Thursday, November 5, 2020

रैगर समाज का युवा कवि आदित्य मौर्य साहित्य के क्षेत्र में एक जगमगाता सितारा

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जब मानव समाज में मानवीय सरोकारों से जुड़े विषयों के लिए कोई स्थान सुरक्षित न हो । ऐसे समय में एक कवि ही है जो हर स्तर पर बेहद सावधानीपूर्वक गढ़ी गई कविताओं के द्वारा सामाजिक कुरीतियों व राजनैतिक व्यवस्था पर अपना स्पष्ट प्रतिरोध दर्ज कराता है l पाली के युवा कवि आदित्य मौर्य के पास व्यापक सामाजिक अनुभव तो है ही प्रत्येक घटनाक्रम को देखने, समझने और अभिव्यक्त करने की सूक्ष्म अंतरदृष्टि भी है यह अंतरदृष्टि ही कवि आदित्य मौर्य को अपने समकालीनों से अलग बनाती है और विशिष्ट भी । कवि आदित्य मौर्य की अभिव्यक्ति में समाज विकास ही सर्वोपरि होता है l कवि मौर्य ने युवाओ को एक सकारात्मक सोच प्रदान करते हुए लिखा है :-

लोग क्या कहेंगे इसकी चिंता मत करो,

आपको क्या बनना है इस पर विश्वास करो…!!

मारवाड़ जंक्शन के छोटे से गांव कंटालिया के उभरते युवा कवि एवं मंच संचालक आदित्य मौर्य के साहित्य सृजन की प्रतिभा से आज हर कोई प्रभावित है l छोटी सी उम्र में अपनी साहित्य कला से इन्होंने समाज में फ़ैल रही कुरीतियों व अन्याय के विरुद्ध अपनी कविताओ के माध्यम से प्रहार कर समाज के लोगों को जागृत होने की प्रेरणा दी । हिंदी साहित्य के अध्यापक से मिली प्रेरणा के संदर्भ में  गुरु के प्रति अपनी भावना को व्यक्त करते हुए कवि मौर्य ने लिखा :-

रात बड़ी काली थी पर, उजाला बड़ा कर दिया,

रखा जो हाथ सर पर, नया सवेरा कर दिया।

था आज तक मैं बस, गीली मिट्टी का लोंदा,

देकर आकार मुझे, पैरो पर खड़ा कर दिया।

आदित्य मौर्य बताते हैं कि “बचपन में मैंने जब तुतलाती बोली भी ठीक से नही सीखी थी, तब मेरे सर से पिता का साया उठ गया था, जिसके कारण मुझे आर्थिक परिस्थितियों ने जकड़ लिया था, मुझे शुरू से ही कविता का लगाव था, मेरे दोस्त मेरी कविताओं का मज़ाक बनाया करते थे, ऐसी कठिन परिस्थितियों में जब हर कोई हिम्मत हार जाता हैं, मैंने हिम्मत नहीं हारी” l

 

कवि मौर्य द्वारा साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु देश की विभिन्न संस्थाओं ने उनको सम्मानित किया है । अभी हाल ही में रिलीज हुए अन्नदाता सॉन्ग के माध्यम से इन्होंने किसानों के दर्द एवं उनके संघर्ष को बड़ी मार्मिकता के साथ दर्शाया है । इसके अलावा प्रगतिशील समाज की वकालत करने वाले कवि मौर्य ने हर विषय अपनी मार्मिक रचनाओ से प्रबुद्धजनों को आकर्षित किया l

अल्फ़ाज़ो की मिट्टी से, महफ़िलों" को सजाता हूँ..

कुछ को बेकार तो कुछ को, कलाकार नज़र आता हूँ।।

कवि मौर्य पिछले 3 वर्षो से अपनी टीम के साथ मृत्यु भोज, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर स्वरचित कविताओ के माध्यम से लोगों को जागृत किया एवं राजस्थान में जगह जगह समाज बंधुओं को मृत्युभोज ना करने की शपथ दिलवाई ।

जब हौसला बना लिया, ऊँची उड़ान का ,

फिर देखना फिज़ूल है, कद आसमान का ।

इस प्रकार युवा कवि मौर्य ने मुश्किलों को ही अपना हमसफ़र बनाकर एवं शिक्षा के साथ साथ अपनी आत्मीयता, निरभिमानी, स्वाभिमानता व संघर्षशीलता की अनूठी प्रतिभा के बल पर समाज में विशेष भूमिका निभाते हुए अपनी एक विशेष पहचान बनाई और रैगर समाज का नाम गौरवान्वित किया l

Tuesday, November 3, 2020

पश्चिम विहार स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में पिंक मैराथन में बच्चे,युवा व सीनियर सिटीजन के हौसले और जज्बे की दौड़

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l पश्चिमी दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में पिन्काथोंन एम्बेसडर ज्योति राना द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन कर पिन्काथोंन डे मनाया गया l जिसमें 07 से 75 आयु के लोगो ने मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया । पिन्काथोंन डे का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को ब्रैस्ट केंसर और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए बॉलीवुड मॉडल, एक्‍टर और प्रोड्यूसर मिलिंद सोमन द्वारा चलाई गई मुहीम को आगे बढ़ाना है l

दुनिया में मैराथन दौड़ का फिटनेस के मामले में अपना ही एक इतिहास रहा है l रविवार 01 नवम्बर 2020 को पश्चिम विहार स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में पिंक मैराथन के लिए सुबह छह बजे से ही बच्चे,युवा व सीनियर सिटीजन की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी । सभी प्रतियोगी पिंक मैराथन का स्वास्थ्य का वैज्ञानिक संदेश देने लिए मिलकर दौड़ने के लिए उत्साहित नजर आ रहे थे । मैराथन दौड़ से पहले सभी प्रतिभागियों ने संगीत की धुन पर जुम्मा कर दौड़ के लिए खुद को तैयार किया l

पश्चिम विहार स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में सुबह साढ़े छह बजे पिन्काथोंन एम्बेसडर ज्योति राना ने पिंक मैराथन को झंडी दिखाई । लोगो को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए तीन, पांच और 10 किमी की मैराथन में बुजुर्ग,युवा महिला पुरुष और बच्चों ने दौड़ लगाई । जिसमे दिल्ली सिविल डिफेन्स की लेडी चीफ वार्डन संध्या गौतम ने भी भाग लिया l




Friday, October 30, 2020

कांग्रेस प्रत्याशी वार्ड नं 49 देवीलाल कासोटिया ने किया जनसंपर्क, लोगों ने फलों (केलों) से तोला, बंटवाई मिठाईयां और साफे व माला पहनाकर किया जगह जगह जोरदार स्वागत।

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l जयपुर, नगर निगम चुनाव के मद्देनजर राजधानी जयपुर की सीटों पर प्रत्याशियों का सघन जनसंपर्क जारी है। कहीं प्रत्याशियों को फलों से तोला जा रहा है, तो कहीं मालाओं से लादा जा रहा है। साफे भी जमकर पहनाये जा रहे हैं। उधर हर प्रत्याशियों की जुबां पर विकास की बात है।

झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नं. 49 से कांग्रेस प्रत्याशी देवीलाल कासोटिया ने 21 कालोनी-बस्तियों में जनसंपर्क किया।

जनसंपर्क के दौरान गांधी बस्ती में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कासोटिया ने कहा क्षेत्र में विकास के लिए जिन मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है, उसे जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए मैं पूरा प्रयास करूंगा। इस दौरान गांधी बस्ती में कार्यकर्ताओं ने कासोटिया को फलों (केलो) से तोला तो कई जगह साफा पहनाया गया तो कई जगह मालाओं से लादा गया।

कासोटिया ने बुधवार गांधी बस्ती, सिरसी, निरंजन कालोनी, जोगिया की ढाणी, कुम्हारों की ढाणी, बिन्दायिका, पेट्रोल पंप, रैगर बस्ती, नायक बस्ती, राधा विहार व अन्य जगह जनसंपर्क किया। इस दौरान जोगिया की ढाणी व राधा विहार में भाजपा के  50 लोगों को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई।

भारत की बेटी दिव्यांग आस्था ने आत्मविश्वास से प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l देहरादून के करोखी गांव निवासी बलवंत सिंह पटवाल की 16 वर्षीय बेटी आस्था पटवाल  ने अपनी काबिलियत, अपनी मेहनत और अपने दृढ़ संकल्प से हाल ही में संयुक्‍त राष्‍ट्र की 'यूएन वर्ल्‍ड डेटा फोरम कंपटीशन'  नामक एक प्रतियोगिता में दूसरा स्‍थान हासिल कर एक नया इतिहास रच कर उत्तराखंड के नाम का परचम पूरी दुनिया में लहरा दिया है ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहाड़ की बेटी व दून निवासी आस्था पटवाल, बलवंत सिंह पटवाल की चार संतानों में एक है l वह न देख सकती हैं और न ही सुन सकती हैं। हाल ही में आस्था ने अपनी इसी कमजोरी को अपनी ताकत में बदला और आज उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक माने जाने वाली संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 'यूएन वर्ल्‍ड डेटा फोरम कंपटीशन'  नामक एक प्रतियोगिता में शामिल होकर उन्होंने पूरी दुनिया में दूसरा स्थान अर्जित किया है ।

आस्था पटवाल दिव्यांगों को एक आम नागरिक का दर्जा दिलवाने की जिद को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रही है और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 'यूएन वर्ल्‍ड डेटा फोरम कंपटीशन'  नामक एक प्रतियोगिता के माध्यम से विश्व पटल पर अपनी बात रखी और परिणाम आस्था के हक में आया l उसने पूरे विश्व में दूसरा स्थान प्राप्त किया । आखिरकार आस्था पटवाल ने अपनी काबिलियत, अपनी मेहनत और अपने दृढ़ संकल्प से एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है l आस्था द्वारा बनाई गई सांकेतिक भाषा व इशारों में एक मिनट की वीडियो में उन्होंने एक गंभीर मुद्दे की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है ।

आस्था पटवाल के इस वीडियो को सेंस इंडिया नाम के अहमदाबाद के एनजीओ ने बनाया और सपोर्ट किया है । आस्था पटवाल ने कहा- जनगणना के जरिए हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि हम भी इसी दुनिया का हिस्सा हैं । मैं बड़ी होकर टीचर बनना चाहती हूं और अपने जैसों की मदद करना चाहती हूं।

Thursday, October 29, 2020

अजमेर (किशनगढ़) युथ पावर की समाज के लिए सराहनीय पहल

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (प्र स) l रेदासपुत महासभा राजस्थान ‌के संस्थापक एवं सार्वभौमिक मानवाधिकार परिषद किशनगढ के अध्यक्ष एडवोकेट दीपक परसोया ने बताया कि किशनगढ़ ओर मोहनपुरा कि रेदासपुत युथ पावर की टीम द्वारा समाज के गरीब परिवार कि सहायता कर उसे ढांढस बंधाने का कार्य किया गया है

टीम मोहनपुरा किशनगढ़ ने संघठन को अवगत कराया कि गांव में रेदास समाज कि युवती की मृत्यु हो गई है और पीड़ीत परिवार गरीब है और परिवार में मृतका के पति के अलावा कमाने वाला कोई नहीं है,  अतः किशनगढ़ की टीम के प्रयासो से युवाओं ने ढांढस बंधाते  हुए परिवार को सहायता स्वरुप खाद्य सामग्री वितरित की गयी और आर्थिक सहायता भी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है l

इस दौरान दीपक परसोया, अमित गहणोलिया, हरिराम जी, रामजीलाल बोहरा, भागचंद बोहरा, मनोज खोरवाल, अशोक जाजोरिया बिदयाद, पारस दोलिया चीताखेडा उपस्थित थे, और समाज की पुरी टीम द्वारा सहयोग किया गया। साथ ही संघठन द्वारा निर्णय लिया गया कि अजमेर किशनगढ़ के किसी भी गांव में गरीब परिवार को हर संभव मदद का प्रयास किया जायेगा और पुरे राजस्थान प्रदेश के जिलो में कार्यकारिणी गठित कर जल्द ही समाज के विकास और मानवाधिकार की रक्षा के लिए काम किया जायेगा।

रैगर समाज के प्रतिभाशाली युवा कलाकार हरीश फुलवारी ने पेंटिंग की कला के बल पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l ब्यावर में रैगर समाज के प्रतिभाशाली युवा कलाकार हरीश फुलवारी ने 114 कौड़ियों पर प्रथम गुरू माता से लेकर भारत के महापुरुषों के चित्र बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया । इस उपलब्धि पर पर हरीश ने कहा कि माता-पिता, गुरूजनों व डॉ भीमराव अंबेडकर के आशीर्वाद से मेरा नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है l

प्राप्त जानकारी के मुताबिक फुलवारी के अनुसार किसी भी कलाकार के जीवन में प्रथम गुरु माता होती है इसलिए मैंने अपनी माता को गुरु मानते हुए उनका चित्र कोड़ियों पर बनाया l इसके बाद ही मैंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर, महात्मा गाँधी,ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले,एपीजे अब्दुल कलाम,चंद्रशेखर आजाद, मदर टेरेसा, जवाहरलाल नेहरु, अटल बिहारी वाजपेयी, जयनारायण व्यास, जमनालाल बजाज व अशोक गहलोत आदि के चित्र 114 कोड़ियों पर बनाये है l

फुलवारी ने कौड़ियों पर चित्र बनाने के बारें में बताया कि कौड़ियां पवित्र होने के साथ साथ प्राचीन काल में व्यापार में लेनदेन की मुद्रा के रूप प्रयोग होती थी l इसके अलावा कौड़ियां धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक रीति-रिवाजो, तंत्र व चिकित्सा आदि के क्षेत्रों में विशेष उपयोगी रही है l कौड़ियों की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए मैं इन पर पेंटिंग बनाने के लिए प्रेरित हुआ हूँ l

मेरे इस वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में मेरे पिता मदन लाल फुलवारी भाई घनश्याम फुलवारी व पंकज फुलवारी का समय समय पर मार्गदर्शन और सहयोग रहा है और विशेष तौर पर मेरे इस कार्य करने की प्रेरणा और श्रेय प्रथम गुरु मेरी माँ विमला देवी फुलवारी को जाता है । इन सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से आज यह उपलब्धि मुझे हासिल हुई है l

हरीश की पेंटिंग के कार्य को देखने के लिए पूरे भारतवर्ष से लोगों का आना लगा रहता । राजस्थान के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी पहुंचकर हरीश का हौसला अफजाई किया है । हरीश ने अपनी पेंटिंग की कला के बल पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा कर फुलवारी परिवार, ब्यावर राजस्थान सहित रैगर समाज को गौरवान्वित किया है l हरीश की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों को उनके शुभचिंतकों और रैगर समाज के लोगो ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है l

Wednesday, October 28, 2020

लेडी चीफ वार्डेन संध्या गौतम का पीरागढ़ी चौराहे का औचक निरिक्षण, सभी पर्यावरण मार्शल मुस्तेदी से अपने अपने पॉइंट पर काम करते पाये गए

 


दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली में सर्दियों के आगमन के साथ ही प्रदूषण की समस्या पैदा हो जाती है इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 70 विधानसभा क्षेत्रों में युद्ध-प्रदूषण के विरुद्ध नाम से शुरू अभियान के तहत चौराहों पर  रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफकी शुरुआत की है l जिसके लिए दिल्ली के 100 व्यस्ततम चौराहों पर दिल्ली सिविल डिफेन्स के 2500 पर्यावरण मार्शल की तैनाती की गई है । सभी रेड लाइट पर वाहन चालक अपने वाहनो को बंद कर रहे है इस तरह दिल्ली में प्रदूषण को कम करने में हर एक व्यक्ति का महत्वपूर्ण योगदान शामिल है l

पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी के व्यस्त चौराहे पर दिल्ली सरकार की प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध मुहिम को सफल बनाने में दिल्ली सिविल डिफेन्स के 20-20 पर्यावरण मार्शल मोर्निंग और इवनिंग शिफ्ट में लगे है l बुद्धवार को रेड लाइट पॉइंट पर 01बजकर 30 मिनिट पर लेडी चीफ वार्डेन जिला पश्चिम श्रीमति संध्या गौतम ने अचानक दौरा किया, और चारो दिशाओ में तैनात पर्यावरण मार्शलो के पॉइंट पर जाकर निरिक्षण किया, जिसमें सभी पर्यावरण मार्शलो को मुस्तेदी से अपने अपने पॉइंट पर काम करते हुए पाया और सभी को प्रोसहित कर  मनोबल भी बढ़ाया

लेडी चीफ वार्डेन जिला पश्चिम श्रीमति संध्या गौतम ने मोर्निंग शिफ्ट समाप्त होने पर 20 पर्यावरण मार्शलो को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि सभी मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने में व्यापक रुप से प्रदूषण मुख्य कारक हैं । अनगिनत श्वसन समस्याएं, त्वचा रोग, फेफड़ों के कैंसर जैसी कुछ बीमारियाँ है जिन्होंने मनुष्य को पूर्ण रूप से जकड़ रखा हैं, जो मनुष्य के शारीरिक विकास को बाधित कर रही हैं । दिल्ली में रहने वाले हर एक नागरिक के लिए गो ग्रीनप्रेरणादायक वाक्य होना चाहिए और हमें यथासंभव अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, जिससे प्रदुषण कम हो सके ।

उन्होने आगे कहा कि पर्यावरण के अनुकूल कार्य करके, अपने आप को और दूसरों को शिक्षित करना और जागरूकता फैलाना पर्यावरण सुरक्षित करने के प्रति काफी बड़ा योगदान हो सकता हैं । कोरोना और प्रदूषण से बचने के लिए जब भी घर से बाहर निकले पहले चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं l सोशल डिस्टेंस के लिए दो गज की दुरी रखे l सैनीटाईजर का प्रयोग करें l सांसों से शरीर में पहुंचे जहर को बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है, इसलिए पानी पीना नहीं भूलें l प्रदूषण से बचने के लिए खाने में जितना हो सके विटामिन-सी, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं l शहद, लहसुन, अदरक का खाने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें l खांसी, जुकाम की स्थिति में शहद/गुड़ और अदरक के रस का सेवन करें l ड्यूटी से घर पर जाने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें और भाप भी ले l खाने में गुड का प्रयोग अवश्य करें l