Tuesday, November 19, 2019

होनहार ज्योति रैगर ने युवा उत्सव में रंगोली प्रतियोगिता में कला का शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय युवा उत्सव 2019-20 में होनहार ज्योति रतनलाल तारा बाई रैगर (गांव- भादवामाता जिला नीमच म.प्र.) ने रंगोली प्रतियोगिता में कला का शानदार प्रदर्शन कर संभाग स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, गांव, जिले व रैगर समाज का नाम रोशन कर दिया है।

युवा उत्सव युवाओं के विकास के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्त्वपूर्ण स्थान होता है। संकल्प से सिद्धि तक पहुंचा जा सकता है। युवा अपने गुरुजन से प्राप्त शिक्षा को बुद्धि के बल पर और आगे ले जाएँ। बार बार प्रयत्न करने से सफलता अवश्य मिलती है। युवा अपने जीवन का कोई न कोई लक्ष्य अवश्य बनाएँ।
युवा उत्सव प्रतियोगिता में कला का शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त कर परचम लहराने वाली होनहार ज्योति रतनलाल तारा बाई रैगर गांव- भादवामाता जिला नीमच म.प्र. की निवासी है l ज्योति का संभाग स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता में मेहनत ओर लगन से प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ ही राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने हेतु चयन हो गया है l युवा उत्सव प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा ज्योति रैगर को पुरस्कृत किया और बधाई दी ।
इस सफलता पर ज्योति ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं है, बस जरूरत है तो अच्छी परवरिश ओर सहारे की, हम 6 बेटियां होने के बावजूद भी मेरे माता पिता ने कोई कमी ओर कोई ख्वाहिश अधूरी नहीं रखी, खुदा करे सभी को ऐसे फरिश्ते मिले, जो अपने बच्चो को समय-समय पर डांट, प्यार, उत्साह, भरोसा, संयम,हिम्मत और सही मार्ग दर्शन दे l
होनहार ज्योति रतनलाल तारा बाई रैगर द्वारा युवा उत्सव प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर परिजन,मित्र,रिश्तेदार,क्षेत्र के लोग व रैगर समाज के विभिन्न संगठनो के लोगो का बधाई देने सिलसिला जारी है l बधाई के साथ साथ सुखद व उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ भी प्रेषित की जा रही है l



महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के तहत महिलाओ को आत्म-सुरक्षा के लिए गुर सिखाये गए



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l राजधानी में महिलाओ और किशोरियों के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़, दहेज हत्या समेत अन्य आपराधिक वारदात के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के महिला प्रकोष्ठ के द्वारा दिल्ली महिला एवं बाल कल्याण आयोग व दिल्ली पुलिस के सहयोग से रैगर समाज में महिला सशक्तीकरण के अंतर्गत महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने व आत्म सुरक्षा के गुर सिखाने के लिए रविवार 17 नवम्बर को मादीपुर स्थित विष्णु मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया l

महिलाओ के आत्म सुरक्षा के कौशल और ज्ञान को समृद्ध करने हेतु मुख्य अतिथि, अतिथियो व समाज के गणमान्य महानुभावो द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की । आयोजक गीता सक्करवाल द्वारा मुख्य अतिथि, अतिथियो व समाज के गणमान्य महानुभावो का पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया l मंच संचालन नरेंद्र अटल ने किया l

पिछली कुछ सदियों से जाने अनजाने में आम भारतीय महिलाओ के साथ इतनी ज्यादती की जाती रही है कि उसके दिलो-दिमाग में यह बात आती ही नहीं कि वर्तमान भारतीय संविधान के अनुसार महिलाओं को भी पुरुषों के समान, स्वतंत्र, गौरवमयी जीवन जीने का हक़ है । क्योंकि अधिकांश महिलाओं की बचपन से परवरिश ही इस तरह से की जाती है कि उन्हें घरेलू सामंजस्य या रीति रिवाज/परिपाटी के नाम पर जिंदगी भर बस सहन करते रहना सिखाया जाता है । इस जन्म घुट्टी के साथ पली बढ़ी महिलाएं घरेलू हिंसा को भी अपनी नियति मान खामोशी से सहन करती चली जाती हैं ।
दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत समाज के हर एक पहलू पर काम करती है। आये दिन महिलाओ और किशोरियों तथा छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील हरकत व बलात्कार की घटना होती रहती है, जिससे वे अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं । ऐसे में यह कार्यक्रम रैगर समाज की छात्राओं,किशोरियों व कामकाजी महिलाओ के लिए बेहतर साबित होगा ।
महिला आत्म सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में दिल्ली महिला एवं बाल कल्याण आयोग व दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने इसमे शिरकत कर महिलाओं एवं छोटे बालक-बालिकाओं के विरुद्ध घटित होने वाले यौन अपराध, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले अनैच्छिक बर्ताव आदि विषय पर जागरूक किया गया । इसके अलावा अभिभावकों को बताया गया कि छोटी उम्र में बच्चों के साथ विश्वास का रिश्ता कायम करना बेहद जरूरी है, और उनमें विश्वास जगाएं कि आप उनकी बातों को सीक्रेट रखेंगे ताकि वे अपनी बातें शेयर करने से न हिचकिचाएं । बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताएं l बच्चों को बताएं कि शरीर के इन हिस्सों को किसी को न छूने दे। बच्चों के मन से डर दूर करें और उन्हें ना कहना सिखाएं। अगर उन्हें कोई गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो वे प्रताड़ित करने वाले से डरे नहीं और उन्हें ऐसा न करने के लिए बोलें। प्रताड़ित करने वाले से बचने के लिए हल्ला मचाएं ताकि आसपास के लोग उसकी चीख सुनकर उसे बचा सकें । बच्चे कभी अकेले कहीं न जाएं, हमेशा दोस्तों के ग्रुप में चलें ताकि अपराध करने वाले को ऐसा करने का मौका न मिले ।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अवेयरनेस, एलर्टनेस, सेंसटाइजिंग, गुड पैरेंटिंग और अवॉइड द डेंजर ये पांच ऐसे प्वाइंट्स हैं, जिनको फालो करके यौन अपराधों से बचा जा सकता है। किसी के द्वारा छेड़छाड़, अश्लील हरकत, आपत्तिजनक टिप्पणी, फोन पर जबरदस्ती कॉल करने, अश्लील या अनावश्यक सन्देश भेजने पर महिलाएं या छात्राएं किसी भी समय महिला हेल्पलाइन 181, वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, 1098 डायल 100 नम्बरों पर फोन कर समस्या के संबंध में बेझिझक बता सकती हैं। यौन अपराध रोकने और विषम परिस्थिति में स्वरक्षा के लिए महिलाओं को घर से बाहर जाते वक़्त हमेशा अपने साथ बैग में मिर्च स्प्रे करने का यंत्र रखने का सुझाव और परिस्थिति से निपटने के लिए सेल्फ डिफेंस के गुर बताये गए ।
समाज के प्रबुद्ध वक्ताओ ने महिला सशक्तीकरण के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रम के आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि जब तक समाज की महिलाओं में अपनी आत्म सुरक्षा के प्रति चेतना नहीं होगी, तब तक महिला सशक्तीकरण संभव नहीं है l उन्होंने अभिभावकों से आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी बच्चियों को खुद की सुरक्षा के लिए अत्म निर्भर बनाएं l अभिभावक बच्चियों के साथ दोस्त बन कर रहें और उनको समाज में होनी वाली घटनाओं के विषय में जागरूक करते रहें। सामाजिक स्तर पर सोच में बदलाव लायें, और अभिभावक अपने बेटे और बेटियों की परवरिश में अंतर करना बंद करें।
उन्होंने आगे कहा कि वास्तव में महिला सुरक्षा के लिए खुद महिला को सक्षम होना होगा। लज्जा को स्त्री का गहना मानना स्वयं स्त्री को छोड़ना होगा । हिम्मत, वीरता और साहस को उसे अपने महत्वपूर्ण गुण बनाना होगा। जो डरता है उसे दुनिया डराती है । बलात्कार की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है यदि हम महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पुरुष मानवीयकरण के लक्ष्य को भी सामने रखें । घर में पिता-पत्नी और बेटी का, और बेटा-मां और बहन का सम्मान करें। बाहर किसी भी स्त्री को कोई भी पुरुष इंसान की तरह मान कर सम्मान करें। कड़े कानूनों के बनाने के बावजूद भी महिला अपराध में कमी नहीं ऐसे माहौल को बदलने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं अपितु हर आम आदमी की है ताकि हर महिला गर्व से अपने जीवन को जी सके।

Friday, November 1, 2019

होनहार युवा विकास पीपलीवाल ने आईईएस की परीक्षा में 75वीं रैंक हासिल कर, बढ़ाया रैगर समाज का मान



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l प्रतिभा किसी प्रश्रय का मोहताज नहीं होती है l  वह तो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सामान्य धारा के विरुद्ध बहते हुये पत्थर का सीना तोड़कर प्रकट होती है और अपने कदमों की आहट से समाज को सन्देश देती है कि मजबूत इरादें हों तो कुछ भी संभव है l

ऐसा ही कुछ किया है सीकर जिले के गाँव रानोली के एक गुदड़ी के लाल विकास पीपलीवाल पुत्र हरफूल पीपलीवाल ने, यूपीएससी द्वारा आयोजित भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) की परीक्षा के घोषित परिणामो में ऑल इंडिया बेसिस पर शानदार 75वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि अगर दिल से किसी भी क्षेत्र में कड़ी मेहनत एवं लगन से लक्ष्य को पाने का प्रयास किया जाए तो यकीनन लक्ष्य को पाया जा सकता है ।
होनहार विकास पीपलीवाल की सफलता पर बुदवार 30 अक्टूबर को दोपहर 03 बजे रानोली के लोगो ने रानोली बस स्टैंड से सूर्या कॉलोनी तक विकास के सम्मान में डीजे व ढ़ोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली गई l  इस मौके पर ग्रामीणों में प्रमुख रानोली सरपंच विनोद यादव, रुडाराम पीपलीवाल, बाबूलाल,महावीर वर्मा, इंजी.नीलम बिलोनिया साइंटिफिक ऑफिसर (NPCIL),ओम प्रकाश,प्रमोद,बनवारी लाल आदि ने विकास के साफा बांधा व फूलो की माला पहनाकर जोरदार भव्य स्वागत किया l  इस अवसर पर सम्मान रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाएं मौजूद थी l
विकास पीपलीवाल ने बताया कि 2016 में भी आईईएस की परीक्षा क्वालीफाई की थी लेकिन साक्षात्कार में कुछ कम अंको की कमी के कारण वंचित रह गया था l 2017 में विद्युत विभाग में जेईएन के पद पर चयन हो गया l इस वर्ष ऑल इंडिया बेसिस पर 75वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त हुई l पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद तथा मित्रों के सहयोग से उसने दूसरे प्रयास में आईईएस में स्थान प्राप्त किया है ।
सपूत वही कहलाता है जो देश व समाज के लिए कुछ करता है और जो परिवार को आगे बढ़ाता है l विकास पीपलीवाल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ सच्ची लगन और कठिन परिश्रम से आईईएस की परीक्षा पास कर अपने परिवार और समाज को मुख्यधारा मे लाने का काम किया है l उनकी इस कामयाबी पर परिजनों व विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के द्वारा बधाई देने वालो का सिलसिला जारी है । सभी परिजनो व शुभेच्छुओं ने बधाई देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है ।

Wednesday, October 30, 2019

प्रतिभाशाली पंकज कुमार सांटोलिया का आईईएस में चयन, परिवार व रैगर समाज में खुशी की लहर



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) की परीक्षा के घोषित परिणामो में उपतहसील नारायणपुर के छोटे से गाँव अजबपुरा निवासी पंकज कुमार पुत्र मोहनलाल सांटोलिया ने महज 23 वर्ष की आयु में साक्षात्कार के प्रथम प्रयास में ही आईईएस की परीक्षा में 194वीं रैंक हासिल कर माता,पिता व गाँव तथा समाज का नाम रोशन किया है l उनकी इस कामयाबी पर परिजनों व विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के द्वारा बधाई देने वालो का सिलसिला जारी है ।

जैसे ही गाँव अजबपुरा में पंकज के आईईएस में चयन की सूचना मिली, तो परिवार व कस्बे में खुशी की लहर दौड़ गई । गाँव के लाल पंकज की सफलता से गदगद गाँव अजबपुरा सहित आसपास के गांवों से घर पर रिश्तेदार व क्षेत्र तथा समाज के लोग बधाई देने पहुंचने लगे । इस दौरान आसपास के गांवों के लोगो ने पंकज के सम्मान में डीजे व ढ़ोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली व मिठाई बांटी l इस मौके पर ग्रामीणों ने पंकज के साफा बांधा व फूलो की माला पहनाकर जोरदार भव्य स्वागत किया l इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाएं मौजूद थी l 
बेटे की इस उपलब्धि पर पिता मोहनलाल सांटोलिया ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था क्योंकि पंकज शुरू से ही होनहार रहा है, वह दसवीं में विद्यालय में टापर रहते हुए, नवीं व दसवीं की पढाई अपने गाँव अजबपुरा के सरकारी विद्यालय से की तथा बारहवीं तक की पढाई नारायणपुर में स्थित सरकारी स्कूल से हिंदी माध्यम से 2013 में की l एसवीएनआईटी 2017 के बैच में सूरत से बीटेक करने के बाद एक वर्ष तक दिल्ली में कोचिंग करने के बाद पंकज ने साक्षात्कार में प्रथम प्रयास में ही आईईएस की परीक्षा पास कर ली l
पंकज कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय सरकारी शिक्षक,पिता मोहनलाल सांटोलिया, गृहणी माता अमरुदी देवी व अपने गुरुजनों तथा प्रेरणा स्त्रोत महापुरुषों को देते हुए कहा कि मेहनत करने वालो की कभी हार नहीं होती और मेहनत व लगन से सभी लक्ष्य प्राप्त किये जा सकते है l पंकज का कहना है कि उनके हर निर्णय में माता-पिता ने पूरा साथ दिया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया ।
पंकज फिलहाल अपनी इस उपलब्धि से खुश तो हैं पर संतुष्ट नहीं है। वे कहते हैं कि मुझे अपने लक्ष्य को पाने के लिए और भी आगे जाना है । पंकज की पहली पसंद आईएएस है l अभी मिली सफलता के पद पर सेवा को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगे । लक्ष्य प्राप्ति के लिए सेवा के साथ साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी करनी है ।


Tuesday, October 29, 2019

दिल्ली के पूर्व मेयर योगेन्द्र चांदोलिया ने स्मारिका प्रकाशित कर रच दिया रैगर समाज का इतिहास



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l स्वामी आत्मा राम लक्ष्य् जन्मोत्सव समारोह समिति दिल्ली के द्वारा सोमवार 28 अक्तूबर 2019 को रैगर चौपाल रतिया वाली प्याउ, देवनगर, करोल बाग मे दीपावली मंगल मिलन व ताल कटोरा स्टेडियम मे रैगर सम्मेलन के सफल आयोजन के उपलक्ष्य में रैगर स्मारिका प्रकाशित की गई का वितरण समारोह में चाय पकोड़े के पश्चात संस्था के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र चांदोलिया द्वारा समाज के उपस्थित गणमान्य लोगो को बांटी ।


रैगर समाज के इतिहास में रैगर समाज के प्रिय सांसद स्व० धर्मदास शास्त्री ने समाज के चतुर्थ व पंचम सम्मेलन में भारत सरकार के महामहिम राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी को बुलाकर रैगर समाज का मान सम्मान और प्रतिष्ठा को बढ़ा कर समाज को गौरवान्वित किया था l इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए पूर्व मेयर योगेन्द्र चांदोलिया ने रविवार 20 अक्तूबर 2019 को विज्ञान भवन में रैगर स्मारिका का विमोचन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के कर-कमलो से करवाकर इतिहास रच दिया l यह रैगर समाज के लिए गौरव की बात है l

पूर्व मेयर योगेन्द्र चांदोलिया ने समाज को जानकारी देते हुए बताया कि ऐतिहासिक जानकारी जो विभिन्न रुपों में विभिन्न जगहों पर उपलब्ध हुई है उसके आधार पर मैंने और मेरे सहयोगियों ने रैगर समाज की स्मारिका के लिए दिन-रात मेहनत कर रैगर स्मारिका प्रकाशित की है l इस स्मारिका को जब भी कोई समाज का व्यक्ति देखेगा या पढ़ेगा तो वह अपने आप को रैगर समाज की गौरवान्वित करने वाली वंशबेल से जुड़ा हुआ पायेगा ।

समारोह में रैगर समाज के गणमान्य लोगो ने भाग लिया और चाय पकोड़े के नाश्ते के बाद में छठे रैगर सम्मेलन को सफल बनाने में अपना तन-मन-धन से सहयोग प्रदान करने वाले सभी आये हुए महानुभावो को रैगर स्मारिका का वितरण किया गया l सभी स्मारिका की भूरि- भूरि सराहना की l



Sunday, October 27, 2019

संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड का आयोजन किया जायेगा



दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के तत्वाधान में दिनाँक 24-25 नवंबर, 2019 को ग्वालियर में साउथ एशिया कॉन्क्लेव और ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा l इस कार्यक्रम में देश की चुनिंदा शख्सियतों को ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा ।
कार्यक्रम भारत के हृदय प्रदेश के ग्वालियर शहर में साउथ एशिया कॉन्क्लेव और ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड समारोह में देश-विदेश से प्रतिभाशाली लोग भाग ले रहे हैं । समारोह में समाज कल्याण, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण,बाल अधिकार,शिक्षा,स्वास्थ्य, पर्यावरण, पानी बचाओ और स्वच्छता,साहित्य, उद्योग, खेलकूद,कला, पत्रकारिता, एनजीओ,नए व्यापार आदि में अपनी उत्कृष्ट कार्यो में सहभागिता दर्ज करवाने वाली विभूतियों को गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा ग्लोबल अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा ।
गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने समाजहित एक्सप्रेस को बताया कि इस कार्यक्रम में साउथ एशिया के देशों के अलावा बेल्जियम से कपिल कुमार, अमेरिका से श्रीमती अनीता कपूर, कनाड़ा से सरन घई, जापान से सुश्री रमा शर्मा और फीजी से सुश्री सुएता दत्त चौधरी ने इस कॉन्क्लेव में सामाजिक अपवर्जन, न्याय और सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा में भाग लेने हेतु अपनी स्वीकृति दी है । इसमें साउथ एशिया डेवलपमेंट इनिशिएटिव ( नेटवर्क ) का भी जुड़ाव है । पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण देश नेपाल के काठमांडू में तय किया गया उसी अनुसार यह कॉन्क्लेव और सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता रहा है ।
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक मुद्दों पर समझ बनाना है । बेहतर कला को प्रोत्साहन/सम्मान देने के साथ ही अनुशासन, सबको साथ लेकर चलना और मैत्री/भाईचारा प्रमुख है । इस कार्यक्रम को किसी भी विभाग या वित्तीय अभिकरण द्वारा सहयोग नहीं किया गया है। यह कार्यक्रम केवल जनसहयोग से किया जा रहा है। अतः अति संवेदनशील, धार्मिक, जातिगत कट्टरपंथी, एटिट्यूड में बंधे, बात बात में विवाद पैदा करने वाले व्यक्ति कृपया इसमें शामिल होने से बचें ।
उन्होंने आगे कहा कि समारोह में भाग लेने वाले सभी चयनित प्रतिभागियों (बच्चों के साथ एक अभिभावक, महिलायें घर के एक अन्य सदस्य के साथ) के लिए सामान्य/साझा आवास, भोजन व्यवस्था 23 नवम्बर की शाम से 26 नवम्बर की सुबह तक कार्यक्रम स्थल पर निःशुल्क रहेगी । एकल या उच्चस्तरीय व्यवस्था चाहने वाले अपने आवास की व्यवस्था स्वयं के खर्च पर कर सकते हैं । यदि कोई भी संस्था, विभाग या व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं तो श्रीप्रकाश सिंह निमराजे (अध्यक्ष) से 9425118370, 9926784506, 8223856752, 8349891437, 9767074555, 7292007478 आदि नंबर पर सम्पर्क कर सकते है जिससे हमारे प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी । संस्था को आयकर अधिनियम, 1961 द्वारा80 (G) के तहत कर में छूट प्राप्त है।
गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के द्वारा अवार्ड के लिए नामांकन पंजीकरण 25 अक्टूबर 2019 तक किया गया था l चयन हेतु निर्णायक मंडल में साहित्यकार, पत्रकार, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, प्रोफेसर, विधिवेत्ता व वरिष्ठ समाज सेवियों को रखा गया । निर्णायक मंडल का अंतिम निर्णय सर्वमान्य होगा। संस्था द्वारा नाम चयन के पश्चात बिना किसी कारण से कार्यक्रम से अचानक अनुपस्थित रहने वाले प्रतिभागी अगले कार्यक्रम में सशुल्क ही आवेदन कर सकेंगे ।

Friday, October 25, 2019

रैगर समाज के प्रतिभाशाली गिरीश भारती (धौलपुरिया) शिक्षा के दम पर युवाओ के प्रेरणास्त्रोत बने



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l अगर आपके हौंसले बुलंद हो तो कोई भी वजह आपको कामयाब होने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच साबित किया है हाल निवासी सुरता सिंह रोड, छहरटा, अमृतसर के रैगर समाज के प्रतिभाशाली हिस्ट्री विषय के लेक्चरर गिरीश भारती (धौलपुरिया) ने । आज वह युवाओ के लिए प्रेरणा स्त्रोत है l

रैगर समाज का होनहार युवा गिरीश भारती (धौलपुरिया) जिसके मन में शिक्षा के जरिये देश, समाज, परिवार व खुद को बुलंदी पर ले जाने की प्रबल इच्छा उडान भर रही थी l यही वजह थी कि उसने  परिवार की आर्थिक तंगी के कारण भी अपने पढ़ने की इच्छा को कभी मरने नहीं दिया । गिरीश भारती, भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं।

गिरीश भारती के पिता रमेश राज पुत्र सुंदर मल धौलपुरिया करीब साठ साल पहले गाँव मंडावा, जिला  झुंझुनू राजस्थान से पंजाब में आया था। पिता रमेश राज मेहनत मजदूरी करते थे । इसके बाद वह खुद के दम पर नगर निगम में राज मिस्त्री बने। परिवार में छह भाई-बहनों में गिरीश सबसे बड़े है l

गरीब परिवार में पैदा हुए भारती की आर्थिक तंगी के चलते स्कूली पढ़ाई 10वीं के बाद छूट गई, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी । इसके वह अपने परिवार के पुश्तैनी काम में 5 साल तक पंजाबी जूते बनाने लगे, लेकिन इस दौरान भी पढ़ाई की ललक नहीं छूटी और वह आईटीआई में एडमिशन लेकर कोर्स करने लगे । वहीं एलआईसी का काम भी शुरू किया ताकि पढ़ाई का खर्च निकलता रहे । साल 1993 में उनकी शादी हो गई, मगर पढ़ाई में उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा ।

गिरीश भारती ने फिर अपनी लग्न और मेहनत से ग्रेजुएशन की और उसके बाद बीएड किया l डीएवी हाथी गेट स्कूल में लेक्चरर के रूप में पढ़ाना शुरू किया । लेकिन यही तक अपनी मंजिल नहीं मानी और उन्होंने यूजीसी नेट परीक्षा में भी हाथ आजमाना शुरू किया। इसमें वह 9 बार असफल रहे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी । फिर जब सफलता मिलने लगी तो लगातार 9 बार इस परीक्षा को क्लीयर किया । भारती बताते हैं कि उनके पिता और माता गीता देवी उन्हें सफलता के लिए हमेशा प्रेरित किया करते थे।

गिरीश समाज सेवा भी करते है और खुद रोज 5 घंटे पढ़ते भी हैं l  युवाओं को फ्री मोटिवेशन के अलावा विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी भी करवाते हैं । वह चार सब्जेक्ट इतिहास, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र और एजुकेशन में एमए कर चुके हैं, लेकिन पढ़ाई की ललक अभी भी कम नहीं हुई । अब 48 साल की उम्र में इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान विषय में पांचवीं बार एमए कर रहे हैं । वह जीएनडीयू से उर्दू की भी पढ़ाई कर चुके हैं और अब पर्शियन सीख रहे हैं । वह आज भी सादगी भरा जीवन व्यतीत करते हैं ।

बाबा सोहन सिंह भकना सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इतिहास के लेक्चरर के रूप में कार्यरत भारती बताते हैं कि वह घर पर विभिन्न परीक्षाओं के लिए युवाओं को फ्री में तैयारी करवाते हैं। गिरीश का कहना है कि उनकी जिंदगी का मकसद ही लोगों में ज्ञान की रोशनी जगाना और उन्हें पढ़-लिख कर अच्छे नागरिक बनने को प्रेरित करना है ।