Tuesday, August 25, 2020

देह व्यापार की सूचना पर पुलिस का छापा, 1 महिला व 3 युवक गिरफ्तार

 

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l  जालोर में स्थित रामनगर कॉलोनी में एक स्थान पर पुलिस द्वारा मारे गए छापे में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ । पुलिस के अनुसार रामनगर कॉलोनी निवासी दलाल कांतिलाल पुत्र लच्छाराम माली किराये के मकान में बाहर से लड़कियां लाकर यहां उनसे वैश्यावृत्ति का धंधा करवाता था ।


प्राप्त जानकारी के अनुसार जालोर में पुलिस ने यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी l पुलिस के अनुसार सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस उप अधीक्षक जयदेव सियाग व एएसआई शशिकल ने बोगस ग्राहक बनकर उसके किराये के मकान में दबिश दी ।

इस दौरान वैश्यावृत्ति का धंधा करते हुए इन्द्रादेवी (32) पत्नी प्रेमशंकर कोली निवासी 994 सूर्यनगर गहलोतों की डूंगरी धोला भाटा अजमेर, ग्राहक दाउद (25) पुत्र खुर्शीद अहमद अंसारी मुसलमान निवासी बहलोरपुर पुलिस थाना सिहोरा जिला बिजनोर यूपी, दिलदार (21) पुत्र बुंदू अंसारी मुसलमान निवासी बहलोरपुर पुलिस थाना सिहोर जिला बिजनोर यूपी हाल गोडीजी जालोर को वैश्यावृत्ति करते को गिरफ्तार किया । वहीं ग्राहक से दलाल के द्वारा प्राप्त राशि 700 रुपए व अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

वैश्यावृत्ति का धंधा करते हुए पकड़ी गई महिलाओं और अन्य आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है l पुलिस को मानना है कि इन अपराधिक गतिविधियों पर पुलिस की पैनी निगाह बनी हुई है और इनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ।

दलित महिला प्रधान प्रभावती देवी की पीट-पीट कर हत्या

 

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l उतरप्रदेश में बस्ती जिले के परसरामपुर थानांतर्गत नेवादा ग्राम पंचायत में प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर शनिवार को वर्तमान ग्राम प्रधान प्रभावती देवी पर गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने दोपहर में हमला कर दिया। लोगो ने हाथों से और डंडे से ग्राम प्रधान को बुरी तरह पीटा । चोट लगने से वह बेहोश हो गई । बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल अयोध्या ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई । स्थानीय पुलिस ने सुचना मिलने पर बयान दर्ज कर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया । पुलिस मामले की छानबीन कर रही है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नेवादा गांव निवासी सालिकराम की पत्नी प्रभावती देवी (55) वर्तमान में ग्राम प्रधान थी। इससे पूर्व उनका इकलौता बेटा रामप्रकाश सोनकर प्रधान रह चुका है। रामप्रकाश ने तहरीर दी है कि शनिवार को दिन में करीब एक बजे अपनी मां प्रभावती देवी को लेकर बाइक से ग्राहक सेवा केन्द्र महेबा में रुपये निकालने जा रहा था। इसी दौरान गांव के पास ही प्रधानी चुनाव की रंजिश में गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों ने हमला कर दिया और उन लोगो ने हाथों से और डंडो से मेरी माँ को बुरी तरह से पीटा । चोट लगने से वह बेहोश हो गई । मौके पर पहुंचे लोगों ने घटनाक्रम देखा । बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल अयोध्या ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई ।

राम प्रकाश सोनकर पुत्र सालिकराम सोनकर निवासी ग्राम नेवादा थाना परसरामपुर जनपद बस्ती द्वारा थाने में दर्ज कराई शिकायत के आधार पर पुलिस ने 1. पवन कुमार उर्फ पिन्टू निषाद पुत्र संचलाल 2. राजकुमारी पत्नी पवन कुमार उर्फ पिन्टू निषाद 3. संचलाल पुत्र श्रीराम 4. रुपना देवी पत्नी संचलाल 5. जोखना देवी पुत्री संचलाल साकिनान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147/323/504/304 व एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2) व 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया है l

 

Monday, August 24, 2020

दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत का गौरवशाली इतिहास रहा है उस पर विचार करने का समय आ गया है

 

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) l  पिछले कुछ दिनों से दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत, जो दिल्ली में हम सबकी मातृ-संस्था है, पूरे स्वरूप के साथ मेरे मन और मस्तिष्क में छाई रही है । उसकी संपूर्ण यात्रा मानों सजीव हो उठी, उस कालखंड की भी जब मैं नहीं था लेकिन संस्था थी जिसके बारे में मैंने या तो पढ़ा था, अथवा अपने बुजुर्गों के मुहं से सुना था, कि यह हमारी मातृ-संस्था पंचायत तब भी थी जब इसका संवैधानिक स्वरूप नहीं था, और तब भी रहेगी, जब मैं नहीं रहूंगा और यह दुनिया में अपने चरम शीर्ष पर होगी । नई सृष्टि में नए स्वरूप के साथ उभरेगी?  इन्हीं तमाम बातों में विचार करते करते अबतक का ज्यादातर वक्त बीता।

दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के पूर्व सम्माननीय कर्णदारों में श्री पटेल मोहन लाल कांसोटिया जी, चो. पदम सिंह सक्करवाल जी, चो. ग्यारसा राम चांदोलिया जी, चो. कन्हैया लाल रातावाल जी, श्री चन्द्रभान तोणगरिया जी, श्री भौंरी लाल शास्त्री (कनवाड़िया) जी, श्री खुशहाल चन्द मोहनपुरिया जी, श्री किशन लाल कुरड़िया जी, श्री कल्याण दास पीपलीवाल जी, श्री गंगा प्रसाद धूड़िया जी, श्री सुआ लाल कुरड़िया जी, श्री नानक चाँद धनवाड़िया जी आदि ने रैगर समाज को एक गौरवशाली इतिहास दिया है l

हम प्राचीन काल से रैगर समाज की शान को बरक़रार रखते आये हैं लेकिन वर्तमान समय के साथ हम क्या-क्या करते हैं, किस तरह हम इस आदर्श परम्परा को धुंधलाते हैं, किस तरह हम अपनी संस्कृति को शर्मसार करते हैं, कब तक हम संस्कृति एवं परम्परा का यह अपमान एवं अनादर देखते रहेंगे? कब हम सुधरेंगे? कब टूटेगी हमारी यह मूर्छा? नैतिकता का तकाजा है कि हमारा कोई आचरण ऐसा न हो जो किसी की भावना को ठेस पहुंचाए l

माना जाता है कि घटनाएं तो प्रकृति का अंग हैं । प्रश्र यह नहीं है कि कौनसी घटना कब घटती है और उसका निमित्त क्या है लेकिन मनुष्य वह है जो उसकी नकारात्मकता से ऊपर उठकर ऊर्जा को सकारात्मकता में बदले वही मानवता है, और वही समाजसेवा। नकारात्मकताएं सदैव विघटन पैदा करती हैं, अहंकार और आक्षेप की वृद्धि करती हैं। जिसका प्रभाव भविष्य पर पड़ता है अतीत की एक एक घटना, हमारा मार्ग प्रशस्त करती है बशर्तें हम घटनाओं पर न जाए केवल परिणाम से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े । हमें भी यही करना है । स्वयं को तैयार करना है, आगे बढऩे की योजनाएं बनाना है ।

सामाजिक विकास के मार्ग में विषमताएं आती हैं, उनसे विचलित नहीं होना चाहिए l विकास की यात्रा को कंटक और कंकड़ बाधित करने का प्रयत्न करते हैं । विपरीत दिशा में ले जाने का प्रयास करते हैं । विपरीत प्रतिक्रिया देने के बजाए सब अपने है ऐसा विचार कर हमें उन्हें समझाना होगा उनसे फेस टू फेस चर्चा करनी होगी मुझे विश्वास है सब ठीक हो जायेगा । प्रवाह के अनुकूल तो जीना बहुत सहज होता है प्रवाह के विपरीत जीने की क्षमता रखने वालों ने ही आजतक इतिहास बनाए हैं तब किसी एकाध घटनाक्रम, कोई एकाध स्मृति से हमारी यात्रा में गतिरोध कैसे आ सकता है, इसलिए हमें आगे बढऩा है, दो गुने उत्साह से आगे बढऩा है । भविष्य का स्वर्णिम पल आने वाली उपलब्धियां इंतजार कर रही हैं और समाज को भी इंतजार करना अभी बाकी है तब बिना एक क्षण विलम्ब किए हमें पूरी कार्य योजना बनाकर आगे बढऩा है ।

समाज के आगामी विभिन्न आयोजनों में हमे संकल्प लेना है कि हम आधुनिक युग के अनुरुप संगठित हों, शालीन बनें, मर्यादा और आदर्श पर चलें और शक्तिशाली बने । सब व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर समाज को आगे बढ़ावे । व्यक्तिगत अहं, प्रतिष्ठा, वर्चस्र्व को छोड़कर सही दिशा में विचार मंथन शुरु कर समाज की चिंता करें । शक्तिशाली केवल शरीर की नहीं बल्कि मन की शक्ति, बुद्धि का बल, अर्थ की शक्ति, संगठन की शक्ति आदि सभी प्रकार की शक्तियां अर्जित करें । तभी हमारा समाज, हमारा परिवार सम्मानित होगा यही आज की सबसे बड़ी जरुरत है । यह जरुरत व्यक्तिगत और पारिवारिक ही नहीं हमारी मातृ-संस्था दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत को भी है ।

दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत का वैभव बढ़े, प्रतिष्ठा बढ़े और इतनी सक्षम बने कि समूचे रैगर समाज का मार्गदर्शन कर सके जो अतीत में वह करती रही है । वर्षों से हमारे रैगर समाज का जो गौरवशाली इतिहास रहा है उस पर ढंग से विचार करने का अब समय आ गया है ।

Sunday, August 23, 2020

अचरोल में भीम आर्मी भारत एकता मिशन की मीटिंग में कार्यकारिणी गठित की गई

 

दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वाधान में रविवार 23 अगस्त को अचरोल में बहुजन समाज को एकजुट करने के विषय को लेकर कार्यकर्ताओ की मीटिंग का आयोजन किया गया l जिसमें अचरोल की भीम आर्मी भारत एकता मिशन की कार्यकारिणी गठित की गई और समाज में फैली कुरीतियों व सामाजिक बुराईयो को लेकर चर्चा की गई व बहुजन समाज को एकजुट होने पर युवाओं को प्रेरित किया गया l 

 

अचरोल में रविवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा बहुजन समाज को एकजुट करने के विषय को लेकर कार्यकर्ताओ की मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें भीम आर्मी भारत एकता मिशन की कार्यकारिणी गठित की गई l मिशन के वक्ताओ ने समाज में फैली कुरीतियों व सामाजिक बुराईयो को दूर करने को लेकर एक विस्तृत चर्चा की l मीटिंग में उपस्थित बहुजन समाज के युवाओं को संगठन में जुड़कर एकजुटता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया, मीटिंग के बाद अंबेडकर भवन पार्क मे वृक्षारोपण किया गया l जिसमें भीम आर्मी के द्वारा 21 पौधे लगाए l ग्राम पंचायत के अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा के कार्य करने का विस्तार किया l

भीम आर्मी के अध्यक्ष आमेर पायलट मीणा, अचरोल ग्राम पंचायत के अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा, आमेर विधानसभा क्षेत्र अचरोल के भीम आर्मी मंत्री सामाजिक कार्यकर्ता हरीश धौलपुरिया, विष्णु वाल्मीकि, जिला महासचिव हेमराज गागर, मीडिया प्रभारी इंदरजीत झिगोनिया, चोमू प्रभारी बृजेश नारोलिया, सचिव राजकुमार बेनीवाल, प्रभारी आमेर जय कुमार जाटावत, संगठन मंत्री कुंभाराम रैगर, जयपुर सहसचिव बृजेश कुमार दरिया, मंत्री दिवाकर अटल, मानपुर अध्यक्ष कुलदीप अटल, दिनेश जाबडोलिया, राहुल अटल, नरेंद्र जाबडोलिया आदि मौजूद रहे l

Friday, August 21, 2020

सफल सामाजिक सम्मेलनों से समाज संगठित होता है और असफल आयोजन से समाज की आपसी फूट को भी उजागर करता हैं

 

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस, (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । हम समाज की बात करते है तो, संगठन का भी प्रश्न सामने नजर आता है, कि समाज को कैसे संगठित किया जाये । समाज को संगठित करने मे सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित सम्मेलन, बैठको, विचार मंथन शिविरों आदि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । सामाजिक सम्मेलनों के द्वारा समाज के प्रतिनिधि सरकार से अपने हक अधिकार की मांग करता है, सम्मेलन समाज के एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप मे उपयोग किया जाता है, जो समाज विकास के लिए जायज भी है ।

लोकतन्त्र मे जन-बल ही सबसे बड़ी ताकत है, जिसके सामने सरकार को झुकना ही पड़ता है, इसमे देर-सवेर हो सकती है, लेकिन यह सौ फिसदी सच है, जरूरत है तो, निरन्तर प्रयास की । अब प्रश्न उठता है कि सामाजिक सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी किसकी है l  इस तरह के आयोजन मुख्यतः समाज के जनाधार वाले नेता जैसे-वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, मेयर या ऐसे सामाजिक नेता जिनका समाज सेवा का लम्बा इतिहास रहा हो l  जिसकी समाजसेवा को समाज सम्मान की नजर से देखता आ रहा हो या समाज की राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय, जिलास्तरीय संस्थाओं द्वारा अपने क्षेत्राधिकार मे सफल सम्मेलनों का आयोजन किया जाना चाहिये ।

समाज के संगठनों के द्वारा बुलाये गए सम्मेलन एक तरफ जहा, समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागृति पैदा करते हैं, वही दूसरी तरफ, इस तरह के आयोजन को गम्भीरता पूर्वक या पूर्ण मजबूती के साथ नही किया जाता है तो, यह समाज व संगठन की पोल भी खोल देते हैं । जो समाज के लिए बहुत घातक हो सकता है, क्‍योंकि इससे देश मे कार्यरत राजनैतिक पार्टियों को सीधा संदेश जाता है कि, कोनसा समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है, और कौन निन्‍द्रा में है । उसी के अनुरूप सरकार अपनी नितियों बनाती है और क्रियान्वित करती है ।

सामाजिक किसी भी सम्मेलन की सफलता, उसके आयोजकों पर ही निर्भर करती है । क्‍योंकि समाज मे लोग वही है, केवल नेतृत्व करने वाले नेता बदलते रहते हैं । नेतृत्व ही समाज को सफल बनाता है और वही उसकी असफलता का कारण बनता है । इतिहास इस बात का गवाह है ।

सामाजिक सम्मेलनों की सफलता उसके नेतृत्व पर निर्भर करती है । सम्मेलन जब जिला स्तर का हो तो उसका नेतृत्व जिलास्तर के मजबूत जनाधार वाले नेता के नियन्त्रण मे होना चाहिये और जब प्रदेशस्तर का हो तो, उसका नेतृत्व प्रदेश स्तर के मजबूत जनाधार वाले व्यक्तियों के पास होना चाहिये । राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन की अगुवाई राष्ट्रीय नेताओं तथा समाज के सबसे मजबूत समाजसेवी, अग्रणी नेताओं द्वारा कि जानी चाहिये l

किसी भी सामाजिक समारोह या सम्मेलन मे जाने से पहले, कोई भी व्यक्ति पहले निमन्त्रण कार्ड को देखता है कि  कौन-कौन-सा सामाजिक नेता इसमें आ रहा है और इस कार्यक्रम के कौन लोग आयोजक है l यह बात दिखने में बहुत ही छोटी सी है लेकिन, समारोह व सम्मेलनों की सफलता मे इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसलिए आमन्त्रित नेता, आयोजक व निवेदक, शीर्ष मजबूत जनाधार वाले नेता होने चाहिये ।

सामाजिक सम्मेलन समाज के शीर्ष व लोकप्रिय नेतृत्व की स्थिति मे ही सफल हुए है क्‍योंकि समाज मे, लोगों की भीड़, उनका संख्यात्मक बल, अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, आमतौर पर राजनैतिक पार्टिया अपने वोट बैंक (संख्यात्मक बल) के आगे-पीछे घूमती है l राजनीतिक नेताओ का मूल लक्ष्य अपनि पार्टी के लिए वोट बैंक मे बढोतरी करना तथा उसे बनाये रखना । ऐसी स्थिति मे जब सामाजिक सम्मेलनों मे राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय राजनेता अतिथि के तौर पर पधारते है तो उनका मूल उद्देश्य अधिकतम लोगों की सभा को सम्बोधित करना तथा अपने वोट बैंक को बनाये रखना होता है ।

इस तरह के सामाजिक सम्मेलनों का आयोजन बड़े सावधानीपूर्ण तरीके से व सम्पूर्ण समाज को विश्वास मे लेकर तथा सर्वमान्य नेतृत्व के सानिध्य मे आयोजित किया जाना चाहिये । जिसमे समाज को दिशा देने वाले, त्यागवान धर्मगुरूओं को भी शामिल किया जाना चाहिये, क्‍योंकि इस तरह के सफल आयोजन समाज के इतिहास का हिस्सा बनते हैं । जो भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने रहते हैं, वही असफल आयोजन समाज को हतोसाहित करते है और समाज की राजनैतिक पहचान के लिए खतरा भी बन सकते है क्‍योंकि लोकतान्त्रिक देश मे जनबल ही सर्वेसर्वा होता है।

यदि सामाजिक सम्मेलनो का आयोजन का उद्देश्य, कुछ चुंनिदा लोगों को राजनैतिक फायदा पहुचाने के लिए किया गया है, तो फिर इसकी सफलता की उम्मीद करना बेमानी है, क्‍योंकि समाज के लोग इस बात को अच्छी तरह जानते है कि, कौन क्या रहा है, और क्यो कर रहा है, किसे धोखा दे रहा है । क्या इस कार्यक्रम को समाज के हित मे कर रहा है या अपने निजी स्वार्थ पूर्ति हेतू कर रहा है, क्‍योंकि किसी भी नेता का वजूद उसके समाज से है । समाज का वजूद नेता से नही, समाज, नेता बनाता है और मिटाता भी है ।

समाज के लोगो को चाहिए कि ऐसे सम्मेलनों में स्वार्थपूर्ति वाले तत्वों को सावधानी पूर्वक पहचान कर, किनारे लगाने की आवश्यकता है, ताकि वे समाज का अपने निजी स्वार्थ पूर्ति हेतु उपयोग न कर सके ।

Tuesday, August 18, 2020

नवरत्न गुसाईवाल का जयपुर में सिविल डिफेन्स की और से कोरोना योद्धा के रूप में गर्मजोशी के साथ हुआ सम्मान

 

दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l कोरोना संक्रमण के आपदाकाल के दौरान समर्पित निष्ठा भाव से उत्कृष्ट कार्यों में अहम भूमिका निभाने वाले स्वयंसेवको को सम्मानित करने हेतु नागरिक सुरक्षा डिविजन संख्या-05 की और से सोमवार 17 अगस्त 2020 सांय 3.30 बजे जयपुर स्थित चौरसिया गार्डन, मैंन बाज़ार, जगतपुरा में कोरोना योद्धा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया l


आयोजित गरिमामयी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि इंद्र मल बुनकर उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जयपुर, अति विशिष्ट अतिथि फूल चंद्र चौधरी जे. एस. ओ. नागरिक सुरक्षा राजस्थान व जगदीश रावत (vSM)सेवानिवृत्त उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जयपुर रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता एन. के. प्रधान(VSM), डिप्टी चीफ वार्डेन ने की l कार्यक्रम के संयोजक कमोद सिंह डिविजन वार्डेन-05 रहे l सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आयोजित इस सम्मान समारोह में जयपुर डिवीज़न के गणमान्य वार्डनगण व वालंटियर्स उपस्थित रहे ।


अपने घर परिवार व स्वास्थ्य की चिंता किये बिना अपनी सारी क्षमताओं को कोरोना से जारी जंग में नियोजित कर जनता को इस जंग मे विजयी बनाने वाले सिविल डिफेन्स के कोरोना कर्मवीर डिप्टी पोस्ट वार्डन नवरत्न गुसाईवाल को मुख्य अतिथिओ के कर कमलो द्वारा स्मृति चिन्ह और कोरोना योद्धा सम्मान प्रमाण पत्रप्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की l इस कार्यक्रम में नवरत्न गुसाईवाल सहित 62 स्वयंसेवको को भी स्मृति चिन्ह और कोरोना योद्धा सम्मान प्रमाण पत्रदेकर सम्मानित किया l

अध्यक्ष एन. के. प्रधान (VSM), डिप्टी चीफ वार्डेन ने कहा कि आज जो सम्मानित हुए ये वो लोग हैं जिन्होंने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुद सड़क पर रहकर लोगों को घरों में रहने की ताकत दी है । विपदा की इस मुश्किल घडी मे ये सभी लोग देश हित में अपने प्राणों की बाजी लगाकर लाकडाउन में लगातार लोगो को सतर्क करने और सक्रमण से बचाने हेतु स्वच्छता, सोशल डिस्टेंसिंग और सावधानी बरतने पर जोर दिया l इसलिए ये सब असली योद्धा है।

सम्मानित हुए डिप्टी पोस्ट वार्डन नवरत्न गुसाईवाल ने कहा कि कोरोना से बचाव केवल लोगों में जागरूकता और स्वच्छता ही बचाव का उपाय है l मेरी सभी लोगो से अपील है कि कहीं पर भी  जमावड़ा नहीं लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग रखें l आवश्यक न हो तो अपने घरों से बाहर न निकले । यदि आवश्यक कार्य हेतु घरों से बाहर निकलना भी पड़े तो मास्क पहनकर ही निकले । कोरोना महामारी के दिए गए दिशानिर्देश के अनुसार कोई भी लक्षण प्रतीत होता है तो घबराए नही, जांच अवश्य कराए ।


इस अवसर पर कोरोना के विरुद्ध मैदाने जंग में डटे रहे कर्मवीर उन सभी योद्धाओं में, पोस्ट वार्डेन चन्द्र कांत खत्री, एडवोकेट नंद किशोर स्वर्णकार, पी आर तनेजा, ए आर रहमान, रोशन लाल करोल, रविंद्र स्वामी, सुरेंद्र सिंह, डिप्टी पोस्ट वॉर्डन नवरत्न गुसाईवाल, रूप सिंह धाकड़, रामगोपाल बघेल, दिनेश चंद्र गुप्ता, विजय त्रिपाठी, सीताराम शर्मा, सेक्टर वार्डेन रामस्वरूप सैनी दुर्गा सिंह, ओम प्रकाश महावर, भवानी सिंह, हीरा लाल बैरवा, प्रेम शंकर शर्मा, प्रभु दयाल मौर्य, रामू लाल शर्मा,मन्ना लाल, राकेश नामित,कमलेश सैनी बाबु लाल सैनी, घीसालाल महावर आदि को कोरोना योद्धा सम्मान प्रमाण पत्रसे सम्मानित किया गया ।

आयोजित गरिमामयी सम्मान समारोह में सभी मेहमानों का स्वागत एन के प्रधान द्वारा हरा पेड़ एवं मोमेंटो भेटकर किया गया, साथ ही साथ विशेष स्वागत गैलेंट्री अवार्ड के लिए नामित मनीष कुमार सेवदा का भी किया गया l कार्यक्रम उपस्थित सभी वालंटियर्स को सैनीटाइजर, मास्क और पीने को पैक्ड पानी की बोतल दी गई l

Sunday, August 16, 2020

पूर्व प्रधान स्वर्गीय गंगा प्रसाद धुडिया जी को उनकी पुण्यतिथि पर रैगर समाज द्वारा याद किया गया

 

दिल्ली समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l समाजसेवी, पूर्व निगम पार्षद व दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के पूर्व प्रधान स्वर्गीय गंगा प्रसाद धुडिया जी अपने कर्मो व आचरण से रैगर समाज के लोगों के दिलों में सदैव जिंदा है और याद रखे जाते है l उन्होंने सदैव लोगों के सुख-दुख में निस्वार्थ भाव से शामिल होकर अपने व्यवहार के द्वारा लोगों के दिलों में अलग जगह बनाई थी ।

रैगर समाज के समाजसेवी व पूर्व निगम पार्षद गंगा प्रसाद धुडिया जी का ज़िक्र आज सुबह मेरे मित्र गनपत राय मोहनपुरिया ने किया, क्योंकि 16 अगस्त को इनका देहांत हुआ था l इसलिए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धासुमन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की । उन्होंने बताया कि 1967 मे गंगा प्रसाद जी को रैगर पुरा से महानगर परिषद का टिकट मिला, तब मैंने 1967 से इनके नेतृव मे काम किया । धर्मदास शास्त्री जी को पहली बार प्रसाद नगर से नगर निगम का टिकट मिला ।

विपरीत परिस्थितियों में भी सहजता और मुस्कान उनके दो ऐसे हथियार थे जो कभी उनका साथ नहीं छोड़े। इसी के बूते वह हर कठिन काम को भी आसान सा बना लेते थे। शासन-सत्ता में रहने वाले राजनीतिक दलों के लोग उन्हें बहुत पसंद करते थे l राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी रही हो, लेकिन वे अक्सर समाज की जमीन से जुड़े रहे । हमेशा लोगों के हितों के बारे में सोचते थे ।

सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी गंगा प्रसाद धुडिया जी एक ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें स्वयं को लोगों के बीच पाकर बहुत प्रसन्नता होती थी। क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों छोटे और बड़े समारोहों में जाने के लिए सदैव तैयार रहने की उनकी इच्छा से इस बात का पता आसानी से चल जाता है । अपनी हंसमुख कार्यशैली व मिलनसार के चलते धुडिया जी निरंतर सामाजिक व राजनीति की ऊचाई की ओर बढते रहे थे l निगम पार्षद बनकर लोगो के दिलो मे रहे कभी भी किसी के कार्य को मना नही किया l

दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के प्रधान बनकर अपने अमूल्य अनुभव से सदैव समाज की भलाई की और समाज को एक नयी दिशा प्रदान की l कई दशकों तक लगातार कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े रह कर सामाजिक क्षेत्रों तथा कमजोर वर्गों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध रहे । वह एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे तथा वे समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए आजीवन संघर्षरत रहे l