Tuesday, July 7, 2020

पुलिस महानिदेशक ने "सेव यूथ सेव नेशन" पुस्तक का विमोचन किया



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) l जयपुर, सोमवार 6 जुलाई  को राजस्थान पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने "सेव यूथ सेव नेशन" पुस्तक का विमोचन किया । पुस्तक की लेखिका अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा हिंगोनिया है । इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को अपराध और अपराधियों से बचाने के लिए उनमे नैतिकता के साथ ही विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी देने की आवश्यकता है।

लेखिका सीमा हिंगोनिया ने बताया कि इस पुस्तक में युवाओं को अपराध से बचाने के बारे में विवरण के साथ ही युवाओं के लिए बने विभिन्न कानूनों जैसे पोक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, रैगिंग एक्ट, साइबर अपराध आदि को बहुत ही सरल भाषा में लिखा गया है । इस पुस्तक के माध्यम से पुलिस और किशोर युवा पीढ़ी के मध्य संवाद कायम करने का प्रयास भी किया गया है ताकि युवा पीढ़ी स्वयं कानूनी रूप से जागरूक होकर अपने खिलाफ हुए अपराधों हेतु सीधा पुलिस से संपर्क कर सके और न्याय प्राप्त कर सके । उन्होंने बताया कि यह पुस्तक युवाओं को गलत राह पर जाने से भी रोकने की राह दिखती है ।

Monday, July 6, 2020

पूर्व मुख्य सचिव जी० आर० आलोरिया को दी 64वें जन्मदिन की बधाई व शुभकामनाएं



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l रैगर समाज के गौरव गोनेर (जयपुर) निवासी जी० आर० आलोरिया (IAS) पूर्व मुख्य सचिव, गुजरात सरकार का आज 64वॉ जन्मदिन है l इस अवसर पर उनके मित्र, शुभचिंतक व रैगर समाज के अनेक राजनेताओं, अफसरों सहित गणमान्य लोगों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी । समाजहित एक्सप्रेस की पूरी टीम व रैगर समाज की ओर से आलोरिया साहब को जन्मदिन की बधाई व ढेर सारी शुभकामनाएं ।

रैगर समाज के जी० आर० आलोरिया का जन्म 06 जुलाई 1956 को राजस्थान जयपुर के गोनेर गाँव में हुआ l उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भी राजस्थान में ही पूरी हुई l उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए आलोरिया ने कड़ी मेहनत की और चयनित हुए और 1981 बैच के आई० ए० एस० अधिकारी बने l आलोरिया साहब सहज, सुलभ और मिलनसार व्यक्ति माने जाते हैं ।

अनुसूचित जाति के राजस्थान के प्रथम व्यक्ति है जी. आर. आलोरिया जो देश के सबसे विकसित एवं चर्चित राज्य गुजरात में अपनी मेहनत, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा के बल पर मुख्य सचिव का पद प्राप्त कर न केवल अपने पैतृक गाँव गोनेर अपितु पूरे राजस्थान प्रदेश का मस्तक गौरव से ऊँचा किया । 31 जुलाई  2016 को गुजरात सरकार के सर्वोच्च पद मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत हुए l वर्तमान में सरकार द्वारा एम.एस.टी.सी.इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार में मनोनीत निदेशक पद पर है l

समाजसेवी नवरत्न गुसाईंवाल ने जन्मदिन की बधाई व शुभकामनायें प्रेषित करते हुए कहा कि मैं ईश्वर से कामना करता हूँ कि आलोरिया साहब हमेशा स्वस्थ एवं चिरायु तथा अपने संकल्पों के अनरूप उन्नति करें और उनका जयघोष दसों दिशाओं में यूं ही गूंजता रहे। हमे हमेशा उनका मार्गदर्शन मिलता रहे l
समाजहित एक्सप्रेस की पूरी टीम व रैगर समाज की ओर से आलोरिया साहब को जन्मदिन की बधाई व ढेर सारी शुभकामनाएं और हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है ।

Sunday, July 5, 2020

भाई सुरेन्द्र बहल ने सादगी से केक काटकर एवं वृक्षारोपण कर जन्मदिन मनाया




दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली युवा जागृति मंच की ओर से रविवार को ज्वालापुरी में अपनी संस्था के अध्यक्ष भाई सुरेन्द्र बहल का 40वां जन्मदिन कोरोना संकट को देखते हुए सोशल डिस्टेंस का खास तौर पर ध्यान रखकर सादगी से केक काटकर एवं वृक्षारोपण कर मनाया गया । इस दौरान दिल्ली युवा जागृति मंच के कार्यकर्ता तथा समाजसेवी मौजूद रहे और सभी ने उन्हें सुखद एवं सफल दीर्घजीवन की कामना के साथ आशीर्वाद दिया ।
ज्वालापुरी में दिल्ली युवा जागृति मंच के सभी कार्यकर्ता अपने अध्यक्ष भाई सुरेन्द्र बहल के जन्मदिन के  अवसर पर एकत्रित हुए l वही इस दौरान भाई सुरेन्द्र बहल ने सभी की उपस्थिति में केक काटा तो सभी ने उनको केक खिलाकर बधाई दी और स्वास्थ्य एवं दीर्घजीवन की कामना की । इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों ने भी उन्हें फोन से जन्मदिन की बधाई व मंगलमय भविष्य की कामना की ।
बधाई व शुभकामनाओ के उपरांत भाई सुरेन्द्र बहल और दिल्ली युवा जागृति मंच के कार्यकर्ताओ ने समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए बारातघर के प्रांगण में छायादार पौधों का रोपण कर, भाई सुरेन्द्र बहल ने इस मौके पर उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के हित में देश के महान धार्मिक गुरुओं, संत-महात्माओं, गणमान्य व्यक्तियों के जन्मोत्सव पर बरसात के इस सीजन में अधिक से अधिक पौधारोपण करें । पेड़-पौधौं से ही हमारा जीवन है यह समस्त प्राणी जगत को प्राण वायु देते हैं इसलिए पर्यावरण शुद्धि करने के लिए हमें किसी ना किसी बहाने ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने चाहिए।
वैसे हम बताते चले कि भाई सुरेन्द्र बहल एक मिलन सार व्यक्ति के तौर पर अपनी पहचान रखते है और कई धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाते है। आज भाई सुरेन्द्र बहल दिल्ली में किसी पहचान के मोहताज नहीं है और वह समाजहित के कार्यों में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दे रहे हैं। 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सन्नी खेड़ा, दिल्ली युवा जागृति मंच के चैयरमैन अशोक तंवर, सलाहकार भगवान सिंह भण्डारी, सलाहकार श्याम लाल बड़सीवाल, सदस्य गुरुदेव बड़सीवाल, गुलशन बागड़ी, प्रमोद बैहवाल, सन्दीप तंवर,  महासचिव मोहन बड़सीवाल,  सहसचिव गिरिराज भारती व विकास R.W.A आर ब्लाक ज्वालापुरी कैम्प नं 5 के प्रधान हरिशचन्द राजौरा, सन्त शिरोमणि श्री दुर्बलनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष धनराज चेतीवाल, श्याम प्रभु कृपा मण्ड़ल के प्रधान प्रहलाद शरण बड़सीवाल, ओल्ड़ पीवीसी मार्किट ज्वालापुरी R.W.A के प्रधान सुभाष सांखला, प्रमुख समाजसेवी सुरजीत चावला, पूर्व प्रधान निहाल विहार मंगल मल्होत्रा, दिल्ली युवा जागृति मंच के नागंलोई मण्ड़ल अध्यक्ष मुकेश बसवाला, उपाध्यक्ष सज्जन नागर व रघुवीर सिंह गाड़ेगांवलिया (सम्पादक समाजहित एक्सप्रेस) सहित अन्य सामाजिक गणमान्य महानुभाव व कार्यकर्तागण उपस्थित हुए।

Saturday, July 4, 2020

रैगर समाज के युवा प्रवीण तुसीवाल ने कोरोना से जंग जीतकर, प्लाज्मा दान कर दूसरों के जीवनरक्षा हेतु आगे आये



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली के पश्चिम पुरी निवासी प्रवीण तुसीवाल मजबूत इच्छाशक्ति से कोरोना की जंग जीत ली है । अब वे पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग को प्लाज्मा दान कर जीवनदान देने का पुण्यकार्य किया, उसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य कोरोना संक्रमितों के जीवन की रक्षा करने के उद्देश्य से लोगों को भी प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आने को प्रेरित कर रहे हैं l जिससे अधिक से अधिक लोगों के जीवन की रक्षा की जा सके। पश्चिमी जिला प्रशासन की उपायुक्त नेहा बंसल ने इनके इस प्रयास को काफी सराहा है और उन्हें असल मायनों में कोरोना का योद्धा बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 मई को रैगर समाज का पश्चिम पुरी निवासी प्रवीण तुसीवाल (29 वर्षीय) कोरोना संक्रमित हुए थे और गुरु गोबिद सिंह अस्पताल में रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद उन्हें बक्करवाला में प्रशासन की ओर से बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया । वहां हालात बिगड़ने के बाद उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती किया गया । जहां करीब 12 दिनों तक आइसोलेशन में रहने के बाद कोरोना से जंग जीतकर सकुशल अपने घर लौट आए l प्रवीण के घर लौटने से उनकी फैमिली बेहद खुश है और लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया ।
कुछ समय के बाद प्रशासन की तरफ से प्रवीण तुसीवाल को प्लाज्मा दान देने के लिए मैसेज मिला। मैसेज देखने व पढ़ने के बाद उसने अपने परिवार के सदस्यों से इस बाबत बात की और प्लाज्मा दान करने का मन बनाया । उनके इस सेवा भाव के जज्बे को को देखते हुए पश्चिमी जिला प्रशासन की उपायुक्त नेहा बंसल ओर धर्मेन्द्र कुमार (ADM) द्वारा सम्मानित भी किया गया l
प्रवीण तुसीवाल ने बताया असल में मेरा ब्लड ग्रुप 'ओ पॉजीटिव'  काफी दुर्लभ है, ऐसे में मेरा आगे आना और भी जरूरी हो गया था । जब मेरी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी, उस समय मैंने मेरी परिस्थिति को अनुभव किया था। परिवार के लोगो की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, उनके मन में डर था। ऐसा डर उन-उन स्वजनों के दिल में भी होगा, जिनके परिवार का सदस्य कोरोना संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। यदि हम किसी भी सूरत में लोगों के दुख कम कर सकते है तो हमे इसके लिए आगे आना चाहिए, ताकि इंसानियत पर लोगों का भरोसा बना रहे ।
प्रवीण ने बताया कि उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया है, ताकि जिस किसी को भी प्लाज्मा की जरूरत हो तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सके। साथ ही सोशल मीडिया पर उनके प्रेरणादायक मैसेज से प्रेरित होकर कुछ लोग भी प्लाज्मा दान करने का मन बना चुके है। प्रवीण का सपना है कि वे आईएलबीएस में बने प्लाज्मा बैंक की तर्ज पर वे भी एक प्लाज्मा बैंक बनाएं और उससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। जिससे प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर लोगों को इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें मुफ्त प्लाज्मा मिले। इस दिशा में प्रवीन ने शुरुआत भी कर दी है।
कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों के मन में काफी डर है। उस परिस्थिति में लोग हिम्मत न छोड़े इसके लिए प्रवीन अपने अनुभव के आधार पर कोरोना संक्रमित लोगों की काउंसलिग कर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश भी करते है।

Friday, July 3, 2020

मृत्युभोज एक सामाजिक बुराई के अलावा क़ानूनी दण्‍डनीय अपराध भी है



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जिस भोजन को रोते हुए बनाया जाता है,! जिस भोजन को खाने के लिए रोते हुए बुलाया जाता हैं,! जिस भोजन को आँसू बहाते हुए खाया जाता हैं उस भोजन को मृत्युभोज कहा जाता है। पुराने समय में यह केवल राजा-महाराजाओं और सक्षम लोगों के द्वारा प्रजा के लिए किया जाता था। अब हर आदमी स्वयं को श्रेष्ठ मानने लगा है, कि मेरे पास भी धन है...यह दिखाने के लिए लम्बा खर्च उठाया जाता है। यह इतना खर्चीला हो गया है कि दिखावे और परंपरा के चक्कर में कई साधारण दुखी परिवारों की कमर टूट जाती है वे कर्ज तक में डूब जाते हैं ।

शास्त्रों में कहा गया-सम्प्रीति भोज्यानि आपदा भोज्यानि वा पुनैः अर्थात् "जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का मन प्रसन्न हो, तभी भोजन करना चाहिए। यदि भोजन खिलाने वाले एवं खाने वालों दोनो के दिल में दर्द हो, वेदना हो तो ऐसी स्थिति में कदापि भोजन नहीं करना चाहिए । यदि एक व्यक्ति स्वयं अपने आप को बदल लें और आदर्श कार्य की ओर सच्चे मन से अग्रसर हो जाये तो बहुत कुछ बदलाव हो सकता है ।
मानव विकास के रास्ते में बाधक भू-माफिया, ब्याज-माफिया और मिलावट-माफिया संगठित होकर मृत्युभोज की सामाजिक कुरीति को आगे बढ़ाते हैं। उनके स्वयं के परिजनों की मौत होने पर वे बढ़-चढ़ कर मृत्युभोज के आयोजन पर खर्च करते हैं, जैसे खुशी का मौका हो, मिठाईयाँ बनाई और परोसी जाती है,और लोगो को खिलाकर खुशी का इजहार करते है, ताकि मध्यम और निम्र वर्ग इसे समाज के साथ जुडाव की आवश्यक परम्परा मानकर, या लोक-लज्जा के कारण करता रहे । आप ने देखा होगा एक जानवर भी अपने किसी साथी के मरने पर मिलकर वियोग के दुःख को प्रकट करते हैं और खाना तक नहीं खाते l
मृत्युभोज, किसी भी परिवार की आर्थिक स्थिति को अंदर तक हिला देता है। सरकार ने मृत्युभोज के आर्थिक दुष्परिणामों को देखते हुए, राजस्थान मृत्युभोज निवारण अधिनियम 1960 पारित किया हुआ है l जिसके तहत मृत्युभोज एक दण्‍डनीय अपराध है, इसका उल्लंघन करने वालों के लिए एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है, आइये इसके प्रावधानों के बारे में विस्तार से जाने :-   
 मृत्‍यु-भोज निषेध कानून :-
मृत्‍यु-भोज जिसमें, गंगा-प्रसादी इत्‍यादि शामिल है अब ''राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम 1960'' के तहत दण्‍डनीय अपराध हो गया है ।
मृत्‍यु-भोज की कानून में परिभाषा :-
राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम की धारा 2 में लिखा है कि किसी परिजन की मृत्‍यु होने पर, किसी भी समय आयोजित किये जाने वाला भोज, नुक्‍ता, मौसर, चहलल्‍म एवं गंगा-प्रसादी मृत्‍युभोज कहलाता है कोई भी व्‍यक्ति अपने परिजनों या समाज या पण्‍डों, पुजारियों के लिए धार्मिक संस्‍कार या परम्‍परा के नाम पर मृत्‍यु-भोज नही करेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व उसमें शामिल होना अपराध है :-
धारा 3 में लिखा है कि कोई भी व्‍यक्ति मृत्‍यु-भोज न तो आयोजित करेगा न जीमण करेगा न जीमण में शामिल होगा न भाग लेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व कराने वाले की सजा व दण्‍ड :-
धारा 4 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति धारा 3 में लिखित मृत्‍यु-भोज का अपराध करेगा या मृत्‍यु-भोज करेन के लिए उकसायेगा, सहायता करेगा, प्रेरित करेगा उसको एक वर्ष की जेल की सजा या एक हजार रूपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज पर कोर्ट से स्‍टे लिया जा सकता है :-
धारा 5 के अनुसार यदि किसी व्‍यक्ति या पंच, सरपंच, पटवारी, लम्‍बरदार, ग्राम सेवक को मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना एवं ज्ञान हो तो वह प्रथम श्रेणी न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना-पत्र देकर स्‍टे लिया जा सकता है पुलिस को सूचना दे सकता है । पुलिस भी कोर्ट से स्‍टे ले सकती है एवं नुक्‍ते को रूकवा सकती है । सामान को जब्‍त कर सकती है ।
कोर्ट स्‍टे का पालन न करने पर सजा :-
धारा 6 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति कोर्ट से स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज करता है तो उसको एक वर्ष जेल की सजा एवं एक हजार रूपये के जुर्माने या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
सूचना न देने वाले पंच-सरपंच-पटवारी को भी सजा :-
धारा 7 में लिखा है कि यदि मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना कोर्ट के स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज आयोजन होने की सूचना पंच, सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक कोर्ट या पुलिस को नहीं देते हैं एवं जान बूझकर ड्यूटी में लापरवाही करते हैं तो ऐसे पंच-सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक को तीन माह की जेल की सजा या जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज में धन या सामान देने वाला रकम वसूलने का अधिकार नहीं है :-
धारा 8 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज हेतु धन या सामान उधार देता है तो उधार देने वाला व्‍यक्ति, बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज करने वाले से अपनी रकम या सामान की कीमत वसूलने का अधिकारी नहीं होगा । वह कोर्ट में रकम वसूलने का दावा नहीं कर सकेगा । क्‍योंकि रकम उधार देने वाला या सामान देने वाला स्‍वयं धारा 4 के तहत अपराधी हो जाता है ।
अत: यदि कोई व्‍यक्ति अंधविश्‍वास में फंसकर या उकसान से मृत्‍यु-भोज कर चुका है और उसने किसी से धन या सामान उधार लिया है तो उसको वापिस चुकाने की जरूरत नहीं है । अत: सभी बुद्धिजीवियों का कर्तव्य है कि मृत्‍यु-भोज को रूकावे न मानने पर कोर्ट से स्‍टे लेवे एवं मृत्‍यु-भोज करने व कराने वालो को दण्डित करावें ।
इस देश का जन सामान्‍य, भोले-भाले, अनपढ़, रूढ़ीवादी धर्मभीरू श्रमजीवी वर्ग के लोग स्‍वर्ग-मोक्ष के अंधविश्‍वासी कर्मकाण्‍डों में सस्‍कारों में जीवन भर फंसे रहते है । ये संस्‍कार, कर्मकाण्‍ड इनके काले-भालू रूपी कम्‍बल की भांति लिपट गये है जो छोडना चाहने पर भी नहीं छूटते है है बल्कि गरीबों-कंगाली व बर्बादी के गर्त में डूबों रहे हैं ।


Thursday, July 2, 2020

दुबई से हीरा लाल रैगर पांच माह से लापता, पत्नी ने सरकार से पति के वतन वापसी की गुहार लगाई



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) l सीकर जिले के दांतारामगढ़ से हीरा लाल रैगर कमाने के लिए दुबई गया हुआ है, वह पिछले 18 वर्षों से दुबई में आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा है l पांच महीने पहले 19 जनवरी को फोन पर पत्नी से आखिरी बार बात हुई उसके बाद से उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है । पत्नी ने भारतीय विदेश मंत्री, मुख्यमंत्री,सांसद, विधायक और कलेक्टर को पत्र लिखकर पति के वतन वापसी की गुहार लगाई है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ कस्बे के वार्ड नंबर 17 का रहने वाला 38 वर्षीय हीरा लाल रैगर पिछले 18 वर्षों से दुबई में आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा है l हीरा लाल रैगर की 19 जनवरी को आखिरी बार पत्नी से फोन पर बात हुई, उसने फोन पर जल्द ही भारत लौटने की बात कहीं थी । अब उसका फोन नंबर भी बंद है और उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है ।
फोन पर सम्पर्क नहीं होने से परिजन परेशान है, पत्नी सरस्वती देवी और उनकी दो बेटियां व 10 वर्षीय एक पुत्र तथा परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है l वह भारत सरकार से गुहार लगा रही है कि शीघ्र ही उसके पति हीरा लाल रैगर का पता लगाकर उसे भारत लाने की कार्यवाही करें l
परिजनों की और से भारतीय विदेश मंत्रालय में विदेश मंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री,क्षेत्रीय सांसद, विधायक और कलेक्टर को पत्र लिखकर लापता युवक हीरा लाल रैगर के वतन वापसी की गुहार लगाई है । लेकिन अभी तक उसका कहीं कुछ अता पता नहीं है । पांच महीने बीत जाने के बाद भी भारत सरकार व दुबई के आबू धाबी की अल जब्बार ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कंस्ट्रक्शन कंपनी से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया है l परिवार लगातार सरकारी कार्यलयों के चक्कर लगा कर मदद मांग रहा है l

Friday, May 1, 2020

दिल्ली युवा जागृति मंच द्वारा ज्वालापुरी के आसपास क्षेत्रो में गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को भोजन और खाद्य सामग्री के पैकेट व मास्क वितरित किये



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली युवा जागृति मंच के तत्वाधान में मंच के पदाधिकारिगण लॉकडाउन के दौरान ज्वालापुरी कैंप न० 5 के आसपास ओल्ड PVC मार्किट, उद्योग नगर व भीम नगर के क्षेत्रो में झुग्गियों में रह रहे किरायेदार, गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को पका-पकाया भोजन और खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को मास्क बांटकर, घर से बाहर नहीं निकलने और लॉकडाउन के निर्देशों के पालन करने की अपील की ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिल्ली युवा जागृति मंच की ओर से लॉकडाउन के दौरान मंच के चेयरमैन अशोक तंवर व अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल के नेतृत्व में ज्वालापुरी कैंप न० 5 के आसपास ओल्ड PVC मार्किट, उद्योग नगर व भीम नगर के क्षेत्रो में झुग्गियों में रह रहे किरायेदार, गरीब और बेसहारा जरूरतमंद लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किये गए, इसके अलावा सूखा राशन आटा 5 Kg चावल 2.5 Kg दाल 1 Kg खाद्य सामग्री की किट 100 जरूरतमंद लोगों को बांटी गई l

इस दौरान दिल्ली युवा जागृति मंच के कार्यकर्ताओ ने लगातार 8 दिन तक कभी पुरी सब्जी, कभी छोले चावल, कभी आलू चावल की खिचड़ी आदि का भोजन तैयार करवा कर स्वच्छ और स्वास्थ्य के हितकर भोजन के पैकेट में पैक कर बांटे गए, क्षेत्र में गरीब लोगो को 2000 मास्क भी बाँटे और साथ ही क्षेत्रीय लोगो से घर से बाहर नहीं निकलने और लॉकडाउन के निर्देशों के पालन करने की अपील की ।

मंच के अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल ने समाजहित एक्सप्रेस के संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया को बताया कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन की स्थिति में ज्वालापुरी के आसपास क्षेत्रों में कोई भूखा नहीं सोए इसके लिए हमने छोटी सी पहल कर रोजाना भोजन के पैकेट निःशुल्क बांट रहे हैं । मजदूर, गरीब और असहाय लोगों के घरों तक खाद्य सामग्री की किट भी पहुंचा रहे हैं । मंच का मूल उद्देश्य ही मानवता की सेवा की परम कर्तव्य है। हमारे कार्यकर्ताओ की टीम दिन रात इस नेक कार्य मे अपनी सेवा मे लगी हुई है।

इस दौरान चेयरमैन अशोक तंवर व अध्यक्ष सुरेन्द्र बहल,सलाहकार भगवान सिंह भंडारी, कोषाध्यक्ष राकेश खिच्ची, सचिव पप्पू महेंद्वारिया, महासचिव मोहन बड्सीवाल,सदस्य गुलशन बागड़ी,पप्पू गुप्ता, काले पंवार, सज्जन नगर सहित अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।