले थे। आम आदमी पार्टी (आप) को पिछले विधानसभा चुनाव में हासिल की गई अद्भुत जीत को दोहराने का विश्वास है, जहां उसने 70 में से 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी । 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी सातों सीटों पर जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 'आप' को हराने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस पिछली बार के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार लाने की कवायद में है । गत विधानसभा चुनाव में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी।
दिल्ली चुनाव में मतदाताओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच 70 सीटों के लिए 13750 मतदान केन्द्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ । ज्यादातर इलाकों के मतदान केन्द्रों पर लोगों में कम जोश नजर आया l दिल्ली की 111 वर्ष की सबसे ज्यादा उम्रदराज वोटर कलितारा मंडल को लेने चुनाव आयोग के अधिकारी चितरंजन पार्क स्थित उनके घर पहुंचे और वोटिंग सेंटर तक लेकर गए । रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र के पंचशील पार्क निगम स्कूल में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी के कारण वोटिंग करीब पौना घंटे की देरी से शुरू हुई। जिस कारण मतदाताओं की लंबी कतारें लगी ।

दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, दिल्ली में मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी मतदान किया ।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और उनकी पत्नी माला बैजल ने ग्रेटर कैलाश के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने परिवार के साथ सिविल लाइन्स में स्थित पोलिंग बूथ पर वोट डाला । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन अपनी मां के साथ कृष्णा नगर के रतन देवी पब्लिक स्कूल में वोट डालने पहुंचे । मख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में निर्माण भवन में मतदान किया ।
चुनाव की लोकतांत्रिक व्यवस्था में दिल्ली देश को जागरूक करती रही है । दिल्ली में अब तक कुल छह विधानसभा चुनाव हो चुके हैं । बीते चार विधानसभा चुनावों में दिल्ली का मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ा है । 1993 के चुनाव में 61.75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था और भाजपा ने जीत दर्ज की थी l 1998 के विधानसभा में दिल्लीवालों ने अबतक सबसे कम मतदान महज 48.99 फीसदी वोट करके भाजपा की सरकार गिरा दी थी । 2003  के विधानसभा चुनाव में 53.42 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था l 2008 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली में 57.58 फीसदी लोगों ने वोटिंग की थी l 2013 के चुनाव में वोट फिसदी 65.63 रहा ।  2015 के चुनाव में दिल्ली में 67.12 फीसदी वोट दर्ज किया गया ।
दिल्ली में अभी तक सबसे ज्यादा मतदान 1977 में 71.3 फीसदी का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था l उससे पहले 1967 में दिल्लीवालों ने चीन और पाक से युद्ध के बाद हुए लोकसभा चनावों में रिकॉर्ड 69.49 फीसदी मतदान किया था । दिल्ली ने 2013 फिर 2015 में मतदान का नया रिकॉर्ड कायम किया। दिल्ली ने रिकॉर्ड तोड़ मतदान करके दिल्ली की सरकार बदल दी । दोनों ही बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी । ऐसे में इस बार दिल्ली का मूड क्या है, ये तो 11 फरवरी की मतगणना ही बताएगी ।

Tuesday, February 4, 2020

समाज की एकता और जागरूकता के बल पर बड़े से बड़ी जंग जीती जा सकती है-नवरत्न गुसाईवाल



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जयपुर में सोमवार 03 फरवरी को दोतानिया परिवार के एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय एवं मानव गरिमा संस्थान के सचिव नवरत्न गुसाईवाल ने सामाजिक चर्चा के दौरान सामाजहित एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को बताया कि रैगर समाज हर क्षेत्र में सामाजिक विकास की जंग जीत सकता है, उसके लिए जरुरी है कि हम सब सामाजिक एकता के प्रति जागरूक हो और इसके अलावा जो समाज के विकास की लड़ाई लड़ रहे है, उनको अपने अहं का त्याग करना ही होगा । 

नवरत्न गुसाईवाल ने कहा कि दिल्ली और राजस्थान के रैगर समाज के लिए मौजूदा समय बहुत सुनहरा है, जब हर गली कूचे में एक से बढ़कर एक रैगर नेता पैदा हो रहें हैं । सबके अन्दर समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा है । अब पहले जैसी वो दिक्कते नहीं रहीं, हर व्यक्ति के अन्दर नेतृत्व का भाव जाग्रत होना, समाज के लिए एक शुभ संकेत है । हमारे लोग हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना पा रहें हैं यह अच्छा है । लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, तो हमारी नेतागिरी के भी दो पहलू हैं । हमारे छोटे-बड़े हर नेता के अन्दर समाज का काम करने के अलावा एक जो श्रेय लेने का भाव है,  वह हमारे खुद के ही कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता हैं कि हमारे लिए समाज के काम आना ज्यादा महत्वपूर्ण है या हमारा ज्यादा नाम हो जाय यह ज्यादा महत्वपूर्ण है ?

 जब हम नेता बनने की कवायद में होते हैं तो यह भूल जाते हैं कि हमारे पहले या हमारे साथ जो लोग काम कर रहें हैं उनका योगदान भी राम सेतु के दौरान गिलहरी के प्रयास से कम मायने नहीं रखता । बेशक हम उनसे बड़ी लकीर खींच पा रहें हैं और हमारी नेतागिरी की फसल ज्यादा हरी-भरी दिख रही है, तो हमें यह भी याद रखना चाहिए, मौजूदा हरी-भरी दिख रही जमीन को उपजाऊ बनाने व  खाद-पानी देकर सींचने वाले लोग कम महत्वपूर्ण नहीं हैं ।
हमारे लोगों के अन्दर स्वाभिमान की मात्रा इतनी ज्यादा है कि यह स्वाभिमान कब अभिमान में बदल जाता है, हमें खुद ही पता नहीं चलता । लेकिन हमारा नेतृत्व तभी सफल कहा जा सकता है जब हमारे प्रबल प्रतिद्वन्दी भी हमारी तारीफ करने लगें । इसके लिए हमें सबको उचित सम्मान देते हुए सबको साथ लेकर चलने का माद्दा रखना ही होगा । इसलिए समाज की लड़ाई लड़ने वालों को अपना अहं का त्याग करना ही होगा।
हलांकि जिस रैगर समाज में हम पैदा हुए हैं उस समाज में कई मूलभूत समस्यायें हमेशा से ही रहीं हैं और हमारे समाज के उभरते नेतृत्वकर्ताओं ने हमेशा इन मूलभूत समस्यायों को दूर करने की लड़ाई लड़ी भी है । जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जो मुद्दा रहा है, वो है हमारा समाज का सदियों से अपने मौलिक अधिकारों से वंचित रहना है, जिसके कारण शिक्षा व समाजिक ऐकता के प्रति उदासीनता, इसलिए ऐसे समय में हमे मौलिक अधिकारों से वंचित रहे अपने समाज के लोगो को शिक्षित व जागरुक कर उनका मनोबल उपर उठाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है, ताकि वह अपने हक और अधिकार के प्रति सचेत होकर नेतृत्व कर्ताओं को जनसमर्थन दे सके । मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के इस पुनीत कार्य के लिए सामाजिक न्याय एवं मानव गरिमा संस्थान ने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी को समर्पित ‘सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनायें’ नामक पुस्तक की प्रतियाँ जन-जन को निशुल्क वितरित कर समाज उत्थान में प्रयासरत है l इस कार्य में हम समाज के प्रबुद्धजनों से सहयोग की आशा सहित कामना करते है l
हमारी आपसी नोक-झोंक हमारे समाज की लड़ाई को कमजोर ही करेगी, गलत का विरोध करना अपनी जगह जायज तो है, लेकिन सामाजिक एकता के लिए सही का समर्थन करना, सत्य के साथ खड़ा होना उससे भी कहीं ज्यादा जरूरी है । इसलिए आइए अपने समाज के साथ एकजुट होकर खड़े होकर समाजिक एकता का परिचय देकर समाज का मनोबल उंचा करें, क्योंकि इतिहास गवाह है बड़े से बड़ी जंग केवल उच्च मनोबल से ही जीती जा सकती है ।        

Saturday, February 1, 2020

डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रकाशित-संपादित पत्रिका ‘मूक नायक’ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l संविधान निर्माता व भारतरत्न बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज की पत्रकारिता के आधार स्तम्भ रहे हैं । वे शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज की पत्रिकारिता के प्रथम संपादक, संस्थापक एवं प्रकाशक हैं, उनके द्वारा संपादित पत्रिका मूक नायकके सौ वर्ष बाद भी आज की पत्रकारिता के लिए एक मानदण्ड हैं ।
बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी ने शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज की पीड़ा को आवाज देने के लिए 31 जनवरी 1920 को मराठी भाषा में पाक्षिक पत्र मूक नायक पत्रिका का प्रथम अंक प्रकाशित किया था । इस पत्रिका के अग्रलेखों में अम्बेडकर जी ने शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज के तत्कालीन आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं को बड़ी निर्भीकता से उजागर किया l यह पत्रिका उन मूक-शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले लोगों की आवाज बनकर उभरी, जो सदियों से सवर्णों का अन्याय और शोषण चुपचाप सहन कर रहे थे l
डॉ० अम्बेडकर जी ने जीवन के प्रारम्भ काल से ही शोषित होने की पीडा को सहा था । अतः वे चाहते थे कि कुछ ऐसा करें,  जिससे शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज का उत्थान हो और वो भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सके । लक्ष्य स्पष्ठ था किंतु साधन सीमित थे । शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज की दयनिक स्थिति को देखकर बाबा साहेब ने समाज में चेतना का संचार करने के लिए एक पत्रिका निकालने की योजना बनाई । उस समय पत्रिका निकालना कोई आसान काम नहीं था, यह बहुत खर्चीला काम था, इस काम के लिए धन की आवश्यकता थी और धन स्वयं उनके पास नहीं था l
बाबा साहेब अम्बेडकर जी ने पत्रिका निकालने की योजना को लेकर कोल्हापूर के शाहू महाराज से मिले उन्होंने अपनी योजना और उद्देश्य को विस्तार से समझाया । शाहूजी महाराज उदार थे अतः उन्होंने अम्बेडकर जी को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी, जिससे अम्बेडकर जी का उत्साह बढ़ गया l किंतु जब उन्होंने अपनी पात्रिका का विज्ञापन अखबारों में देना चाहा तो अनेक अखबारों ने दलितों के इस पत्रिका का विज्ञापन छापने से मना की दिया । अखबारों की ऐसी प्रतिक्रिया से बाबा साहेब निराश नहीं हुए, किंतु कोई प्रतिक्रिया न देते हुए मूक बने रहे । अंततः सभी बाधाओं को पार कर उन्होंने 31 जनवरी 1920 को मूक नायकमराठी पत्रिका का प्रथम अंक प्रकाशित किया ।मूक नायकसभी प्रकार से मूक-पीड़ित समाज की ही आवाज थी, जिसमें उनकी पीड़ाएं बोलती थीं l मूक नायकमराठी पत्रिका के प्रकाशन से उच्च वर्ग में खलबली मच गई थी और पीड़ित समाज में उत्साह का संचार हुआ । यह जागृति पीड़ित समाज के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई l
बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी हमेशां भविष्य के बारे में ही सोचते थे, वे पीड़ित समाज को दीर्घकालीन विकास की दिशा देने के लिए चिन्तन करते थे, जो सर्वविदित है । बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी जैसे महापुरुष के आचरण एवं चिन्तन का मूल्यांकन करना कठिन है l बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज में जागृति लाने के लिए कई पत्र एवं पत्रिकाओं का प्रकाशन एवं सम्पादन किया । इन पत्र-पत्रिकाओं ने उनके मूक-शोषित, पीड़ित और दबे-कुचले समाज के आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया ।
6 दिसंबर 1956 को अम्बेडकर जी इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन बाबा साहेब अपने विचारों के जरिये आज भी लोगों के दिलों में जिन्दा है । सौ साल से भी अधिक समय पहले उन्होंने समाज में भेदभाव मुक्त भारत की जो अलख जगाई थी वो अब भी समाज में जल रही है । आज 31 जनवरी 2020 को डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रकाशित-संपादित पत्रिका मूक नायकके सौ वर्ष पूर्ण हो गए है ।


रैगर रतन भंवरलाल जी नवल साहब


रैगर रतन भंवरलाल जी नवल साहब
श्री श्री भवंरलाल नवल का जन्‍म फरवरी 1947 में नागौर जिले के ग्राम छोटी खाटू में श्री हजारीमल नवल के घर हुआ । इनकी माता का नाम श्रीमती मनोहर देवी है । श्री हजारीमल के पांच पुत्र एवं तीन पुत्रियों में से श्री भंवरलाल नवल सबसे बड़े पुत्र हैं । श्री हजारीमल की स्थिति कमजोर थी । श्री भवंरलाल नवल ने प्राथमिक एवं सैकण्‍ड्री तक की शिक्षा छोटी खाटू में ही सरकारी स्‍कूल में प्राप्‍त की । सैकण्‍ड्री स्‍कूल पास करने के बाद श्री नवल वर्ष 1964 उच्‍च शिक्षा के लिए जोधपुर गए । एस.एम.के. कॉलेज जोधपुर में दाखिला लिया । इस दौरान श्री भंवरलाल नवल रैगर समाज के श्री ज्ञानगंगा छात्रावास, नागोटी गेट में रहे । छात्रावास संस्‍थापक एवं प्रबन्‍धक स्‍वामी गोपालरामजी महाराज ने आपको भरपूर सहयोग और प्रोत्‍साहन दिया । घर की आर्थिक परिस्थितियाँ तथा पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से वर्ष 1965 पढ़ाई छोड़ कर आप वापस अपने गांव छोटी खाटू आ गए । वर्ष 1966 में आपको अध्‍यापक की नौकरी मिल गई । प्राईमरी स्‍कूल ग्राम फरड़ौद जिला नागौर में अध्‍यापक नियुक्‍त हुए । वहाँ लगभग छ: माह नौकरी की । वहाँ से नौकरी छोड़ कर राजस्‍थान राज्‍य क्रय विक्रय संघ, जयपुर में बाबू (Clerk) के पद पर नियुक्‍त हुए । नौकरी के दौरान वे आलनियावास जिला नागौर निवासी श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के सम्‍पर्क में आए । श्री धन्‍नाराम कुरड़िया का मुम्‍बई में चमड़े से निर्मित उत्‍पादों का बहुत बड़ा कारोबार था । उनका नाम विदेशी निर्यातकों में था । श्री भंवरलाल नवल सन् 1968 में बाबू की नौकरी छोड़कर मुम्‍बई चले गए और श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के वहाँ सेल्‍समेन लग गए । श्री भंवरलाल नवल ने अपनी मेहनत और लगन से अपने आपको एक सफल सेल्‍समेन साबित किया । इस वजह से इन्‍हें निर्यात का कार्य भी सोंप दिया गया । श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के वहाँ दो साल नौकरी की । वहाँ से नौकरी छोड़ने के बाद अपना स्‍वयं का इसी लाईन का व्‍यापार मुम्‍बई में शुरू किया । धीरे-धीरे निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश किया । सन् 1977 तक अपना धन्‍धा अच्‍छा जमा दिया । सन् 1977 से 1981 तक श्री भंवरलाल नवल व्‍यापार के सम्‍बंध में अमेरिका गए और वहीं रहें । वर्ष 1982-83 में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया जिसे स्‍वीकार कर लिया गया । इससे श्री भंवरलाल नवल को भारत से अमेरिका आने जाने की सुविधा मिल गई । अमेरिका में चमड़े के उत्‍पदों का व्‍यापार करते हुए उनका ध्‍यान दूसरे धन्‍धे की तरफ गया । पुराने मकानों को खरीद कर उसकी मररम्‍मत करके पुर: बेचने के धन्‍धे में रूचि ली । इसमें उन्‍हें अच्‍छा लाभ मिला । आज श्री भवंरलाल नवल की रैगर समाज में प्रतिष्‍ठा शीर्ष पर है । अमेरिका में भी बड़े व्‍यापारियों की सूची में उनका नाम जुड़ गया है । वे आज कई करोड़ों के मालिक है ।

हजारीमल मनोहरीदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट- वर्ष 1994 में श्री भंवरलाल नवल ने एक ट्रस्‍ट बनाया जिसका नाम 'हजारीमल मनोहरीदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट' रखा । ग्‍यारह सदस्‍यों के बोर्ड में श्री भंवरलाल नवल की माता श्रीमती मनोहरीदेवी अध्‍यक्ष है और ट्रस्‍ट का सारा कार्य श्री भंवरलाल नवल स्‍वयं देखते हैं । शेष सदस्‍यों की नियुक्ति अध्‍यक्ष द्वारा की जाती है । इस ट्रस्‍ट का उद्देश्‍य है समाज सुधार के कार्यों को प्रोत्‍साहन देना तथा शिक्षा को बढ़ावा देना । श्री नवल ने ज्‍यादातर धन सामूहिक विवाह तथा शिक्षा पर व्‍यय किया । सामूहिक विवाह का आयोजन 21 फरवरी, 2000 में दिल्‍ली में 21 जोड़ों से शुरू किया । इस आयोजन में दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित, श्री सुरेन्‍द्रपाल रातावाल, मीरां कंवरिया तथा मोतीलाल बाकोलिया सम्मिलित हुए । दिल्‍ली निवासी श्री ज्ञानचन्‍द्र खटनावलिया ने व्‍यवस्‍था की कमान संभाली थी । इसके पश्‍चात् 7 नवम्‍बर, 2000 को नागौर में 56 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्‍पन्‍न करवाया । इसमें मुख्‍यमंत्री राजस्‍थान श्री अशोक गहलोत, श्री छोगाराम बाकोलिया मंत्री राजस्‍थान सरकार तथा स्‍वामी गोपालरामजी महाराज प्रमुख रूप से शरीक हुए । 29 जनवरी, 2001 को मुम्‍बई में 20 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्‍पन्‍न करवाया । 27 फरवरी, 2002 को जोधपुर (राज.) में 65 जोड़ों का सामूहिक विवाह ट्रस्‍ट द्वारा सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न करवाया गया । इसमें मुख्‍य अतिथि श्री धर्मदास शास्‍त्री पूर्व सांसद थे । 17 फरवरी, 2002 को छोटी खाटू जिला नागौर में 27 जोड़ों का सामूहिक विवाह का ट्रस्‍ट द्वारा आयोजन किया गया । इसमें श्री छोगाराम बाकोलिया मंत्री राजस्‍थान सरकार मुख्‍य अतिथि थे । वर्ष 1994 में हजारीमल मनोहरदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के नि:शुल्‍क इलाज के लिए ठक्‍करबापा कॉलोनी, मुम्‍बई में चिकित्‍सालय की स्‍थापना की । यह चिकित्‍सालय वर्ष 1994 से नि नवल का जन्‍म फरवरी 1947 में नागौर जिले के ग्राम छोटी खाटू में श्री हजारीमल नवल (खटनावलिया) के घर हुआ । इनकी माता का नाम श्रीमती मनोहर देवी है । श्री हजारीमल के पांच पुत्र एवं तीन पुत्रियों में से श्री भंवरलाल नवल सबसे बड़े पुत्र हैं । श्री हजारीमल की स्थिति कमजोर थी । श्री भवंरलाल नवल ने प्राथमिक एवं सैकण्‍ड्री तक की शिक्षा छोटी खाटू में ही सरकारी स्‍कूल में प्राप्‍त की । सैकण्‍ड्री स्‍कूल पास करने के बाद श्री नवल वर्ष 1964 उच्‍च शिक्षा के लिए जोधपुर गए । एस.एम.के. कॉलेज जोधपुर में दाखिला लिया । इस दौरान श्री भंवरलाल नवल रैगर समाज के श्री ज्ञानगंगा छात्रावास, नागोटी गेट में रहे । छात्रावास संस्‍थापक एवं प्रबन्‍धक स्‍वामी गोपालरामजी महाराज ने आपको भरपूर सहयोग और प्रोत्‍साहन दिया । घर की आर्थिक परिस्थितियाँ तथा पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से वर्ष 1965 पढ़ाई छोड़ कर आप वापस अपने गांव छोटी खाटू आ गए । वर्ष 1966 में आपको अध्‍यापक की नौकरी मिल गई । प्राईमरी स्‍कूल ग्राम फरड़ौद जिला नागौर में अध्‍यापक नियुक्‍त हुए । वहाँ लगभग छ: माह नौकरी की । वहाँ से नौकरी छोड़ कर राजस्‍थान राज्‍य क्रय विक्रय संघ, जयपुर में बाबू (Clerk) के पद पर नियुक्‍त हुए । नौकरी के दौरान वे आलनियावास जिला नागौर निवासी श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के सम्‍पर्क में आए । श्री धन्‍नाराम कुरड़िया का मुम्‍बई में चमड़े से निर्मित उत्‍पादों का बहुत बड़ा कारोबार था । उनका नाम विदेशी निर्यातकों में था । श्री भंवरलाल नवल सन् 1968 में बाबू की नौकरी छोड़कर मुम्‍बई चले गए और श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के वहाँ सेल्‍समेन लग गए । श्री भंवरलाल नवल ने अपनी मेहनत और लगन से अपने आपको एक सफल सेल्‍समेन साबित किया । इस वजह से इन्‍हें निर्यात का कार्य भी सोंप दिया गया । श्री धन्‍नाराम कुरड़िया के वहाँ दो साल नौकरी की । वहाँ से नौकरी छोड़ने के बाद अपना स्‍वयं का इसी लाईन का व्‍यापार मुम्‍बई में शुरू किया । धीरे-धीरे निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश किया । सन् 1977 तक अपना धन्‍धा अच्‍छा जमा दिया । सन् 1977 से 1981 तक श्री भंवरलाल नवल व्‍यापार के सम्‍बंध में अमेरिका गए और वहीं रहें । वर्ष 1982-83 में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया जिसे स्‍वीकार कर लिया गया । इससे श्री भंवरलाल नवल को भारत से अमेरिका आने जाने की सुविधा मिल गई । अमेरिका में चमड़े के उत्‍पदों का व्‍यापार करते हुए उनका ध्‍यान दूसरे धन्‍धे की तरफ गया । पुराने मकानों को खरीद कर उसकी मररम्‍मत करके पुर: बेचने के धन्‍धे में रूचि ली । इसमें उन्‍हें अच्‍छा लाभ मिला । आज श्री भवंरलाल नवल की रैगर समाज में प्रतिष्‍ठा शीर्ष पर है । अमेरिका में भी बड़े व्‍यापारियों की सूची में उनका नाम जुड़ गया है । वे आज कई करोड़ों के मालिक है ।


हजारीमल मनोहरीदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट- वर्ष 1994 में श्री भंवरलाल नवल ने एक ट्रस्‍ट बनाया जिसका नाम 'हजारीमल मनोहरीदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट' रखा । ग्‍यारह सदस्‍यों के बोर्ड में श्री भंवरलाल नवल की माता श्रीमती मनोहरीदेवी अध्‍यक्ष है और ट्रस्‍ट का सारा कार्य श्री भंवरलाल नवल स्‍वयं देखते हैं । शेष सदस्‍यों की नियुक्ति अध्‍यक्ष द्वारा की जाती है । इस ट्रस्‍ट का उद्देश्‍य है समाज सुधार के कार्यों को प्रोत्‍साहन देना तथा शिक्षा को बढ़ावा देना । श्री नवल ने ज्‍यादातर धन सामूहिक विवाह तथा शिक्षा पर व्‍यय किया । सामूहिक विवाह का आयोजन 21 फरवरी, 2000 में दिल्‍ली में 21 जोड़ों से शुरू किया । इस आयोजन में दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित, श्री सुरेन्‍द्रपाल रातावाल, मीरां कंवरिया तथा मोतीलाल बाकोलिया सम्मिलित हुए । दिल्‍ली निवासी श्री ज्ञानचन्‍द्र खटनावलिया ने व्‍यवस्‍था की कमान संभाली थी । इसके पश्‍चात् 7 नवम्‍बर, 2000 को नागौर में 56 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्‍पन्‍न करवाया । इसमें मुख्‍यमंत्री राजस्‍थान श्री अशोक गहलोत, श्री छोगाराम बाकोलिया मंत्री राजस्‍थान सरकार तथा स्‍वामी गोपालरामजी महाराज प्रमुख रूप से शरीक हुए । 


29 जनवरी, 2001 को मुम्‍बई में 20 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्‍पन्‍न करवाया । 27 फरवरी, 2002 को जोधपुर (राज.) में 65 जोड़ों का सामूहिक विवाह ट्रस्‍ट द्वारा सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न करवाया गया । इसमें मुख्‍य अतिथि श्री धर्मदास शास्‍त्री पूर्व सांसद थे । 17 फरवरी, 2002 को छोटी खाटू जिला नागौर में 27 जोड़ों का सामूहिक विवाह का ट्रस्‍ट द्वारा आयोजन किया गया । इसमें श्री छोगाराम बाकोलिया मंत्री राजस्‍थान सरकार मुख्‍य अतिथि थे । वर्ष 1994 में हजारीमल मनोहरदेवी चेरिटेबल ट्रस्‍ट ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के नि:शुल्‍क इलाज के लिए ठक्‍करबापा कॉलोनी, मुम्‍बई में चिकित्‍सालय की स्‍थापना की ।