Tuesday, January 28, 2020

सामाजिक संगठन/संस्था/NGO के कार्यकर्ता

अगर आप किसी सामाजिक संगठन/संस्था/NGO के कार्यकर्ता हैं,तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें व मन से पढ़ें 
प्रिय बंधु/भगिनी,
सामाजिक संस्थाओं में कार्यकर्ता बनना और नाराज होना दोनों चीजें साथ नहीं चल सकती है। इसलिए या तो ये समाज सेवा का ढोंग छोड़ो या नाराज होना छोड़ो...!
  कोई भी संस्था या संगठन बिना अनुशासन के नही चल सकता ! परिवार और संगठन संचालन में कोई अंतर नही है एक सीमा में किया गया मर्यादा उल्लंघन घर के भीतर बैठ कर सुना जा सकता है और सभी को  यथोचित समाधान भी मिलता है लेकिन सीमा से बाहर जाकर किया गया व्यवहार किसी के लिए भी क्षमा योग्य नही है चाहे वह संगठन में कितना भी बड़ा और महत्वपूर्ण हो ! वह संगठन के अनुशासन का विषय है यही बातें बाद में अन्यों के लिए उदाहरण बनती है ।
संगठन  के संचालन में जिसके पास निर्णय करने का अधिकार है संगठन के मुखिया के नाते उसको कभी कभी उसके विपरीत निर्णय भी करना पड़ता है हम ये भी जानते है कि घर परिवार और संगठन बात करने , समझाने, और माफ करने से चलते है  ये निर्णय एक संदेश देने के लिए होते है हमेशा की दुश्मनी के लिए नही और समय आने पर पुनः साथ आ जाते है बहुत सी बातों का समाधान उस समय नही होता लेकिन समय आने पर उसका समाधान निकल ही आता है
मत अनेक-  निर्णय एक की कार्यपद्धति से काम करने वाले हम लोग वर्ष भर देश, समाज के लिए निश्वार्थ भाव से काम करने की उद्घोषणाए करते है भाषण सुनते है मानते भी है लेकिन जैसे ही कभी हमारे मन के विपरीत या विरुद्ध कोई निर्णय होता है हम सब का सच्चा चरित्र सब के सामने आ ही जाता है कि हमने उस निर्णय को कितने मन से स्वीकार किया है ईश्वर ने ये खूबसूरत चेहरा इसलिए ही तो दिया है क्योंकि ये हमारी पहचान तो है ही , साथ ही ये मन के अंदर चलने वाले भावों को बखूबी सार्वजनिक कर देता है और समाज जीवन का अनुभव रखने वाले लोग इन सब की परख करना जानते भी है और पहचानते भी है कि निर्णय के बाद आपका चेहरा क्या बोल रहा है आपके शरीर की भाषा क्या बोल रही है आप किन शब्दो में और किन भावों से बात कर रहे हो ! तब पता चल ही जाता है कि  आप किन छोटी बातों पर नाराज हुए हो ! जैसे:-
👉 मेरा सुझाव नही माना गया ।
👉आपने किसी और का सुझाव मान कर निर्णय किया जिसको मैं पसंद नही करता ।
👉 आपने मुझे नही दिया कोई बात नहीं लेकिन उसको क्यो दे दिया ।
👉 किसी कार्यकर्ता ने मेरा अपमान कर दिया
👉मेरा फोटो नहीं छपा
👉मेरा निमंत्रण पत्रिका में नाम नहीं था,
👉मुझे उसमें कुछ मिलने वाला नहीं था
👉 मुझे कोई पद नहीं मिला
👉मुझे कोई सुनता नहीं है
👉मुझे स्टेज पर नहीं बैठाया
👉मेरा सम्मान नहीं किया
👉मुझे बोलने का मौका नहीं दिया,
👉बार बार आर्थिक बोझ मुझ पर डाल दिया जाता है
👉सभी काम मुझे सौंपा जाता है
👉कोई सुझाव लेते नहीं है....
वगैरह-वगैरह

यह सब क्या है????? इसलिए हम कार्यकर्ता बने हैं..? समाज सेवा का मतलब है यह-सभी बातों का छोड़ देना, और जो छोड़ दे, वही एक अच्छा कार्यकर्ता है , बाकी समाज सेवा का ढोंग करने वाले बहुत मिलते हैं

सच्चा कार्य वही है जो देश ,समाज, संस्था के हित को सर्वोपरि बना सके इसलिए कहा है कि समाज सेवा मतलब तलवार की धार पे चलने का कार्य, और यह कोई कायरों का काम नहीं !
क्या हम ये 9 संकल्प कर सकते हैं?
1. संस्था का अनुशासन मेरे लिए सर्वोपरि है मैं अपने अहम को संगठन संचालन में बाधक नही,  साधक बनाऊँगा !
2. मेरे लिए व्यक्ति नही , संगठन और  विचार महत्वपूर्ण है मैं संगठन से जुड़ा कार्यकर्ता हूँ ना कि किसी व्यक्ति से जुड़ा कार्यकर्ता हूँ !
3. मेरे लिए संस्था का सम्मान पहले है मेरा मान-अपमान बाद में है !
4. संगठन का मतलब सबको साथ लेकर चलना है हमेशा सबको जोड़ने की बात करूंगा , और तोड़ना अपराध है मेरे कारण कोई भी टूटे ना इसका हमेशा ध्यान रखूंगा !
5.संगठन में कार्यकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण धन है - चरित्र का धन । इस पर कभी अंगुली उठे ऐसा अवसर नही दूंगा !
6. सार्वजनिक संस्थाओं और संगठनों  में कार्यकर्ता के लिए आर्थिक हिसाब-  किताब में पूर्णतया पारदर्शिता दूसरा बड़ा धन है हमेशा इसकी रक्षा करूँगा !
7 . संगठन के लिए अपनी व्यक्तिगत गलत आदतों (काम , क्रोध, लोभ ,लालच , आलस्य , राग, द्वेष, ईर्ष्या आदि )का  त्याग करूँगा और अपने व्यवहार को संगठन के अनुरूप बनाऊँगा !
8. संगठन और इसके किसी कार्यकर्ता के बारे में सार्वजनिक रूप से कहीं भी गलत शब्दो का इस्तेमाल नही करूँगा अपनी बात उचित स्थान पर ही कहूंगा !
9. अपनी सामर्थ्य से ज्यादा , निश्वार्थ भाव से तन-मन-धन से संगठन का और इस विचार के लिए जीवन पर्यंत  कार्य करूँगा !
इन्ही संकल्पो के साथ अंत में यही कहना है कि
जिंदगी में संघर्ष जरूरी है इसलिए जो लोग समाज सेवा में अपना मूल्यवान समय दे रहे हैं वे तन-मन-धन से सहयोग देकर समाज के अच्छे कार्यों को आगे बढ़ाएं...🙏
एक बनो, नेक बनो🤝🏻🤝🏻🤝🏻

Monday, January 27, 2020

ईश्वर लाल दोतानिया एक बार फिर सर्वसम्मति से आदर्श रैगर पंचायत सुल्तानपुरी के प्रधान चुने गए



दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l रविवार 26 जनवरी को सुल्तान पुरी में आदर्श रैगर पंचायत के तत्वाधान में पंचायत के चुनाव हेतु विशेष बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में उपस्थित स्वजातीय बन्धुओ द्वारा आदर्श रैगर पंचायत सुल्तानपुरी के प्रधान पद पर सर्वसम्मति से ईश्वर लाल दोतानिया को नियुक्त किया गया l इस अवसर पर उपस्थित स्वजातीय सभी बन्धुओ ने नवनियुक्त प्रधान ईश्वर लाल दोतानिया को फूलों का हार पहनाकर व मिठाई खिलाकर बधाई प्रदान की ।
आदर्श रैगर पंचायत के तत्वाधान में रैगर समाज के लोगो की एक आम सभा आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता बिरदी चन्द नारोलिया और राज कुमार नोगिया ने की l इस बैठक में आदर्श रैगर पंचायत सुल्तानपुरी के उपस्थित समाज बन्धुओ ने चर्चा के दौरान समाज में भाईचारा बढ़ाने हेतु पंचायत में सर्वसम्मति से प्रधान पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा l इस प्रस्ताव का सभी लोगो ने समाजहित में समर्थन किया l
प्रस्ताव का समर्थन होने के बाद प्रधान पद के लिए राज कुमार नोगिया व नरेश कुमार बोकोलिया की तरफ से ईश्वर लाल दोतानिया का नाम प्रस्तावित किया गया। वहां मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से ईश्वर लाल दोतानिया के नाम का समर्थन किया और बिरदी चन्द नारोलिया और राज कुमार नोगिया ने ईश्वर लाल दोतानिया को सर्वसम्मति के साथ आदर्श रैगर पंचायत सुल्तानपुरी का प्रधान चुने जाने का ऐलान किया । जिसके बाद उपस्थित स्वजातीय सभी बन्धुओ ने नवनियुक्त प्रधान ईश्वर लाल दोतानिया को फूलों का हार पहनाकर व मिठाई खिलाकर बधाई प्रदान की ।
इस मौके पर नवनियुक्त प्रधान ईश्वर लाल दोतानिया ने सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि रैगर समाज ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है उसे मैं पूरी मेहनत एवं ईमानदारी के साथ बखूबी निभाउगां और जो मान-सम्मान आज रैगर समाज के लोगों ने मेरा किया है मैं उस सम्मान की लाज रखता हुआ रैगर समाज के विकास के लिए कार्य करूंगा तथा किसी भी सूरत में रैगर समाज को किसी भी स्थिति में नीचे ना देखना पड़े इसका पूरा प्रयास करूगां । 
उन्होंने आगे कहा कि आज रैगर समाज ने भाईचारे का परिचय देते हुए सर्वसम्मति से मुझे प्रधान नियुक्त किया है । मैं और मेरे सहयोगी रैगर पंचायत को समाज में एक अग्रणी भूमिका निभाते हुए ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करूगां तथा सभी रैगर समाज के लोगों को साथ लेकर समाज का काम किया जाएगा और जहां पर भी सरकार की सहयोग की जरूरत होगी वहां पर सरकार का भी सहयोग लिया जाएगा । सदेव रैगर समाज के हितों की सुरक्षा व विकास के लिए प्रयासरत रहूँगा ।
मंगोलपुरी रैगर पंचायत के पूर्व प्रधान रोहताश कुमार बारोलिया ने सर्वसम्मति से नवनियुक्त प्रधान ईश्वर लाल दोतानिया को बधाई देते हुए समाजहित एक्सप्रेस को बताया कि ईश्वर लाल दोतानिया ने अपने पुराने कार्यकाल के दौरान पंचायत में बेहतरीन काम किए जिनको देखते हुए रैगर समाज के सभी लोगों ने एकजुट होकर दोबारा आगामी 2 साल के लिए इन्हें सर्वसम्मति से प्रधान नियुक्त किया है ।
रैगर लक्ष्य पंचायत दिल्ली के संरक्षक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया ने भी सर्वसम्मति से आदर्श रैगर पंचायत के नवनियुक्त प्रधान ईश्वर लाल दोतानिया को बधाई प्रेषित की और वर्तमान मंत्रिमंडल से पूर्व विगत 2 वर्ष के कार्यकाल के दौरान समाजहित में किए गए कार्यों की सराहना की l जिसका ही परिणाम है कि रैगर समाज ने उनको सर्वसम्मति से प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी है l

Sunday, January 19, 2020

श्री बाबा रामदेव भक्ति सागर की ओर से आगामी 25 जनवरी को बाबा रामदेव जी महाराज के भजनों की दूसरी विशाल भजन संध्या का आयोजन नांगलोई में किया जायेगा l



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l  श्री बाबा रामदेव भक्ति सागर के तत्वाधान में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या शनिवार 25 जनवरी 2020 (माघ सुदी एकम) को सांय 3 बजे से बाबा की इच्छा तक सी-ब्लाक,नांगलोई लोकेश सिनेमा, नई दिल्ली-110041 पर कलियुग अवतारी लोक देवता बाबा रामदेव जी महाराज की संगीतमय विशाल दूसरी भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा l
श्री बाबा रामदेव भक्ति सागर टीम के राकेश मौर्या ने बताया कि शनिवार 25 जनवरी 2020 (माघ सुदी एकम) को सांय 3 बजे से बाबा की इच्छा तक बाबा रामदेव महाराज की भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा । भजन संध्या में सुविख्यात बाबा रामदेव महाराज के जम्मा गायक नितेश नादान(रायसिंह नगर),संजय सिंगाडिया व राजबाला (दिल्ली) अपनी भजन मंडली के साथ मधुर भजनों से बाबा रामदेव महाराज की महिमा का गुणगान करेंगे । इस दौरान सांस्कृतिक मनमोहक झांकी भी होगी l
राकेश मौर्या ने आगे बताया कि भजन संध्या में बाबा रामदेव जी महाराज में आस्था रखने वाले स्त्री-पुरुष सभी लोग आमंत्रित हैं, किसी भी तरह के विशेष पास जारी नहीं किये गए है l इस भजन संध्या मे बाबा की दया और दुआ की बरसात होगी, जो जैसा याचक होगा उसको वैसा फल मिलेगा । कोई भी याचक खाली नहीं जाएगा । भूल भटक कर भी जो आ जाएगा, उसको भी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त हो जायेगा l
श्री बाबा रामदेव भक्ति सागर टीम के सदस्य राकेश मौर्या, संजय सिंगाडिया, बुद्धराम सौन्करिया, रोशन परेवा,रमेश रछौया, जीतू गुसाईवाल, धर्मपाल आलोरिया, प्रमोद मुण्डोतिया, पारस सौन्करिया,प्रेमचंद मौर्या, अनिल बालोटिया, शेखर सक्करवाल, दलीप चान्दोलिया, बल्लू सक्करवाल, चेतन, विनोद, भूपेन्द्र, साहुल, राहुल इत्यादि l
भजन संध्या में मुख्य सहयोगी लाजपत जलुथरिया, हेमंत कुरडिया, नंदकिशोर कान्खेडिया, जितेन्द्र अटोलिया, डालचंद मुण्डोतिया, जगदीश भुरंडा, नानक चन्द कुरडिया, राहुल राम, अनिल अटल, विष्णु किराड़, सन्नी जाटोलिया, Crush footwear रवि ट्विंकल,मनोज केवल सिंगाडिया, रमेश कनवाडिया, जयप्रकाश सोनकर, नांगलोई एसोसिएशन चप्पल मार्किट, हंसराज भगत, हेमंत, हनुमान खोरवाल, अतुल इलेक्ट्रॉनिक्स, विजय शर्मा, कुलदीप मौर्या, हरिराम सांकला व अन्य समस्त सहयोगी गण l



Friday, January 17, 2020

रैगर समाज के हित में सामाजिक एकता और विकास पर सुरेश कुमार कनवाङिया ने अपने विचार व्यक्त किये



दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l रैगर समाज पूरी दुनिया में एक है अनेक नहीं, हम सब के खून का रंग भी एक है, हमारा एक ही विशाल रैगर परिवार है और हम सब रैगर समाज में जन्म से हैं यह बहुत बड़ी बात है । विशाल रैगर परिवार में हमारी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष से हो सकती है, नाराजगी प्रकट करने का यह मतलब कतई नहीं होना चाहिये कि हम समाज पर कीचड़ उछाले और गाली-गलौज करें । उस नाराजगी को पूरे समाज पर थोपने से बचिये । आप स्वच्छ और  समाजहित का विचार देना चाहते हैं तो समाज को प्रेषित किजिये, समाज सहर्ष आपके विचारो को स्वीकार कर आपको नमन करेगा ।

विशाल रैगर परिवार की सामाजिक संस्थाएं भी रैगर समाज के लोगो के स्वच्छ व समाजहित के विचारों और सुझावों को व्यक्तिगत रूप, डाक से व मेल के जरिये सहर्ष स्वीकार करें और अपनी प्रतिक्रिया भी जवाब के रूप निर्धारित समय में देने का प्रयास करें l  जिससे समाज में पारदर्शिता बनी रहे और रैगर समाज जन सहयोग से निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहे l
गंगानगर से सामाजिक एकता और विकासपर अपनी राय रखते हुए SBBJ  के वरिष्ठ मैनेजर के पद से रिटायर्ड सुरेश कुमार कनवाङिया ने अपनी आवाजसमाजहित एक्सप्रेस के माध्यम से सामाजिक संगठनो के उन लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है, जो समाज को लेकर चिंतित हैं, समाज की बेहतरी के लिए प्रयासरत हैं, जो समाज में कुछ अच्छा कर रहे, और सामाजिक विकास के लिए नियम व नीति निर्माण करने की तैयारी कर रहे हैं । सुरेश कुमार कनवाङिया ने अपनी लिखित बात बड़ी बेबाकी से रखी और अपने विचार समाज के सामने लाने की कोशिश की है । सुरेश कुमार कनवाङिया के निम्नलिखित सुझाव है :-
1. रैगर समाज के विकास के लिए एक जाति के तौर पर नहीं बल्कि एक बड़े परिवार या समुदाय के तौर पर सोचना और इसके हित अहित की दृष्टि से काम करना होगा ।
2.हमारे नाम के आगे मात्र 'रैगर' लिखने से कुछ नहीं होगा । हम लोग कुछ ऐसे काम करें कि हमारे समाज की छवि अच्छी और एक ब्राँण्ड नेम की बने ।
3. आपसी सहयोग और विश्वास कायम करने पर जोर देना होगा ।
4. आजादी के बाद प्राप्त संवैधानिक अधिकारों के कारण हमारे जिन लोगों को भी शिक्षा, रोजगार, राजनीति,  सामाजिक/धार्मिक सुरक्षा, समग्र समाज के अन्य लोगों से व्यवहार में मिली किसी भी सफलता में समाज का बहुत ही कम योगदान रहा है । पारिवारिक या निजी प्रयासों ने ही अधिक काम किया है । इसीलिए सफल लोग समाज के प्रति किसी जिम्मेदारी को महसूस नहीं करते । केवल रिस्तों के लिए ही समाज की जरूरत नहीं होती । विभिन्न सेवाओं के लिये देश व भेदभाव रहित समाज को हमारे सपूत उपलब्ध हों ।
5. सरकार या अन्य संस्थाओं से सहायता के अलावा अपने स्तर पर भी समाज अपने विकास का मार्ग और योजना बनाये। जिससे हमारे पूर्वजों, सुधारकों,  सन्तों व बाबा अम्बेडकर साहब के सपनों को साकार किया जा सके ।
6. हमारे संगठनों को बिना किसी भेदभाव के समाज की एकता और कल्याण के लिए काम करना चाहिए न कि पद प्रदाता के रूप में या किसी के निजी लाभ के लिए । पद केवल कार्य संचालन व प्रबंधन के लिए हों ।
7. गांव/शहर/तालुका आदि हर क्षेत्र में समाज के लोगों द्वारा लोकल स्तर पर नियमित मासिक बैठक होनी चाहिए जिसमें आपसी मेल-मिलाप, सूचना का आदन-प्रदान, समाज की अच्छी-बुरी परम्पराओं पर आपसी विमर्श और नई व्यवस्थाओं व रोजगार सम्बन्धी नये प्रावधानों पर विचार हो ।
8. सर्वसम्मति से सामाजिक हित के नये प्रस्ताव लागू करें ।
सम्भवतया ऐसे ही कुछ प्रयासों से हमारे समाज के सार्थक विकास को गति और दिशा प्रदान की जा सकती है ।
सुरेश कुमार कनवाङिया, श्रीगंगानगर (राजस्थान) ।

Thursday, January 16, 2020

राजनैतिक पटल पर रैगर समाज को स्थापित करने के लिए हर एक रैगर को संकल्प करना होगा



रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया.  
दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस l हम सभी जानते है कि वर्तमान समय में भारत के सभी राज्यों में रैगर समाज विशाल जनसँख्या में निवास करता है, लेकिन देश की राजनीति में हमारा कोई अस्तित्व नही है l जिसका कोई और कारण नही सिर्फ हमारी इच्छाशक्ति की कमी है । हम में से हर एक रैगर को यह दृढ़ संकल्प करना होगा कि हम अपने समाज को देश के राजनैतिक पटल पर स्थापित करके रहेंगे । इसके लिए सर्वप्रथम हमे दलगत राजनीति व नेताओं का पिछलग्गू बनना छोड़ना पड़ेगा ।

राजनैतिक दल और नेता लोग आपको तब तक आदर नहीं देंगे, जब तक आप स्वयं को आदर नहीं देंगे । ये दल और लोग आपकी कीमत तब तक नहीं समझेंगे, जब तक आप अपनी कीमत नहीं समझेंगे । ये लोग आपकी प्रतिभा को तब तक नहीं पहचानेंगे, जब तक आप अपनी प्रतिभा नहीं पहचानेंगे । हम नही कहते आपको किसी दल या नेता का समर्थन नही करना चाहिए, हम कहते है आप किसी भी दल या नेता का समर्थन करें, परन्तु वहां पर अपने समाज और अपनी कीमत का अहसास जरूर करवाएं ।
आप देश के जागरूक नागरिक होने के नाते चुनाव के दौरान देश हित में किसी को वोट दें कोई आपत्ति नही, विकास और सुशासन के नाम पर किसी को भी वोट दें कोई आपत्ति नही है, परन्तु आप अपने समाज की उन्नति के लिए बुनियादी सुविधाओ और हमारे समाज के होनहार बच्चो की शिक्षा व खेलकूद की व्यवस्था को नजरअंदाज कर, बिना अपना और अपने समाज की ताकत का अहसास कराये वोट करते है तो यह कहीं न कही समाज के लिए हानिकारक जरूर है ।

हमें यह नही भूलना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपका वोट बहुत कीमती होता है । वोट का प्रयोग बिना सोचे समझे नही करें । आप अपना वोट समाजहितैषी और योग्य उम्मीदवार तथा जो क्षेत्र और समाज का सर्वांगीण विकास करें उसके समर्थन में दे । विशाल रैगर समाज का वोट, एक वोट बैंक है किसी भी दल और नेता की हार-जीत में निर्णायक भूमिका अदा करता है और उसी पर किसी दल की सरकार बनने और बिगड़ने का आधार टिका होता है, इसलिए हमे संगठित होकर बिना किसी निजी स्वार्थ के समाजहित के लिए अपने वोट का उपयोग करना चाहिए ।

समाज में जिस बदलाव की हम आशा करते हैं उसे लाने का जरिया भी सिर्फ हम स्वयं ही हो सकते हैं, और अगर हममें से हर कोई रैगर समाज को राजनैतिक पटल पर स्थापित करने की शुरुआत करे l सिर्फ एकमात्र इस कामयाबी को प्राप्त करने के लिए चुनाव में अपने मत का प्रयोग अवश्य करे, तो हम सब मिलकर एक बहुत बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हो सकते हैं ।

(इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं l)



Wednesday, January 15, 2020

भारत में प्रथम बार उपलब्धि हासिल करने वाली महिलायें


प्रधानमंत्री                                                                                                    इंदिरा गांधी
राष्ट्रपति                                                                                                      प्रतिभा पाटिल
लोकसभा अध्यक्ष                                                                                         मीरा कुमार
इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने वाली महिला (भारत एवं विश्व दोनों में)   आरती साहा
राज्यपाल                                                                                        सरोजिनी नायडू (U.P.)
आई.पी.एस.                                                                                                       किरण बेदी
राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष                                                                             ऐनी बेसेन्ट
संघ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष                                                   रोज मिलियन बैथ्यू
नोबेल पुरस्कार विजेता                                                                   मदर टेरेसा (शान्ति हेतु)
मिस वर्ल्ड से सम्मानित                                                                                    रीता फ़ारिया
मिस यूनीवर्स से सम्मानित                                                                           `सुष्मिता सेन
मेयर (मद्रास में वर्ष 1957)                                                                            तारा चेरियन
केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में मंत्री                                                               राजकुमारी अमृत कौर
मुख्यमंत्री                                                                                     सुचेता कृपलानी (UP में)
सांसद  (1938)                                                                                          राधाबाई सुबारायन
सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश                                            मीरा साहिब फ़ातिमा बीबी
उच्च न्यायालय की महिला न्यायाधीश                                                     लीला सेठ (H.P.)
देश की सत्र न्यायाधीश                                                                     अन्ना चांडी (केरल में)
माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही-                                                                  बछेन्द्री पाल
नार्मन बोरलॉग पुरस्कारविजेत                                                                  डॉ. अमृता पटेल
साहित्य अकादमी पुरस्कारविजेता साहित्यकार                            अमृता प्रीतम (1956)
भारत रत्नसे विभूषित                                                                                 इंदिरा गांधी
लेनिन शान्ति पुरस्कारसे पुरस्कृत                                                    अरुणा आसफ़ अली
भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कारसे पुरस्कृत                                             आशापूर्णा देवी (1976)
अंटार्कटिका पहुँचने वाली                                                                           मेहर मूसा (1977)
उत्तरी ध्रुव पर पहुँचने वाली                                                          प्रीति सेन गुप्ता (1993)
नौका द्वारा सम्पूर्ण विश्व की परिक्रमा करने वाली                   उज्जवला पाटिल (1988)
मुख्य अभियन्ता                                                                                  पी.के. त्रेसिया नांगुली
पायलट                                                                                                   सुषमा मुखोपाध्याय
एयर लाइन्स पायलट                                                                             कैप्टन दुर्गा बनर्जी
बोइंग 737‘ विमान की कमाण्डर                                           कैप्टन सौदामिनी देशमुख  
 भारतीय वायुसेना की पैराशूटर                                                                          श्रीगीता घोष
आई.ए.एस.                                                                                        अन्ना जॉर्ज (मल्होत्रा)
प्रथम दूरदर्शन समाचार वाचिका                                                                   प्रतिमा पुरी
संयुक्त राष्ट्र संघ के संगीत समारोह में भागीदारी करने वाली(1966) -एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी
ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाली खिलाड़ी                                       मेरी लीला रो (1952)
ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाली खिलाड़ी (भारोत्तोलन, सिडनी)              कर्णम मल्लेश्वरी    
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली (1970, 400 मीटर दौड़)           कमलजीत संधु राष्ट्रमण्डल खेलों में पदक जीतने वाली                           अमी घिया एवं कंवल ठाकुर सिंह
अन्तर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली                      अंजू बार्बी जॉर्ज
शतरंज में ग्रैण्ड मास्टर विजेता                                                          भाग्यश्री थिप्से (1988)
अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट प्राप्त करने वाली                                इन्दुलजी (1986)
अर्जुन पुरस्कारसे सम्मानित (हॉकी, 1961)                                                एन. लम्सडेन 
अन्तर्राष्ट्रीय फ़ुटबॉल में हैट्रिक करने वाली                                  योलांदा डिसूजा (1978)
अशोक चक्र प्राप्तकर्ता (मरणोपरान्त)                                                              नीरजा भनोत
सेना मेडल प्राप्तकर्ता                                                                             विमला देवी (1988)
स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता                   कादम्बिनी गांगुली (बोस) एवं चन्द्रमुखी बोस  (कलकत्ता विश्वविद्यालय1883)
इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता महिला                                इला मजूमदार (1951)
चिकित्सा में स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता महिला          -विधुमुखी बोस व विर्जिनिया मितर
सर्जन                                                       डॉ. प्रेमा मुखर्जी
रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर                                     के.जे. उदेशी (2003)
नाबार्ड की अध्यक्ष                                             रंजना कुमार
पुलिस महानिदेशक                                            कंचन चौधरी भट्टाचार्य
लेफ़्टिनेंट जनरल                                              पुनीता अरोड़ा
इण्डियन एयरलाइन्स की अध्यक्ष                                 सुषमा चावला
बैरिस्टर कोर्नोनिया (इलाहाबाद उच्च न्यायालय, 1923)                सोराबजी
अधिवक्ता                                                    रेगिना गुहा
राजदूत (सोवियत संघ, 1947)                                    विजय लक्ष्मी पंण्डित
जिब्राल्टर स्ट्रेट तैरकर पार करने वाली महिला                       आरती प्रधान
पावर लिफ़्टिंग में विश्व कीर्तिमान बनाने वाली                      सुमिता लाहा (1989)
तीन खेलों (क्रिकेट, हॉकी एवंबालीबॉल) में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली  शिरीन खुसरो
विश्व की प्रथम कॉमर्शियल टेस्ट पायलट           कैप्टन सुरुन डार्सी एवं कैप्टन रोज़ लोपर
भारतीय वायुसेना के विमान की पायलट                             हरिता देओल
दो बार की माउण्ट ऐवरेस्ट विजेता महिला                           सन्तोष यादव
रैमन मैग्सेसेपुरस्कार प्राप्तकर्ता महिला                            किरण बेदी
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित नायिका                     देविका रानी रोरिक
माउण्ट ऐवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली सबसे कम आयु की पर्वतारोही     डिकी डोल्मा
शान्तिस्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक                 अशीमा चटर्जी
विदेश सचिव                                                   चोकिला अय्यर
देश की मुख्य सचिव                                             निर्मला बुच
अंतरिक्ष यात्री                                                   कल्पना चावला
सीबीआई की संयुक्त निदेशक                                      अर्चना सुन्दरलिंगम
मूर्ति देवी पुरस्कार विजेता                                         प्रतिभा रॉय
राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाली                                   कैप्टन लक्ष्मी सहगल
वायुसेना में एयर वाइस मार्शल और एयर मार्शल                       पी. बंधोपाध्याय
संयुक्त राष्ट्र संघ में असैनिक पुलिस सलाहकार                        किरण बेदी
राजस्व सचिव                                                   विनीता राय
मुक्केबाजी की रेफ़री                                              रज़िया शबनम
अंतरिक्ष में सर्वाधिक समय व्यतीत करने वाली प्रथम भारतीय मूल की महिला-सुनीता विलियम्स
उत्तरी ध्रुव पर पहुँचने वाली प्रथम महिला                             प्रीति सेनगुप्ता
मोम की प्रतिमा मैडम तुसाद संग्रहालय में स्थापित                      ऐश्वर्या राय
दिल्ली के तख़्त पर बैठने वाली पहली महिला सुल्तान                   रज़िया सुल्तान
प्रथम महिला चिकित्सक                                          कादम्बिनी गांगुली
पहली महिला विधायक                                       डॉ. एस. मुधुलक्ष्मी रेड्डी
पहली महिला राज्यसभा स्पीकर                                      सन्नोदेवी
प्रथम मर्चेंट नेवी महिला ऑफिसर                                    सोनाली बनर्जी
भारतीय वायुसेना की प्रथम महिला पायलट                           हरिता कौर देओल
प्रथम व्यावसायिक महिला पायलट                                    प्रेमा माथुर
टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली महिला                मिताली राज