Saturday, August 17, 2019

दिल्ली सिविल डिफेन्स के वालंटियर्स ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ज्वालापुरी के पार्क में वृक्षारोपण किया



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रजनी गाड़ेगांवलिया) l  स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन के अवसर पर दिल्ली सिविल डिफेन्स (पश्चिम जिला) की मियांवाली नगर डिवीज़न के डिवीज़नल वार्डन रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया द्वारा पर्यायवरण संरक्षण और हरियाली बचाने के उद्देश्य हेतु ज्वालापुरी B ब्लाक के पार्क में पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया l जिसमे सिविल डिफेन्स के वालंटियर्स ने भाग लिया और 20 नीम,जामुन तथा फलदार और छायादार पौधे लगाये गये हैं।
भारत जैसे प्रकृति पूजक देश में पर्यावरण पर गंभीर संकट खड़े हैं और इस समस्या से निपटने के लिए सभी लोगों को हर मौके पर पर्यावरण संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में वृक्षारोपण करना चाहिए। यह नेक कार्य सभी तबके के लोगों को करना जरूरी है। पर्यावरण को बचाने में पौधारोपण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डिवीज़नल वार्डन रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया ने बताया पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरुक करने और ज्वालापुरी क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिये सावन माह के अंत में पूर्णिमा के दिन पौधारोपण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वृक्षारोपण के कार्यक्रम में आपका शामिल होना ही एक पुण्य का कार्य है। आज विकास की दौड़ में कहीं न कहीं हम सभी प्रकृति की उपेक्षा कर रहे हैं। जिसका खामियाजा भी हमे ही भुगतना भी पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वृक्ष लगाने से जहां पर्यावरण दूषित होने से बचेंगा वहीं आम लोग को भी इससे लाभ होगा l भारतीय संस्कृति में पेड़, पौधे, नदी आदि पर्यावरण से संबंधित प्राकृतिक संसाधनों की पूजा की जाती है। इसके पीछे इन सभी का महत्व समझने का संदेश छिपा होता है। पर्यावरण को संरक्षित करने में हम सभी की भागीदारी होनी चाहिए। इसलिए हर मनुष्य को अपने जीवन में एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। हम सभी को पौधरोपण तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इन पौधों की देखभाल तब तक करनी चाहिए, जब तक वह वृक्ष का रूप धारण न कर ले।
पौधारोपण के कार्यक्रम में अखिल जोशी,संजय कराडिया, गुलशन,एकता, मीना, नीरज कुमार,वीरेंद्र कुमार, अजीत, शशिपाल अरोरा , अंजू, सुरिन्द्र,प्रवेश मेहरा, पवन,विशाल,राहुल प्रकाश,पुनीत अग्रवाल इत्यादि ने भाग लिया l


सिविल डिफेन्स वालंटियर अखिल जोशी ने सड़क दुर्घटना में घायल युवक की मदद कर अस्पताल पहुँचाया


दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना हमारा प्रथम कर्तव्य है, इस वाक्य को साकार किया दिल्ली सिविल डिफेन्स के वालंटियर युवा अखिल जोशी ने यह वाकया बुदवार 14 अगस्त का है,एक बाइक सवार युवक को अज्ञात कार टक्कर मार कर चली गई जिससे युवक को चोटे आई और बाइक सवार घायल हो गया l अखिल जोशी अपने सारे काम छोड़कर उस घायल को मदद देने में जुट गए और PCR बुलाकर अस्पताल पहुँचाया l
अखिल जोशी ने बताया कि बुदवार 14 अगस्त 2019 को दोपहर के समय मैं अखिल जोशी सिविल डिफेन्स वालंटियर भर्ती न० 222/305 अखिल जोशी स्वतंत्रता दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम हेतु पौधे लेने नर्सरी जा रहा था l जैसे ही मैं गुरु हरकिशन नगर स्थित एस.एस. मोता सिंह स्कूल के पास पहुंचा तो मैंने देखा कुछ लोगो जमा हुवे हुए थे मैंने अपनी स्कूटी रोकी और लोगो से पूछा ये कैसे हुआ तो लोगो ने बताया कि अज्ञात कार वाला बाइक को टक्कर मार कर भाग गया l मैंने बीच सड़क में गिरे घायल घबराये युवक को सांत्वना देते हुए उठाया और पटरी पर बैठाया l
मैंने घायल युवक के फोन से 100 न० पर कॉल कर अपना परिचय देते हुए घटना की जानकारी दी, जब तक PCR आती मैंने उसके चोटिल पैर से बह रहे खून को रोकने के लिए अपने रुमाल से पट्टी बांध दी ताकि ज्यादा खून ना बहे l थोड़ी देर बाद PCR आ गई l मैंने सिविल डिफेन्स से जो ट्रेनिंग ली हुई थी उसी के मुताबिक घायल युवक के चोटिल पैर को अपने पैर पर रखवा कर धीरे धीरे चला कर PCR तक लेकर गया और उसे PCR में बैठाकर अस्पताल पहुँचाया l  PCR में तैनात पुलिसकर्मी ने मेरी सारी डिटेल नोट कर कहा आप अब जा सकते आपने बहुत अच्छा कार्य किया है, हम इस युवक अस्पताल ले जाते है l
सुप्रीम कोर्ट की पहल पर सड़क सुरक्षा नीति के तहत सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों की मदद कर उनको अस्पताल पहुंचाने पर सरकार द्वारा मददगार को गुड सेमेरिटन प्रोत्साहन पत्र  देकर प्रोत्साहित करने का प्रावधान है l युवा अखिल को भी सरकार द्वारा गुड सेमेरिटन प्रोत्साहन पत्र  देकर सम्मानित किया जाना चाहिए l





Saturday, August 3, 2019

धार्मिक अन्धविश्वास और पाखंड से दूर चुरू जिले की तारानगर तहसील का गांव ‘लांबा की ढाणी’ के लोग मृतकों की अस्थियां नदी में विसर्जन करते



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l राजस्थान के चूरू जिले के अंतर्गत तारानगर तहसील का गांव 'लांबा की ढाणी' के लोग अंधविश्वास और आडम्बर से दूर रहकर शिक्षा व मेहनत के बल पर सरकार में प्रशासनिक सेवा, वकालत, चिकित्सा, सेना और खेलों में सक्रिय रहकर गांव का नाम रोशन कर रहे है । लांबा की ढाणी के लोग मृतकों की अस्थियां नदी में विसर्जन करने नहीं ले जाते। गांव में कोई मंदिर या कोई अन्य धार्मिक स्थल नहीं है ।

नदियों का जल प्रदूषित होना वर्तमान समय की एक सबसे बड़ी समस्या है, जो आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत समाज में तेजी से बढ़ रहा है । आज शिक्षित वर्ग भी धार्मिक कर्मकांड में विश्वास करते हुए लाखों टन पूजन सामग्री व अस्थियाँ जिस तरह से नदियों में प्रवाहित कर रहे है l अपने घरों, उद्योगों की सारी गन्दगी प्रवाहित कर देते हैं। जिसके कारण नदियों का जो जल अमृत माना जाता था जिसके आचमन से हम खुद को पवित्र हुआ समझते थे वह आज पीने तो क्या जानवरों को नहलाने और सिंचाई के काबिल भी नहीं रहा । इस समस्या की ओर ध्यान देते हुए लगभग 70 वर्ष पहले लांबा की ढाणी में रहने वालों ने सामूहिक रूप से तय किया कि गांव में किसी की मृत्यु पर उसके दाह संस्कार के बाद अस्थियों का नदी में विर्सजन नहीं किया जाएगा ।
राजस्थान के विभिन्न भागों में जहां अंधविश्वास के नाम पर तरह तरह की कुरीतियां अपने पांव पसारे हुए हैं वहीं राजस्थान के चूरू जिले में तारानगर तहसील का गांव 'लांबा की ढाणी' एक अनोखा गांव ऐसा भी है जहां के लोग किसी धार्मिक कर्मकांड में विश्वास नहीं करते l यहां के लोग मेहनत और कर्मवाद पर यकीन रखते हैं।

लांबा की ढाणी के लोग मृतकों की अस्थियां नदी में विसर्जन करने नहीं ले जाते l गांव में एक भी मंदिर या कोई अन्य धार्मिक स्थल नहीं है l गाँव में करीब 105 घरों की आबादी है जिसमे 91 घर जाटों के, 4 घर नायकों और 10 घर मेघवालों के हैं l अपनी शिक्षा,लगन और मेहनत के जरिये गांव के दो लोग इंटेलीजेंस ब्यूरों में अधिकारी है, वहीं दो प्रोफेसर, 7 वकील, 35 अध्यापक, 30 लोग सेना में, 30 लोग पुलिस में, 17 लोग रेलवे में, और लगभग 30 लोग चिकित्सा क्षेत्र में गांव का नाम रोशन कर रहे हैं l गांव के पांच युवकों ने खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त किये हैं और दो खेल के कोच हैं l

गांव के 80 वर्षीय एडवोकेट बीरबल सिंह लांबा ने बताया कि कृषि प्रधान गांव में लोगों का शुरू से ही मंदिर के प्रति रूझान नहीं था क्योंकि सुबह से शाम तक लोग मेहनत के काम में ही लगे रहते थे l मगर इसका मतलब यह नहीं है गांव के लोग नास्तिक है l वह कहते हैं कि ग्रामवासी कहा करते थे कि मरण री फुरसत कोने, थे राम के नाम री बातां करो हो” (हमें तो मरने की भी फुरसत नहीं हैं आप राम का नाम लेने की बात करते हो) l

स्वतंत्रता सेनानी पिता स्वर्गीय नारायण सिंह लांबा के पुत्र ईश्वर सिंह ने बताया कि उनके पिता ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी और द्वितीय विश्वयुद्ध तथा 1965 1971 के युद्धों में भी दुश्मनों से लोहा लिया था l उनका 95 वर्ष की आयु में इस वर्ष जनवरी में निधन हुआ, उन्हें उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया l सेना में लगातार 20 वर्ष तक सेवा देने पर उन्हें सेना मेडल भी दिया गया था l
हर व्यक्ति को अपने आस-पास की नदियों के बारे में यह प्रण करना चाहिए कि ना तो वे खुद नदियों को गन्दा करेंगे, न उसमें गन्दगी फेकेंगे बल्कि दूसरों को भी इस बारे में जागरुक करेंगे, और सिर्फ नदियाँ हीं नहीं पानी के जो भी स्रोत हैं जैसे कि झील, पोखर, तालाब, झरने, कुएँ सब की सफाई के बारे में सोचेंगे। अगर हर व्यक्ति यह तय कर ले तो सच मानिए न तो नदियाँ गन्दी होंगी, न कभी पानी की कमी होगी।


Saturday, July 27, 2019

स्वामी आत्माराम लक्ष्य जन्मोत्सव समारोह समिति दिल्ली (पंजी०) द्वारा 28 जुलाई को पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी



कलयुग में भी मानवता कहीं न कहीं जिन्दा है, अक्षम व्यक्ति की सहायता को उठे मानवता के हाथ
दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जीवन भर हम समाज से जो पाते हैं,उसका छोटा सा हिस्सा भी समाज के जरूरतमंद एवं वंचित लोगों को लौटा सके तो इसे अपना सौभाग्य मानना चाहिए। आपका दिया दान किसी की जिंदगी, किसी की खुशियों लौटा सकता है l समाज का सम्पन्न वर्ग समाज के पिछड़े व पीड़ित लोगों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करे, तो समाज प्रगति की राह पर आगे जा सकता है।

समाजहित एक्सप्रेस न्यूज़ पोर्टल ने 08 जुलाई को शीर्षक चुरू में मजदूर राम कुमार रैगर बिल्डिंग निर्माण के दौरान अड्डा टूटने से गिरा, रीढ़ की हड्‌डी टूटीप्रकाशित की थी, जिसमे आर्थिक संकट से जूझ रहे पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की अपील की गई थी l जिसके परिणाम स्वरुप कई लोगो के हाथ पीड़ित परिवार की सहायता के लिए बढे l
चुरू में अपने परिवार का एकमात्र सहारा राम कुमार रैगर पिछले महीने जून में काम करते हुए ऊपर से गिर जाने से रीढ़ की हड्डी टूट जाने से चिकित्सा के खर्च के चलते आमदनी नहीं होने से परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा हैं । हादसे में घायल राम कुमार रैगर का इलाज सीकर के अस्पताल में ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
पूर्व महापौर योगेन्द्र चान्दोलिया से प्राप्त जानकारी के मुताबिक चुरू में रैगर समाज के राम कुमार रैगर (गहनोलिया) की रीढ़ की हड्डी टूटने पर पीड़ित परिवार के लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वामी आत्माराम लक्ष्य जन्मोत्सव समारोह समिति दिल्ली (पंजी०) ने धन संग्रह हेतु अपील की l जिसके तहत समाज के 63 लोगों से दान प्राप्त किया गया। प्राप्त की गयी राशि रविवार 28 जुलाई को समिति के पदाधिकारी चुरू पहुँच कर पीड़ित परिवार को सहायता राशि दी जाएगी।

उपरोक्त घटना की तरह लगभग तीन साल पहले सोशल मीडिया पर खबर आई थी राजस्थान के झाडली गांव में घनश्याम रैगर भट्टे पर मजदूरी करते हुए घायल हो गया जिससे घनश्याम रैगर की भी रीढ की हड्डी टूट गई थी, हमारी संस्था के सामने जैसे यह विषय आया स्वामी आत्मा राम लक्ष्य् जन्मोत्सव समारोह समिति ने तय किया कि झाडली जाकर घनश्याम रैगर की मदद की जाए समिति के सदस्यों ने सहयोग दिया ओर अन्य लोगों के सहयोग से 101000/- एक लाख एक हजार रूपये का सहयोग गांव झाङली जाकर किया था ।

Tuesday, July 23, 2019

समाज सेवा किसे कहते है ? यह समाजसेवक कौन लोग होते है ?


दिल्लीसमाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) ।
आज चारो तरफ समाजसेवको की भीड़ के बीच समाजसेवा का शोर मच रहा है इस शोर के बीच हमे खुद से सवाल करना चाहिए कि समाज सेवा किसे कहते है ? यह समाजसेवक कौन लोग होते है ? समाजसेवा असली मायने में गरीब व असहाय लोगो से प्यार, इनके दुख तकलीफ़ में सहायता और इनके हक अधिकारों के संघर्ष में साथ देना । जो यह सब करता है वही वास्तव में समाज सेवक कहलाने का हकदार है l
अब सवाल उठता है कि क्या समाज के गरीब व असहाय लोगो के दुःख-तकलीफ में शामिल हुए बिना, उसके संघर्ष में भागीदारी किये बिना कोई समाज सेवक कहला सकता है? यह गंभीर विषय है और इस पर चिंतन और मंथन होना चाहिए l
समाजसेवको का दायित्व :
1. समाज में किसी भी तरह के आपसी झगडे न बढ़े । अपने अपने जीवन में आगे बढ़ने का सबको सामान अवसर प्राप्त होता रहे ।
2. सामाज के किसी भी व्यक्ति को अकेला जीवन यापन करने की आवश्यकता न पडे । सब मिल जुल कर एक दूसरे को पढ़ा लिखा सकें, एक दूसरे के दुःख सुख में साथ मिलजुलकर रह सकें और वह चिंताएं मिटाई जा सकें जो की सबकी सांझा है ।
समाज सेवा के लिए समाज के लोग मिल जुल कर अपने लिए एक संगठन बनाते है और सभी लोग मिल जुल कर समाज के विद्वान,सम्पन्न और अच्छे अनुभव रखने वाले लोगों का चयन कर उनको समाज विकास की जिम्मेवारियां सौंपी जाती है ।
सामाजिक संगठन को हम समाज का शरीर माने तो समाज के लोग उसके अंदर का खून है और संगठन के पदाधिकारीगण समाज रूपी शरीर की रीढ़ की हड्डी और हड्डियों का ढांचा है ।

एस.एस.मोटा सिंह मॉडल स्कूल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया


दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । शनिवार 01 दिसम्बर को गुरु हरकिशन नगर में स्थित एस. एस. मोटा सिंह मॉडल स्कूल का वार्षिक उत्सव कार्यक्रम बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में मशहूर कत्थक डांसर पुनीता शर्मा मौजूद रही । कार्यक्रम के थीम अस्तित्व को मुख्य अतिथि व लोगो ने काफी सराहा । कार्यक्रम की शुरुआत शब्द कीर्तन के बाद मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई । इस अवसर पर विद्यालय के छात्र व छात्राओं के द्वारा कई समाजिक सरोकार को रखते हुए कई शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए । रंगारंग कार्यक्रम काफी सराहनीय उत्साहवर्धक रहा ।
वार्षिकोत्सव के कार्यक्रम शुभारंभ शब्द कीर्तन से हुआ उसके बाद स्कूल की उप-प्राचार्या ने गत वर्ष की गतिविधियों और उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। अभिभावको से विद्यालय का प्रागंण लबालब भरा हुआ था । रंगारंग कार्यक्रम में स्कूल के कक्षा एक से कक्षा बारहवीं तक के बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । नन्हे-मुन्ने से लेकर बड़े बच्चों ने संस्कृति व राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति देकर मुख्य अतिथि, अतिथितियो एवं अभिभावको को मंत्रमुग्ध कर दिया । इस कार्यक्रम में बच्चो ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया l इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, अतिथियो सहित शिक्षकगण एव अभिभावकगण मौजूद रहे ।
मुख्य अतिथि व मशहूर कत्थक डांसर पुनीता शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के कार्यक्रम की जो थीम ‘अस्तित्व’ मुझे बड़ा पसंद आया है, देश, समाज और परिवार के उज्जवल भविष्य के लिये महिला सशक्तिकरण बेहद जरुरी है । नारी किसी भी तरह से अक्षम नहीं नारी सदियों पूर्व भी सबल थी और आज भी समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाएं आगे है l समाज में महिलाओं को सिर्फ स्वच्छ और उपयुक्त पर्यावरण की जरुरत है l
स्कूल की उप-प्रधनाचार्या आशु मेहता ने संबोधित करते हुये कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरदार पृथीपाल सिंह भसीन जी के द्वारा जो पौधा लगाया गया था वह आज वट वृक्ष बन चुका है जिसकी छाँव में हजारों छात्र-छात्राएँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । आज उनका स्वप्र साकार हो गया है । छात्र उनके दिखाए मार्ग पर चल कर परिवार, समाज व देश की उन्नति में अपना योगदान दे रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि हमारे विद्यालय में बड़े अच्छे ढंग से पठन पाठन का कार्य होता है और सभी बच्चे बहुत ही अनुशासन में रहकर पढ़ाई करते हैं और सभी अध्यापक हमारे यहां बहुत अच्छे से शिक्षण का कार्य कराते हैं l हमारे विद्यालय का मकसद विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना तो है ही, साथ ही साथ, उन्हें सामाजिक स्तर पर अपने दायित्वों का निर्वाह करना भी सिखाना है ।

इस अवसर पर 2017-18 की परीक्षाओं में जिन विद्यार्थियों ने कक्षा एक से कक्षा बारहवीं तक की कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम रहे उन मेधावी विद्यार्थियों को ट्राफी व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया । शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं व खेलकूद में भी स्कूल के विद्यार्थियों ने उपलब्धि हासिल की है उन विद्यार्थियों को भी ट्राफी व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया । इसके अलावा विद्यार्थियों की उत्तरोत्तर प्रगति के लिये चेक द्वारा प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया ।
वार्षिकोत्सव के कार्यक्रम मंच से स्कूल की हेड गर्ल भूमिका व हेड बॉय करनदीप सिंह मान ने संयुक्त रुप से स्कूल की गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया । उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों के सर्वांगिण विकास पर पूरा ध्यान दिया जाता है । यही कारण है कि स्कूल के बच्चें पढ़ाई के साथ ही सभी गतिविधियों में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं । आध्यात्मिक रूप से और नैतिक रूप से स्कूल बच्चों को अपने भावनात्मक, तकनीकी और पेशेवर कौशल के माध्यम से समृद्ध करने में सक्षम है l
अन्त में स्कूल की ट्रस्टी द्वारा वोट ऑफ थैंक्स देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये प्रधानाचार्या, शिक्षक, शिक्षिकाओं, अभिभावकों,विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों को बधाई व धन्यवाद देते हुए कहा कि इतना भव्य वार्षिकोत्सव विद्यालय के सांस्कृतिक, नैतिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक चेतना के स्फुरण का परिचायक है । एक बार पुन: सबका धन्यवाद किया और राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी ।

Sunday, July 21, 2019

श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की 11वीं पुण्यतिथि रैगर समाज के द्वारा धूमधाम से मनाई गई



वातानुकूलित रैगर समाज धर्मशाला अपनी भव्यता एवं सुंदरता के लिये बाबा के भक्तों की पहली पसंद
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस, (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । देश विदेश में सुविख्यात देवभूमि रामदेवरा (रुणिचा) में दिनांक 16-07-2019 मंगलवार को अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के तत्वाधान में रैगर समाज की विशाल धर्मशाला के प्रागण में श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की 11वीं पुण्यतिथि रैगर समाज के द्वारा धूमधाम से मनाई गई l इसमें रैगर समाज के सैंकड़ो नर-नारियों ने श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य को श्रृद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया l


रैगर समाज के लोगों की आस्था बाबा रामदेव जी महाराज में है। श्रद्धालु रामदेवरा के मेले में प्रत्येक वर्ष लाखो की संख्या में आते है l इन श्रद्धालुओ के लिए पूज्यनीया श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य ने एक सपना देखा था कि रैगर समाज की विशाल धर्मशाला हो जो आधुनिक सुविधाओ से सुसज्जित हो, इसी सपने को साकार करने की जिम्मेदारी 11 वर्ष पूर्व महाराज जी ने मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म लेने वाले नेतराम पिंगोलिया के नेतृत्व 5 लोगो टीम को अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला का दायित्व सौंपा था l

श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य के स्वर्ग सिधारने के बाद से नेतराम पिंगोलिया के नेतृत्व में अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला की कार्यकारिणी की टीम निरंतर कार्य कर रही है l एक मजबूत और प्रगतिशील समाज के निर्माण में भामाशाहो की भूमिका महत्वपूर्ण है । अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के चहुंमुखी विकास के लिए अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए वातानुकूलित कमरें वाली आधुनिक सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला के निर्माण के लिए समाज के दानी सज्जनों से नम्रतापूर्वक आग्रह करने पर दानदाताओ ने बढ़-चढ़कर उदारतापूर्वक सहयोग राशि दी जिससे धर्मशाला में निर्माण कार्य शुरू किया गया ।

रविवार 16 जुलाई 2017 को श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास महाराज जी धर्माचार्य द्वारा निर्मित रैगर समाज की विशाल धर्मशाला में भूतल पर नवनिर्मित 12 वातानुकूलित कमरों व दुकानों का उद्घाटन योगेन्द्र चांदोलिया पूर्व महापौर उतरी दिल्ली नगर निगम व श्रीमती सुशीला मदन खोरवाल (निगम पार्षद) द्वारा किया गाया । नवनिर्मित वातानुकूलित रैगर धर्मशाला के निर्माण से रामदेवरा आने वाले श्रद्धालुओं को सर्व सुविधा युक्त आवास की सुविधा मिलेगी। स्वच्छ प्रांगण, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ बाथरूम और स्वच्छ वातावरण। कमरों में बिस्तर, रंगीन टेलीविज़न, AC व पंखों आदि की बढ़िया व्यवस्था है । सत्संग व भण्डारे की सुविधा भी है l नवनिर्मित वातानुकूलित धर्मशाला में समाज के दानी सज्जनों से प्राप्त सहयोग राशि से ही यह सब सम्भव हुआ है l

दो वर्ष पूर्व भूतल पर 12 वातानुकूलित कमरों के निर्माण के बाद समाज के दानदाताओ के सहयोग से प्रथम मंजिल पर भी पूर्ण आधुनिक सुविधाओं के साथ सुसज्जित वातानुकूलित कमरों का निर्माण शुरू किया गया l जिसमें 12 कमरे जो डबल बेड वातानुकूलित है । भवन में दो हॉल भी वातानुकूलित से सुसज्जित है तथा सभी कमरो के साथ बालकनी व टू साइड ओपन है । प्रथम मंजिल का लगभग 65 प्रतिशत निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है । बाकि के निर्माण कार्य को शीघ्रता से अक्टूबर नवम्बर तक पूरा करने के प्रति गंभीर है l

अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया ने निर्माणाधीन कार्य के बारे में बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है । जल्द ही अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला की वातानुकूलित प्रथम मंजिल बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें अधिक श्रद्धालुओं के रहने के लिए शानदार व्यवस्था हो जाएगी। सभी दानी समाजबंधु धर्मशाला निर्माण में विशेष सहयोग कर रहे है । ऐसे ही सभी के सहयोग से दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाया जाएगा और श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की इस पवित्र धरोहर अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला का जबतक अस्तित्व रहेगा तबतक सभी सहयोगियों का नाम याद रखा जाएगा । हमारी संस्था के पदाधिकारीगण धर्मशाला के चहुंमुखी विकास के लिए बिना किसी भेदभाव और प्रतिशोध की भावना से कार्य करने में विश्वास रखते है, ताकि समाज अपनी समृद्ध संस्कृति और इतिहास पर गर्व कर सकें ।

आधुनिक भौतिकवाद की चकाचौंध से बेचैन तथा अशान्त व्यक्ति बाबा रामदेवजी महाराज की पावन भूमि रामदेवरा पर आकर परमशान्ति अनुभव करता है तथा बाबा रामदेवजी महाराज के दर्शन करने से उसकी आत्मा जागृत और शक्ति प्राप्त होती है ।

अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला (पंजी०), रामदेवरा जिला जैसलमेर द्वारा निर्मित एवं संचालित वातानुकूलित रैगर समाज धर्मशाला अपनी भव्यता एवं सुंदरता से रामदेवरा आने वाले बाबा के भक्तों की पहली पसंद है l इस आधुनिक धर्मशाला में सभी प्रकार की सुविधायें जैसे रेलवे स्टेशन व बाबा के मंदिर के नजदीक, सुन्दर सुसज्जित कमरे, पीने के लिए आर० ओ० वाटर कूलर्, पुरुषों एवं महिलाओं के लिए बाथरूम, इसके अलावा गैर-वातानुकूलित पर्याप्त कमरे, स्नानघर, शौचालय, सत्संग प्रागण व भण्डारे की सुविधा की व्यवस्था है