Friday, July 3, 2020

मृत्युभोज एक सामाजिक बुराई के अलावा क़ानूनी दण्‍डनीय अपराध भी है



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जिस भोजन को रोते हुए बनाया जाता है,! जिस भोजन को खाने के लिए रोते हुए बुलाया जाता हैं,! जिस भोजन को आँसू बहाते हुए खाया जाता हैं उस भोजन को मृत्युभोज कहा जाता है। पुराने समय में यह केवल राजा-महाराजाओं और सक्षम लोगों के द्वारा प्रजा के लिए किया जाता था। अब हर आदमी स्वयं को श्रेष्ठ मानने लगा है, कि मेरे पास भी धन है...यह दिखाने के लिए लम्बा खर्च उठाया जाता है। यह इतना खर्चीला हो गया है कि दिखावे और परंपरा के चक्कर में कई साधारण दुखी परिवारों की कमर टूट जाती है वे कर्ज तक में डूब जाते हैं ।

शास्त्रों में कहा गया-सम्प्रीति भोज्यानि आपदा भोज्यानि वा पुनैः अर्थात् "जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का मन प्रसन्न हो, तभी भोजन करना चाहिए। यदि भोजन खिलाने वाले एवं खाने वालों दोनो के दिल में दर्द हो, वेदना हो तो ऐसी स्थिति में कदापि भोजन नहीं करना चाहिए । यदि एक व्यक्ति स्वयं अपने आप को बदल लें और आदर्श कार्य की ओर सच्चे मन से अग्रसर हो जाये तो बहुत कुछ बदलाव हो सकता है ।
मानव विकास के रास्ते में बाधक भू-माफिया, ब्याज-माफिया और मिलावट-माफिया संगठित होकर मृत्युभोज की सामाजिक कुरीति को आगे बढ़ाते हैं। उनके स्वयं के परिजनों की मौत होने पर वे बढ़-चढ़ कर मृत्युभोज के आयोजन पर खर्च करते हैं, जैसे खुशी का मौका हो, मिठाईयाँ बनाई और परोसी जाती है,और लोगो को खिलाकर खुशी का इजहार करते है, ताकि मध्यम और निम्र वर्ग इसे समाज के साथ जुडाव की आवश्यक परम्परा मानकर, या लोक-लज्जा के कारण करता रहे । आप ने देखा होगा एक जानवर भी अपने किसी साथी के मरने पर मिलकर वियोग के दुःख को प्रकट करते हैं और खाना तक नहीं खाते l
मृत्युभोज, किसी भी परिवार की आर्थिक स्थिति को अंदर तक हिला देता है। सरकार ने मृत्युभोज के आर्थिक दुष्परिणामों को देखते हुए, राजस्थान मृत्युभोज निवारण अधिनियम 1960 पारित किया हुआ है l जिसके तहत मृत्युभोज एक दण्‍डनीय अपराध है, इसका उल्लंघन करने वालों के लिए एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है, आइये इसके प्रावधानों के बारे में विस्तार से जाने :-   
 मृत्‍यु-भोज निषेध कानून :-
मृत्‍यु-भोज जिसमें, गंगा-प्रसादी इत्‍यादि शामिल है अब ''राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम 1960'' के तहत दण्‍डनीय अपराध हो गया है ।
मृत्‍यु-भोज की कानून में परिभाषा :-
राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम की धारा 2 में लिखा है कि किसी परिजन की मृत्‍यु होने पर, किसी भी समय आयोजित किये जाने वाला भोज, नुक्‍ता, मौसर, चहलल्‍म एवं गंगा-प्रसादी मृत्‍युभोज कहलाता है कोई भी व्‍यक्ति अपने परिजनों या समाज या पण्‍डों, पुजारियों के लिए धार्मिक संस्‍कार या परम्‍परा के नाम पर मृत्‍यु-भोज नही करेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व उसमें शामिल होना अपराध है :-
धारा 3 में लिखा है कि कोई भी व्‍यक्ति मृत्‍यु-भोज न तो आयोजित करेगा न जीमण करेगा न जीमण में शामिल होगा न भाग लेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व कराने वाले की सजा व दण्‍ड :-
धारा 4 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति धारा 3 में लिखित मृत्‍यु-भोज का अपराध करेगा या मृत्‍यु-भोज करेन के लिए उकसायेगा, सहायता करेगा, प्रेरित करेगा उसको एक वर्ष की जेल की सजा या एक हजार रूपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज पर कोर्ट से स्‍टे लिया जा सकता है :-
धारा 5 के अनुसार यदि किसी व्‍यक्ति या पंच, सरपंच, पटवारी, लम्‍बरदार, ग्राम सेवक को मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना एवं ज्ञान हो तो वह प्रथम श्रेणी न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना-पत्र देकर स्‍टे लिया जा सकता है पुलिस को सूचना दे सकता है । पुलिस भी कोर्ट से स्‍टे ले सकती है एवं नुक्‍ते को रूकवा सकती है । सामान को जब्‍त कर सकती है ।
कोर्ट स्‍टे का पालन न करने पर सजा :-
धारा 6 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति कोर्ट से स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज करता है तो उसको एक वर्ष जेल की सजा एवं एक हजार रूपये के जुर्माने या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
सूचना न देने वाले पंच-सरपंच-पटवारी को भी सजा :-
धारा 7 में लिखा है कि यदि मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना कोर्ट के स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज आयोजन होने की सूचना पंच, सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक कोर्ट या पुलिस को नहीं देते हैं एवं जान बूझकर ड्यूटी में लापरवाही करते हैं तो ऐसे पंच-सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक को तीन माह की जेल की सजा या जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज में धन या सामान देने वाला रकम वसूलने का अधिकार नहीं है :-
धारा 8 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज हेतु धन या सामान उधार देता है तो उधार देने वाला व्‍यक्ति, बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज करने वाले से अपनी रकम या सामान की कीमत वसूलने का अधिकारी नहीं होगा । वह कोर्ट में रकम वसूलने का दावा नहीं कर सकेगा । क्‍योंकि रकम उधार देने वाला या सामान देने वाला स्‍वयं धारा 4 के तहत अपराधी हो जाता है ।
अत: यदि कोई व्‍यक्ति अंधविश्‍वास में फंसकर या उकसान से मृत्‍यु-भोज कर चुका है और उसने किसी से धन या सामान उधार लिया है तो उसको वापिस चुकाने की जरूरत नहीं है । अत: सभी बुद्धिजीवियों का कर्तव्य है कि मृत्‍यु-भोज को रूकावे न मानने पर कोर्ट से स्‍टे लेवे एवं मृत्‍यु-भोज करने व कराने वालो को दण्डित करावें ।
इस देश का जन सामान्‍य, भोले-भाले, अनपढ़, रूढ़ीवादी धर्मभीरू श्रमजीवी वर्ग के लोग स्‍वर्ग-मोक्ष के अंधविश्‍वासी कर्मकाण्‍डों में सस्‍कारों में जीवन भर फंसे रहते है । ये संस्‍कार, कर्मकाण्‍ड इनके काले-भालू रूपी कम्‍बल की भांति लिपट गये है जो छोडना चाहने पर भी नहीं छूटते है है बल्कि गरीबों-कंगाली व बर्बादी के गर्त में डूबों रहे हैं ।


Thursday, July 2, 2020

दुबई से हीरा लाल रैगर पांच माह से लापता, पत्नी ने सरकार से पति के वतन वापसी की गुहार लगाई



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) l सीकर जिले के दांतारामगढ़ से हीरा लाल रैगर कमाने के लिए दुबई गया हुआ है, वह पिछले 18 वर्षों से दुबई में आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा है l पांच महीने पहले 19 जनवरी को फोन पर पत्नी से आखिरी बार बात हुई उसके बाद से उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है । पत्नी ने भारतीय विदेश मंत्री, मुख्यमंत्री,सांसद, विधायक और कलेक्टर को पत्र लिखकर पति के वतन वापसी की गुहार लगाई है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ कस्बे के वार्ड नंबर 17 का रहने वाला 38 वर्षीय हीरा लाल रैगर पिछले 18 वर्षों से दुबई में आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा है l हीरा लाल रैगर की 19 जनवरी को आखिरी बार पत्नी से फोन पर बात हुई, उसने फोन पर जल्द ही भारत लौटने की बात कहीं थी । अब उसका फोन नंबर भी बंद है और उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है ।
फोन पर सम्पर्क नहीं होने से परिजन परेशान है, पत्नी सरस्वती देवी और उनकी दो बेटियां व 10 वर्षीय एक पुत्र तथा परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है l वह भारत सरकार से गुहार लगा रही है कि शीघ्र ही उसके पति हीरा लाल रैगर का पता लगाकर उसे भारत लाने की कार्यवाही करें l
परिजनों की और से भारतीय विदेश मंत्रालय में विदेश मंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री,क्षेत्रीय सांसद, विधायक और कलेक्टर को पत्र लिखकर लापता युवक हीरा लाल रैगर के वतन वापसी की गुहार लगाई है । लेकिन अभी तक उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है । पांच महीने बीत जाने के बाद भी भारत सरकार व दुबई के आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया है l परिवार लगातार सरकारी कार्यलयों के चक्कर लगा कर मदद मांग रहा है l

Friday, May 1, 2020

दिल्ली युवा जागृति मंच द्वारा ज्वालापुरी के आसपास क्षेत्रो में गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को भोजन और खाद्य सामग्री के पैकेट व मास्क वितरित किये



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली युवा जागृति मंच के तत्वाधान में मंच के पदाधिकारिगण लॉकडाउन के दौरान ज्वालापुरी कैंप न० 5 के आसपास ओल्ड PVC मार्किट, उद्योग नगर व भीम नगर के क्षेत्रो में झुग्गियों में रह रहे किरायेदार, गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को पका-पकाया भोजन और खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को मास्क बांटकर, घर से बाहर नहीं निकलने और लॉकडाउन के निर्देशों के पालन करने की अपील की ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिल्ली युवा जागृति मंच की ओर से लॉकडाउन के दौरान मंच के चेयरमैन अशोक तंवर व अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल के नेतृत्व में ज्वालापुरी कैंप न० 5 के आसपास ओल्ड PVC मार्किट, उद्योग नगर व भीम नगर के क्षेत्रो में झुग्गियों में रह रहे किरायेदार, गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किये गए, इसके अलावा सूखा राशन आटा 5 Kg चावल 2.5 Kg दाल 1 Kg खाद्य सामग्री की किट 100 जरूरतमंद लोगों को बांटी गई l

इस दौरान दिल्ली युवा जागृति मंच के कार्यकर्ताओ ने लगातार 8 दिन तक कभी पुरी सब्जी, कभी छोले चावल, कभी आलू चावल की खिचड़ी आदि का भोजन तैयार करवा कर स्वच्छ और स्वास्थ्य के हितकर भोजन के पैकेट में पैक कर बांटे गए, क्षेत्र में गरीब लोगो को 2000 मास्क भी बाँटे और साथ ही क्षेत्रीय लोगो से घर से बाहर नहीं निकलने और लॉकडाउन के निर्देशों के पालन करने की अपील की ।

मंच के अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल ने समाजहित एक्सप्रेस के संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को बताया कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन की स्थिति में ज्वालापुरी के आसपास क्षेत्रों में कोई भूखा नहीं सोए इसके लिए हमने छोटी सी पहल कर रोजाना भोजन के पैकेट निःशुल्क बांट रहे हैं । मजदूर, गरीब और असहाय लोगों के घरों तक खाद्य सामग्री की किट भी पहुंचा रहे हैं । मंच का मूल उद्देश्य ही मानवता की सेवा की परम कर्तव्य है। हमारे कार्यकर्ताओ की टीम दिन रात इस नेक कार्य मे अपनी सेवा मे लगी हुई है।

इस दौरान चेयरमैन अशोक तंवर व अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल,सलाहकार भगवान सिंह भंडारी, कोषाध्यक्ष राकेश खिच्ची, सचिव पप्पू महेंद्वारिया, महासचिव मोहन बड्सीवाल,सदस्य गुलशन बागड़ी,पप्पू गुप्ता, काले पंवार, सज्जन नगर सहित अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

Wednesday, April 29, 2020

सिविल डिफेन्स वार्डन व वालंटियर्स का ज्वालापुरी में कोरोना योद्धाओं के रूप में फूलमाला पहनाकर व पुष्प वर्षा से हुआ अभिनंदन व सम्मान



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l विश्व में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे भारत में लॉकडाउन है। इस दौरान भी कोरोना वायरस के खतरे को नजरअंदाज कर सिविल डिफेन्स वालंटियर्स, डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, प्रिंसिपल, शिक्षक, सफाईकर्मी, बैंक कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, मीडियाकर्मी दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हैं। इन कोरोना योद्धाओं का अभिनंदन एवं धन्यवाद करने हेतु ज्वालापुरी में सर्वसमाज सेवा समिति (रजि०) के पदाधिकारियों व स्थानीय लोगो द्वारा कोरोना योद्धाओं को फूलमाला पहनाकर व पुष्प वर्षा कर सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया।

मंगलवार को पश्चिमी दिल्ली स्थित ज्वालापुरी के निवासियों ने सर्वसमाज सेवा समिति (रजि०) के तत्वाधान में कोरोना वायरस की लड़ाई में देश के 130 करोड़ लोगों को सुरक्षित रखने के लिए युद्ध की अग्रिम पंक्ति में खड़े सिविल डिफेन्स वालंटियर्स, डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, प्रिंसिपल, शिक्षक, सफाईकर्मी, बैंक कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी, मीडियाकर्मी आदि योद्धाओं को फूलमाला पहनाकर सम्मानित कर अभिनंदन एवं धन्यवाद किया l वहीं, छतों से महिलाओं एवं बच्चों ने सभी कोरोना योद्धाओं पर पुष्प वर्षा कर कोरोना योद्धाओं के सम्मान में जयकारे लगाए।

इस दौरान सम्मानित होने वाले में डिवीज़नल वार्डन रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया, पोस्ट वार्डन मुकेश कुशवाहा, डिप्टी पोस्ट वार्डन कमल कुमार सेजवाल, वालंटियर शिवानी आसीवल,नवीन कुमार,विशाल चौधरी व मुकेश असिवाल सहित नगर निगम के कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, सरकारी डॉक्टर, मीडियाकर्मी, शामिल रहे।

इस मौके पर RWA ज्वालापुरी कैंप न० 5 के पूर्व प्रधान मुकेश पहाडिया ने कहा इस संकट की घड़ी में सिविल डिफेन्स वालंटियर्स, डॉक्टर्स व सफाईकर्मीयों द्वारा  समाज व राष्ट्र को अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए इन सभी योद्धाओं का अभिनंदन l
सर्वसमाज सेवा समिति (रजि०) के अध्यक्ष विजय बडगुजर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस की जंग में जो योद्धा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है उनका सम्मान करना और उनका उत्साहवर्धन करना अत्यंत जरूरी है। मैं समस्त खटीक समाज की ओर से उन सभी कोरोना वॉरियर्स के योगदान, साहस और सेवा के लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं।
सर्वसमाज सेवा समिति (रजि०) के कोषाध्यक्ष दया राम बड्सीवाल ने कहा कि देश के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ये वॉरियर्स फ्रंट पर युद्ध की भांति कार्य कर रहे हैं, जो सराहनीय है। हम लोग वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉक डाउन में अपने घर सुरक्षित है तो इन्ही सभी योद्धाओं की देन हैं जो अपना व घर परिवार की चिंता किये बिना बाहर हमारी सेवा कार्य मे लगे हैं।
इस अवसर पर सर्वसमाज सेवा समिति (रजि०) के अध्यक्ष विजय बडगुजर, कोषाध्यक्ष दया राम बड्सीवाल,सचिव तेजपाल भारती, मिडिया प्रभारी धर्मपाल पहाडिया, RWA ज्वालापुरी कैंप न० 5 के पूर्व प्रधान मुकेश पहाडिया, शिव मंदिर ज्वालापुरी के प्रधान हरिचंद राजौरा व दिल्ली युवा जागृति मंच के प्रधान सुरेन्द्र बहल आदि उपस्थित रहे l

रैगर समाज के द्वारा लॉकडाउन के दौरान जयपुर में जरूरतमंदों लोगो को भोजन के पैकेट वितरित किये



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जयपुर 25 अप्रैल 2020 शनिवार को रैगर समाज के कोरोना योद्धाओं ने सिविल डिफेन्स स्वयंसेवकों, भामाशाओ एवं शुभचिन्तकों के सहयोग से रैगर छात्रावास जयपुर मैं कोरोना महामारी के दौरान लोकडाउन से प्रभावित निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन के पैकेट तैयार कर विभिन्न जगहों पर दैनिक मजदूरी करने वाले, निर्धन, असहाय व जरूरतमंद लोगों को वितरित किए गए ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक विगत एक सप्ताह पूर्व सिविल डिफेन्स वालंटियर व समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल ने समाज के कुछ व्यक्तियों को देशहित में जागृत किया की क्यों न हम कोरोना महामारी के संकट के समय असहाय लोगों को भोजन के पैकेट बनाकर वितरित कर पुनीत कार्य करें, इस विचार पर सभी लोगो ने सहमति जताई l

सभी सहयोगियों ने समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल की सोच पर सकारत्मक पहल करते हुए, दैनिक मजदूरी करने वाले, निर्धन व असहाय लोगों के लिए खाद्यान्न सामग्री की व्यवस्था के लिए समाज के नागरिकों से एक अपील जारी की । समाज के प्रभुत्वजनों व कई सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए मदद को सामने आए और रैगर समाज के इस ग्रुप को आर्थिक सहायता व भोजन के लिए खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करवाई ।

समाज के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा रैगर छात्रावास में दानदाताओं, भामाशाहों, सामाजिक संगठनों द्वारा उपलब्ध करवाई गई खाद्यान्न सामग्री से भोजन तैयार करवा कर 730 पैकेट बना कर शनिवार को मालवीय नगर, झालाना डूंगरी, अपेक्स सर्किल, मनोहरपूरा, जगतपुरा, घाटगेट रैगरों की कोठी /चांदपोल (कर्फ्यू ग्रस्त इलाका), श्री कल्याण नगर, अम्बेडकर नगर रावजी का बाग, मानसरोवर, ज्योति नगर एवं अन्य जगहों मे जरूरतमंद लोगों को वितरित किए गए । 19 अप्रैल से आजतक 3780 भोजन के पैकेट वितरित किए जा चुके है l

सिविल डिफेन्स वालंटियर व समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल द्वारा देशहित में लोगो से अपील भी की कि लोकडाउन के दौरान अपने घरों पर रहें और सोशल डिस्टेंस मेंटेन रखें। इसके साथ ही लगातार 20 सेकेंड तक अपने हाथों को धोएं। सावधानी ही बचाव है और मास्क लगाकर रखें ।

इस सेवा कार्य में तन, मन, धन से सिविल डिफेन्स वालंटियर व समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल के अलावा सी. एम.चान्दोलिया, हीरा लाल पिंगोलिया, एडवोकेट भूपेंद्र आलोरिया, प्रभु दयाल मौर्य, जगदीश जलुथरिया, राजेंद्र बसेटिंया, शकुन्तला वर्मा, लक्ष्मीचंद पंकज, लल्लू लाल पिंगोलिया, खेमचंद , मुन्ना लाल रैगर, शेर सिंह तथा हिमांशु शेर सहित संगठनों के अन्य गणमान्यो ने सहयोग किया ।
सभी दानदाताओं, भामाशाहों, सामाजिक संगठनों, तथा ऐसे व्यक्तियों जिन्होंने भौतिक व अभौतिक रूप से इस पुनीत कार्य में सहयोग किया। रैगर समाज की ओर से समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल ने उन सभी के प्रति आभार प्रदर्शित करते हुए सभी का अभिनन्दन किया।

भूख से परेशान परिवार ने समाजहित एक्सप्रेस से लगाई मदद की गुहार


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रजनी सिंह गाड़ेगांवलिया) l कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 24 मार्च की रात 12 बजे से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान गरीब परिवारों के लिए भोजन एक बड़ी समस्या बन गई है। दरअसल गुजरात के मेघाणी नगर क्षेत्र में एक परिवार ने भूख-प्यास से परेशान होकर व्हाट्सअप के माध्यम से समाजहित एक्सप्रेस के संपादक से मदद की गुहार लगाई।
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए पूरा देश 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए तमाम राज्यों की पुलिस पूरी सख्ती बरत रहे हैं। लेकिन रोज़ कमाने खाने वालों के लिए अगले 21 दिनों तक घर पर बैठकर खाना आसान काम नहीं है l भारत में लाखों दिहाड़ी मजदूर ऐसी ही परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं l कर्फ्यू के बीच घरों में उपलब्ध आटा, दाल, तेल या अन्य खाद्य सामग्री खत्म हो गई है l  बंद के कारण कुछ भी नहीं मिल रहा है ।
शुक्रवार को गुजरात के मेघाणी नगर क्षेत्र में एक परिवार ने भूख-प्यास से परेशान होकर व्हाट्सअप के माध्यम से दिल्ली में समाजहित एक्सप्रेस के संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया से मदद की गुहार लगाई । समाजहित एक्सप्रेस के संपादक, दिल्ली सिविल डिफेन्स में डिवीज़नल वार्डन के पद पर भी कार्यरत है, उन्होंने राजस्थान के जयपुर में सिविल डिफेन्स के अपने मित्र नवरत्न गुसाईवाल से सम्पर्क कर अहमदाबाद स्थित उस पीड़ित परिवार की मदद के लिए कहा l
उसी समय सिविल डिफेन्स के नवरत्न गुसाईवाल ने अपनी परिचित एन.जी.ओ. श्री अम्बिका शिव शक्ति मित्र मंडल (रजि० न० F 17690) के संयोजक दशरथ भट्ट रैगर से संपर्क कर पीड़ित परिवार की मदद करने का आग्रह किया, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संयोजक दशरथ भट्ट रैगर ने पीड़ित परिवार से फोन पर सम्पर्क स्थापित कर अपनी गाड़ी से आटा,चावल, दाल व जरूरत का राशन उसके घर पर पहुंचवाया । गुजरात के मेघाणी नगर क्षेत्र में समाजहित एक्सप्रेस के संपादक की पहल पर श्री अम्बिका शिव शक्ति मित्र मंडल NGO के संयोजक दशरथ भट्ट रैगर द्वारा भूख से परेशान एक परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चो को महज डेड घंटे के अन्दर राशन की मदद कर इस आपदा में मानवता की मिसाल पेश की ।
सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जनजागरूकता के साथ-साथ खाद्य सामग्री के वितरण के अलावा पुलिस और प्रशासन के साथ प्रत्येक कदम पर सहयोग कर रहे हैं। मौजूदा हालात में कोरोना को हराने का एकमात्र हथियार सतर्कता और 'क्वारंटाइन' है। ऐसी ही आपात परिस्थितियों से लडऩे के लिए नागरिक सुरक्षा संगठन की सक्रियता नजर आ रही है। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी सिविल डिफेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है l

श्री अंबिका शिवशक्ति मित्र मंडल द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए लॉकडाउन की स्थिति में गरीब जरुरतमंदों लोगो के लिए निशुल्क भोजन व्यवस्था


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l कोरोना महामारी के संकट की घड़ी में श्री अंबिका शिवशक्ती मित्र मंडल अहमदाबाद के लोगों की मदद करने में पीछे नहीं हैं l कोविड-19 संकट के निपटने के सरकार के प्रयासों में श्री अंबिका शिवशक्ती मित्र मंडल कई तरह से सहयोग कर रहा है l संस्था के कार्यकर्ता लोगों को बीमारी के प्रति जागरुक कर रहे हैं साथ ही लोगों को सेनेटाइजर, मास्क और गरीब जरुरतमंदों लोगो को जरूरत के हिसाब से खाने-पीने की सामग्री का वितरण कर रही है l लोगों से स्वेच्छा से राशि दान देने की संस्था द्वारा अपील भी की गई है l
अहमदाबाद शहर में लॉकडाउन की स्थिति में कमजोर, बेघरों और सड़क किनारे रह रहे लोगों को श्री अंबिका शिवशक्ती मित्र मंडल (रजि न० F 17690) 26 मार्च से जन सहयोग से दोपहर में रोजाना 500 और संध्या में 350 लोगो के भोजन की व्यवस्था कर रही है व 120 लोगो की दाल चावल आटा की कीट दी है l संस्था का उद्देश्य लॉकडाउन की स्थिति में खाने के अभाव में कोई भी भूखा नहीं रह पाए l
श्री अंबिका शिवशक्ती मित्र मंडल के संयोजक दशरथ भट्ट ने कहा है कि वह इस संकट के समय समुदायों के साथ मिलकर उनके सहयोग से काम करने को प्रतिबद्ध है l लोगों के द्वारा जो आर्थिक सहयोग मिल रहा है उससे हम जरुरतमंद लोगों में भोजन वितरित कर रहे हैं l हम समाज के सम्पन्न लोगो से अपील करते है कि हमें किसी भी तरह का सहयोग मसलन घर में जरूरत का सामान, भोजन या दवाइयां आदि आप दान दे सकते है l ऐसे कठिन काल में मनुष्य के प्राण की रक्षा करने के कार्य में सभी आगे आएं यही मानवता का तकाजा है l
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को कोरोना महामारी से बचने के लिए लॉक डाउन का पालन करना चाहिए  । साथ ही सभी से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, बार बार साबुन से हाथ धोने की अपील भी की । हमारी लापरवाही और उदासीनता के कारण किसी को दुख नहीं हो, इसका प्रयास किया जाए, तभी निकले जब बहुत जरुरी हो अन्यथा अपने घर में रहें l
18 अप्रैल 2020 सुबह 12 बजे व शाम सात बजे अंबिका चोक ठक्कर बापा नगर में 800 से 1000 जरुरत मंद लोगों के लिए भोजन सेवा श्री अंबिका शिव शक्ती मित्र मंडल (रजि०) अहमदाबाद के द्वारा वितरण किया जायेगा । भोजन लेने के लिए मुह पर मास्क पहनकर कर आये व लाइन मे एक मीटर की दुरी बनाकर रखे व छोटे बच्चो को न भेजे । आप सुरक्षित है तो देश सुरक्षित हैं l